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Use Of ChatGPT In Law: अब अदालती फैसलों में भी मददगार साबित हो रहा AI, हाल ही में एक व्यक्ति ने इसकी मदद से मुकदमे में हासिल की जीत
ChatGPT का इस्तेमाल काफी समय से कई तरह के कार्यों के लिए किया जा रहा है, अब कानूनी सलाह के लिए लोग इसका सहारा ले रहे हैं...
ChatGPT (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
AI Uses In Court Decisions: हाल के वर्षों में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) ने कई उद्योगों में एक नई दिशा प्रदान की है। इनमें से एक प्रमुख क्षेत्र है न्यायिक क्षेत्र, जहां तकनीकी विकास न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुलभ, त्वरित और पारदर्शी बनाने में सहायक साबित हो रहा है। एआई के विभिन्न रूपों में से एक प्रमुख रूप है "ChatGPT" जैसे भाषा मॉडल, जिनका उपयोग अब विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिनमें कानूनी सलाह भी शामिल है। हाल ही में इस तकनीक की मदद से एक मुकदमे में जीत हासिल करने में सफलता मिली है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
ये था मामला
यह घटना दिसंबर 2024 में कजाकिस्तान (Kazakhstan) के अल्माटी शहर (Almaty) से सामने आई, जहां केनझेबेक इस्माइलोव अपनी मां को अस्पताल ले जा रहे थे। इस दौरान एक अप्रत्याशित और तनावपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा। सिंगल लेन पर यात्रा करते हुए, अचानक एक कार चालक ने बिना किसी चेतावनी के गाड़ी को सड़क पर रोक दिया, जिससे इस्माइलोव के लिए रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। इस स्थिति ने उनके सामने एक गंभीर समस्या खड़ी कर दी, क्योंकि मेडिकल इमरजेंसी के चलते उन्हें अपनी मां को जल्दी से अस्पताल पहुंचाना था और रास्ता अवरुद्ध होने के कारण समय की बहुत अहमियत थी। इस्माइलोव ने गाड़ी हटाने की विनती की। लेकिन कार चालक ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और गाड़ी हटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद, मजबूरन इस्माइलोव को उसे ओवरटेक करने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई के दौरान, उनकी गाड़ी और अन्य घटनाओं की रिकॉर्डिंग रास्ते में लगे कैमरों द्वारा की गई।
इन कैमरों द्वारा कैद की गई तस्वीरें और वीडियो बाद में अधिकारियों के पास भेजे गए। परिणामस्वरूप, इस्माइलोव को ओवरटेकिंग के लिए नियमों का उल्लंघन करने के कारण चालान भेजा गया। यह मामला कजाकिस्तान में यातायात नियमों के कड़ाई से पालन और सख्त निगरानी की ओर एक और संकेत है।
केस लड़ने के लिए लिया ChatGPT का सहारा
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
ये वाकया एक दिलचस्प और अनोखी घटना में तब तब्दील हुआ जब इस व्यक्ति ने कानूनी केस लड़ने के लिए अदालत में ChatGPT की मदद ली और इस प्रक्रिया के दौरान उसे सफलता प्राप्त हुई। उसे इस मामले में अदालत में पेश होना था, जहां उसे अपनी दलीलें प्रस्तुत करने के लिए एक कानूनी सलाह की आवश्यकता थी। हालांकि, उसकी वित्तीय स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वह एक महंगे वकील की सेवाएं ले सके। इसी दौरान, उसने ChatGPT का उपयोग करने का निर्णय लिया। उसने एक सरल तरीके से ChatGPT से अपने मामले का विवरण साझा किया और उसे सलाह देने के लिए कहा कि उसे किस तरह से अपनी दलीलें प्रस्तुत करनी चाहिए और किस प्रकार के कानूनी दस्तावेज़ तैयार किए जा सकते हैं। ChatGPT ने उसे मामले के विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के लिए जानकारी दी और उसे कुछ सामान्य कानूनी सिद्धांतों के बारे में बताया।
