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‘हिजाब पहनोगी तो नौकरी नहीं मिलेगी, नौकरी करनी है तो हिजाब उतारनी पड़ेगी'। ये कोई फ़िल्मी डायलॉग नहीं बल्कि एक होनहार लड़की का वो दर्द है जिसे उसने अपनी नौकरी गंवाने के बाद बयाँ किया है।

कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। सभी सरकारें आम लोगों से सोशल डिस्टेंस मेंटेंन करने को कह रही है। इसके साथ ही वायरस के खतरे को देखते हुए कोरोना के संदिग्धों को आइसोलेशन में रखा जा रहा है, लेकिन इस बीच एक ऐसी खबर आई है जिसके बाद हड़कंप मच गया है।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में सीएए को लेकर विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। छात्रों ने बाबे सैयद गेट पर अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर दिया है।

इस बीच घंटाघर पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के खिलाफ हजरतगंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है।

जेएनयू में हुए इस नए बवाल के कारण देश के और भी विश्वविद्द्यालयों में घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन छात्रों द्वारा किया जा रहा है। छात्रों ने इस हमले के लिए छात्र संगठन एबीवीपी को जिम्मेदार बताया है।

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हुए हिंसक प्रदर्शन के खिलाफ यूपी पुलिस कार्रवाई कर रही है। जगह जगह छोपमारी हो रही है। प्रदर्शनकारियों के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। और उनसे वसूली भी की जा रही है।

नागरिकता संशोधन बिल पर एएमयू छात्रों का आक्रोश बढ़ गया है। मंगलवार को छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी से लेकर यूनिवर्सिटी सर्किल तक बिल के विरोध में पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मशाल जुलूस निकाला। साथ ही बिल की प्रतियां फूंक डालीं और हिंदुत्व मुर्दाबाद के भी नारे लगाए।

आकाश कुलहरी ने कहा कि घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि एएमयू में आये दिन ऐसी घटनायें सामने आती रहती हैं।