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दिलचस्प हुई तेलंगाना की सियासत, राव को चुनौती देंगी आंध्र के CM जगन की बहन, बनाई नई पार्टी

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की बहन वाईएस शर्मिला रेड्डी ने तेलंगाना में अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है।

Anshuman Tiwari

Anshuman TiwariWritten By Anshuman TiwariShreyaPublished By Shreya

Published on 9 July 2021 8:14 AM GMT

दिलचस्प हुई तेलंगाना की सियासत, राव को चुनौती देंगी आंध्र के सीएम जगन की बहन, बनाई नई पार्टी
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के.चंद्रशेखर राव-वाईएस शर्मिला रेड्डी (फाइल फोटो साभार- सोशल 

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YS Sharmila Enters Politics: तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव (K. Chandrashekar Rao) को चुनौती देने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) की बहन वाईएस शर्मिला रेड्डी (YS Sharmila Reddy) सियासी मैदान में कूद पड़ी हैं। उन्होंने तेलंगाना में अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है और इस पार्टी का नाम होगा वाईएसआर तेलंगाना पार्टी (YSR Telangana Party)।

माना जा रहा है कि शर्मिला ने परिवार के समर्थन से तेलंगाना के सियासी मैदान में उतरने का फैसला किया है क्योंकि उनकी मां विजयम्मा ने बेटी के लिए राज्य के लोगों से समर्थन और आशीर्वाद मांगा है।

उन्होंने कहा कि उनके बेटे जगन और बेटी शर्मिला दो अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों की आशाओं को पूरा करने की कोशिश करेंगे। इसलिए आंध्र प्रदेश के बाद अब तेलंगाना के लोगों को भी हमारे परिवार को आशीर्वाद देना चाहिए। माना जा रहा है कि शर्मिला की सियासी एंट्री से तेलंगाना की सियासत और दिलचस्प हो गई है क्योंकि राव ने यहां मजबूती से पैठ बना रखी है और अब उन्हें एक नई चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

वाईएस शर्मिला रेड्डी (फाइल फोटो साभार- सोशल मीडिया)

टीआरएस और भाजपा पर साधा निशाना

अपनी नई राजनीतिक पार्टी लांच करने की घोषणा करते हुए शर्मिला ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) और भाजपा दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियां मिलीभगत से काम कर रही हैं और राज्य के लोगों को छलने की कोशिश में जुटी हुई हैं।

शर्मिला ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने जनता को बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए थे मगर वे जनता से किए गए वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। घोषणा पत्र में जनता से बड़े-बड़े वादे करने के बाद वे सबकुछ भूल चुके हैं। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच कृष्णा नदी के जल बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक होनी चाहिए। इस बैठक में दोनों राज्यों के हितों को देखते हुए फैसला लिया जाना चाहिए।

तेलंगाना की पदयात्रा का शर्मिला का एलान

आंध्र प्रदेश के दिग्गज नेता रहे वाईएस राजशेखर रेड्डी की बेटी शर्मिला ने अपने दिवंगत पिता के राजन्ना राज्यम का वादा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी वाईएसआर तेलंगाना का मुख्य एजेंडा कल्याण, आत्म समृद्धि और गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आधारित होगा। उन्होंने अपनी पार्टी के नाम का ऐलान करने के साथ ही पार्टी के झंडे का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की शुरुआत करने के बाद सौवें दिन से वे राज्य की पदयात्रा शुरू करेंगी।

शर्मिला ने कहा कि वे राज्य के विभिन्न इलाकों में जाकर क्षेत्रीय लोगों के समस्याओं की जानकारी जुटाएंगी ताकि समय आने पर इन समस्याओं का निवारण किया जा सके। इससे पहले उन्होंने अपने पिता की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर राजशेखर रेड्डी की पत्नी और शर्मिला की मां विजयम्मा ने तेलंगाना के लोगों से अपील की कि वे उनकी बेटी को आशीर्वाद दें।

(फोटो साभार- सोशल मीडिया)

भाई का चुनाव प्रचार कर चुकी हैं शर्मिला

तेलंगाना के सियासी मैदान में उतरने से पहले शर्मिला विधानसभा चुनाव के दौरान अपने भाई जगन मोहन रेड्डी का प्रचार कर चुकी हैं। जानकारों का कहना है कि पहले उन्होंने अपने भाई जगन की पार्टी का विस्तार तेलंगाना में करने का अनुरोध किया था मगर जगन इसके लिए तैयार नहीं हुए। उनका मानना था कि ऐसा कदम उठाने से पार्टी को नुकसान हो सकता है। इसके बाद शर्मिला ने तेलंगाना में खुद की पार्टी बनाकर सियासी मैदान में उतरने का फैसला कर लिया।

फीडबैक लेने के बाद सियासी मैदान में उतरीं

इससे पहले उन्होंने तेलंगाना के अपने करीबी विश्वासपात्रों के साथ बैठक की थी और उनसे फीडबैक लेने की कोशिश की थी। फरवरी में उन्होंने सभी से बात करने के बाद नई पार्टी लांच करने का संकेत दिया था। उनका कहना था कि भाई सीएम जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश में अपना काम करेंगे जबकि मैं तेलंगाना के सियासी मैदान में उतरूंगी। शर्मिला का कहना है कि हमारे बीच भाई-बहन का रिश्ता बना हुआ है और राजनीतिक रूप से हमने अपना अलग रास्ता चुना है।

सियासी जानकारों का कहना कि शर्मिला के सियासी मैदान में उतरने से अब तेलंगाना की सियासत काफी दिलचस्प हो गई है। वाईएसआर के साथ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लोगों का भावुक रिश्ता जुड़ा हुआ है और ऐसे में शर्मिला की चुनौती को कम करके नहीं आंका जा सकता।

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