ChatGPT ने अपने उपयोगकर्ता को कानूनी रणनीतियों, संभावित दलीलों और कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया। हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि उपयोगकर्ता को यह स्पष्ट किया गया था कि ChatGPT एक कानूनी पेशेवर नहीं है और यह केवल एक सहायक उपकरण के रूप में काम कर सकता है। ChatGPT ने उपयोगकर्ता को ऐसे कानूनी शब्दों और जार्गनों से परिचित कराया जो सामान्यत: कानूनी दस्तावेजों और दलीलों में उपयोग किए जाते हैं।
इस व्यक्ति ने ChatGPT से जो सलाह प्राप्त की, उसमें निम्नलिखित बिंदु शामिल थे:
1. मामले की कानूनी स्थिति का विश्लेषण:
ChatGPT ने विवाद के कानूनी पहलुओं को समझने में मदद की और उन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जो अदालत में महत्वपूर्ण हो सकते थे।
2. साक्ष्य का संग्रहण और प्रस्तुति:
ChatGPT ने उसे साक्ष्य एकत्र करने और उन्हें सही तरीके से अदालत में प्रस्तुत करने की सलाह दी।
3. कानूनी दस्तावेजों की तैयारी:
उसने साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर कुछ प्रारंभिक कानूनी दस्तावेज़ तैयार करने में मदद की।
4. वकील की मदद के विकल्प:
ChatGPT ने उसे यह भी बताया कि यदि उसे वकील की मदद की आवश्यकता हो, तो वह किस प्रकार से वकील को अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
अदालत में पेश की गई दलीलें
जब यह व्यक्ति अदालत में अपनी दलील प्रस्तुत करने के लिए गया, तो उसने ChatGPT से प्राप्त सामग्री का उपयोग किया। उसकी तैयार की हुई दलीलें और कानूनी दस्तावेज़ काफी सुसंगत और सही थे और अदालत में पेश किए गए साक्ष्य भी ठोस थे। अदालत ने उसकी दलीलों को ध्यान से सुना और उसकी स्थिति को समझने में कोई कठिनाई नहीं हुई।
अदालत का निर्णय
अदालत ने यह पाया कि व्यक्ति की दलीलें वैध थीं और उसने अपना पक्ष प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया था। अदालत ने यह भी माना कि, हालांकि इस व्यक्ति ने एक पेशेवर वकील की बजाय एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रणाली का सहारा लिया, फिर भी उसने कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किया और अपनी बात को सही तरीके से प्रस्तुत किया। अदालत ने इस मामले में पक्ष में निर्णय दिया और व्यक्ति को कानूनी लाभ मिला। यह निर्णय इस बात का संकेत था कि AI आधारित टूल्स, जैसे ChatGPT, न्यायिक प्रक्रिया में सहायक हो सकते हैं, यदि उनका उपयोग सही तरीके से किया जाए।
कानूनी क्षेत्र में AI का भविष्य
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
यह घटना एक उदाहरण है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्यायिक क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। ChatGPT जैसे मॉडल न केवल कानूनी सलाह देने के लिए सहायक हो सकते हैं, बल्कि यह दस्तावेजों की समीक्षा, साक्ष्य विश्लेषण और अन्य कानूनी कार्यों में भी मदद कर सकते हैं। हालांकि, AI का उपयोग कानूनी मामलों में अभी भी एक नई अवधारणा है और इस क्षेत्र में बहुत कुछ विकास और अनुसंधान किया जा रहा है।
भविष्य में, अधिक उन्नत और विश्लेषणात्मक AI सिस्टम न्यायिक प्रक्रियाओं को और भी अधिक कुशल और सटीक बना सकते हैं। यह तकनीकी विकास यह भी दिखाता है कि कैसे तकनीकी उपकरणों का सही और जिम्मेदार उपयोग अदालतों में न्याय की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बना सकता है।