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चैटजीपीटी का जबर्दस्त क्रेज़, 13 करोड़ यूजर्स ने बना डालीं 70 करोड़ फोटो!
ChatGPT: लोकप्रियता के कारण लोगों की डिमांड पूरी करने में देरी हो सकती है और अस्थायी रूप से सेवाओं में गिरावट आ सकती है।
Photo: Social Media
ChatGPT: इन दिनों एआई चैटबॉट चैटजीपीटी के लेटेस्ट वर्जन ने जबर्दस्त तहलका मचा रखा है। यूजर्स चैटजीपीटी की नई इमेज-जनरेशन सहूलियत से मनपसंद फोटो बना रहे हैं – खासकर घिबली स्टूडियो स्टाइल में। यही सबसे वाइरल ट्रेंड बना हुआ है और भारत इसमें काफी आगे है।
2022 में अपनी शुरुआत के बाद से चैटजीपीटी ने इतनी लोकप्रियता नहीं देखी थी जो उसे अब मिल रही है। चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के मुताबिक़ 25 मार्च को इमेज जनरेटर के साथ चैटजीपीटी को अपग्रेड किए जाने के बाद से 13 करोड़ से भी ज्यादा यूजर्स ने 70 करोड़ से ज्यादा इमेज इस ऐप से बनाई हैं। इमेज बनाने में लोग इस तेजी से जुटे हुए हैं कि कंपनी की ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (जीपीयू) गर्म हो कर पिघली जा रही हैं। टजीपीटी के लिए नए यूजर्स साइनअप में उछाल ने कंपनी की क्षमता और संसाधनों पर भी भारी दबाव डाला है। ऑल्टमैन ने घोषणा की कि इमेज जनरेटर की लोकप्रियता के कारण लोगों की डिमांड पूरी करने में देरी हो सकती है और अस्थायी रूप से सेवाओं में गिरावट आ सकती है।
ओपनएआई के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) ब्रैड लाइटकैप के अनुसार बड़ी बात ये है कि भारत चैटजीपीटी के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बन गया है। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन पहले ही कह चुके हैं कि भारत एआई को बहुत तेजी से अपना रहा है। बता दें कि ओपनएआई के नए इमेज जनरेटर की लोकप्रियता में उछाल तब आया जब यूजर्स ने जापानी एनीमेशन कंपनी स्टूडियो घिबली की स्टाइल में असली दुनिया की तस्वीरों को एआई-रेंडर की गई इमेज में बदलने की इसकी क्षमता को खोज निकाला। भारत में वैसे ही लोग फोन, सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट में खूब समय लगाते हैं सो भारत में चैटजीपीटी की इमेज बनाने की नई क्षमता का जैम कर इस्तेमाल किया जाना लाजिमी ही है।