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मॉब लिंचिंग: इन्द्रेश से पहले ये पांच बड़े नेता भी उगल चुके है आग

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 24 July 2018 7:12 AM GMT

मॉब लिंचिंग: इन्द्रेश से पहले ये पांच बड़े नेता भी उगल चुके है आग
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लखनऊ: देश में 'मॉब लिंचिंग' की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। राजस्थान के अलवर में गो-तस्करी के शक में एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार 'मॉब लिंचिंग' पर हाल ही में दिए गये अपने एक बयान को लेकर फंस गये है। जिसमें उन्होंने कहा था कि 'मॉब लिंचिंग’ जैसे अपराध रुक सकते हैं यदि लोग बीफ खाना बंद कर दें।

newstrack.com आज आपको इंद्रेश कुमार से पहले ‘मॉब लिंचिंग’ पर विवादास्पद बयान दे चुके पांच बड़े नेताओं के नाम और उनके बयानों के बारे में बता रहा है। जिनके बयान पर काफी हो हल्ला मचा था।

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राहुल गांधी

राजस्थान के अलवर में गो तस्करी के आरोप में मॉब लिंचिंग (भीड़ के द्वारा हत्या) में अकबर नाम के शख्स के मारे जाने के बाद 23 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए इसे प्रधानमंत्री का 'क्रूर न्यू इंडिया' करार दिया था। बाद में राहुल के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए उन्हें नफरत का सौदागर करार दे दिया।



फारुख अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का 19 जुलाई 2018 को 'मॉब लिंचिंग' के मामले में एक बयान सामने आया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में मुसलमानों को मारा जा रहा है और भीड़ पागल कुत्ते की तरह उनके पीछे दौड़ रही है। आज वो ताकतें हैं जो यहां अमन नहीं चाहती है क्योंकि उनका धंधा ही हमारे मरने से चलता है। फारूक अब्दुल्ला ने ये बयान उत्तरी कश्मीर के सीमान्त जिले कुपवाड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए दिया था।

गिरिराज सिंह

नवादा में 'मॉब लिंचिंग' के आरोपियों से मिलने के बाद 11 जुलाई 2018 को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का एक बयान सामने आया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि ''ये सोचना दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदुओं को दबाकर सांप्रदायिक सौहार्द्र कायम किया जा सकता है। मैं सरकार और समाज से इस सोच को बदलने की अपील करता हूं।''

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जयंत सिन्हा

झारखंड के रामगढ़ में 'मॉब लिंचिंग' के आठ आरोपियों के जेल से बाहर आने के बाद केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि वे मॉब लिंचिंग’ में फंसे उन सभी लोगों की हर संभव मदद भी करेंगे।

मॉब लिंचिंग’ आरोपियों के स्वागत की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो गई थी। जिसके बाद लोगों ने आरोपियों के स्वागत और उनकी हर संभव मदद करने की बात पर जयंत सिन्हा कड़ी निंदा की थी।

असदुद्दीन ओवैसी

राजस्थान के अलवर में गो-तस्करी के शक में एक व्यक्ति की हत्या को लेकर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने 21 जुलाई 2018 को ट्वीट करते हुए मोदी सरकार पर हमला किया था। उन्होंने मॉब लिंचिंग की बढ़ रही घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि देश में गाय तो सुरक्षित है लेकिन मुस्लिम नहीं। सोशल मीडिया में इस बयान के सामने आने के बाद से उनकी तीखी आलोचना हुई थी।



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