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इन बाबाओं की शैतानी हरकतों से शर्मसार हुआ साधु समुदाय, उठा लोगों का भरोसा

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Published on 2 Sep 2017 8:52 AM GMT

इन बाबाओं की शैतानी हरकतों से शर्मसार हुआ साधु समुदाय, उठा लोगों का भरोसा
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नई दिल्ली: हमारे देश में साधु-संतों के प्रति इतना श्रद्धा भाव है कि लोग उन्हें भगवान का दर्जा देते हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में साधु वेशधारी कुछ लोगों ने ऐसी घिनौनी हरकतें की। जिससे पूरे साधु समुदाय पर अंगुलियां उठने लगी हैं। प्रतिष्ठित संतों को भी शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। चाहे बाबा रामपाल हो, स्वामी नित्यानंद हो या भीमानंद। इन सबकी करतूतें साधु समाज को कलंकित करने के लिए काफी हैं। ताजा मामला गुरमीत राम रहीम का सामने आया है, जो सभ्य समाज के माथे पर एक ऐसा कलंक है जिसका धुलना असंभव है। हम यहां कुछ ऐसी ही शैतानी करतूतें करने वाले बाबाओं का जिक्र कर रहे हैं।

गुरमीत राम रहीम

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम मौजूदा दौर के सबसे चर्चित बाबा हैं। दो साध्वियों से रेप के मामले में सीबीआई कोर्ट ने बाबा रामरहीम को बीस साल की सजा सुनाई है। बाबा के पास अनुयायियों की कितनी लंबी चौड़ी फौज है कि उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और यूपी में जमकर हिंसा हुई जिसमें 38 लोगों की जान चली गयी और सैकड़ों घायल हो गए। पिछले विधानसभा चुनाव ने बाबा ने भाजपा को समर्थन दिया था। वैसे यह बाबा शुरू से ही विवादित रहा है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 15 अगस्त 1967 को जन्मा गुरमीत अपने पिता के साथ डेरे पर जाया करता था। गुरमीत के पिता डेरे के दूसरे गद्दीनशीन शाह सतनाम जी के शिष्य थे। डेरा सच्चा सौदा की बुनियाद 69 साल पहले 29 अप्रैल 1948 को संत बेपरवाह मस्ताना जी महाराज ने रखी थी। लोगों का कहना है कि वे काफी पहुंचे हुए संत थे। पहले डेरा समाजसेवा के कामों में काफी सक्रिय था, मगर राम रहीम के गद्दी पर बैठने के बाद इसकी साख काफी घट गयी। शाह सतनाम जी ने 23 साल की उम्र में ही गुरमीत राम रहीम को डेरे की गद्दी सौंप दी।

शुरू से ही रसिया : राम रहीम शुरू से ही रसिया किस्म का लडक़ा था। छेडख़ानी के कारण ही उसे नवीं क्लास में स्कूल से निकाल दिया गया था। उसकी रंगीनमिजाजी के किस्से सुनकर लोग हैरत में हैं। यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराए गए बाबा ने अपनी सेवा के लिए 250 से ज्यादा जवान साध्वियों की ड्यूटी लगा रखी थी। डरी हुई साध्वियां अभी तक डर के कारण वे कुछ भी कहने से बचती रही हैं।

बाबा के महंगे शौक : राम रहीम के शौक भी काफी महंगे हैं। बाबा के गैराज में मर्सिडीज, बीएमडब्लू, ऑडी, लेक्सस और टोयोटा जैसी महंगी गाडिय़ों का काफिला है। इसके अलावा उसके पास कई महंगी बाइक भी हैं। वह बुलेटप्रूफ और जैमर लगी गाड़ी पर ही चलता था। बाबा को हेलीकॉप्टर में बैठकर हवा से बातें करने में भी मजा आता था। सिरसा स्थित मुख्यालय में बाबा के लिए दो हेलीकॉप्टर खड़े रहते थे। हेलीकॉप्टर में बैठकर ही बाबा प्रवचन देने जाता था। डेरे के अंदर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए खास हेलीपैड भी बना हुआ है।

67 देशों में संपत्ति : गुरमीत राम रहीम के डेरे की संपत्ति 67 देशों में फैली हुई है। डेरे का मुख्यालय करीब सात सौ एकड़ में फैला हुआ है जिसमें 15 एकड़ में बाबा का आलीशान बंगले मे विलासिता के सारे साधन मौजूद हैं। पंचकुला के सेक्टर 23 में बने डेरे में पुलिस को डेरा मुख्यालय में बाबा के आलीशान बंगले में एक गुफा भी बनी हुई है। इस डेरे की कीमत को लेकर बस अंदाजा ही लगाया जा सकता है। राम रहीम के पास राजस्थान में अस्पताल, गैस स्टेशन, शॉपिंग काम्प्लेक्स अन्य संपत्तियां हैं। देश के कई शहरों में डेरे के पास काफी जमीन है जहां डेरे के कार्यालय चल रहे हैं। इस तरह यह माना जा रहा है कि बाबा के पास अरबों का साम्राज्य है। बाबा की पूरी संपत्ति का अभी तक आंकलन नहीं हो सका है।

बाबा रामपाल

खुद को भगवान और संत कबीर का अवतार घोषित करने वाले बाबा रामपाल की कहानी किसी हिन्दी फिल्म के किरदार सरीखी है। रामपाल का जन्म आठ सितम्बर, 1951 को हरियाणा के सोनीपत,गोहाना में किसान के घर हुआ था। बाबा सिंचाई विभाग में जेई बन गए। लापरवाही के कारण उसे निकाल दिया गया तो रामपाल बाबा बन गया। रामपाल की मुलाकात कबीरपंथी संत स्वामी रामदेवानंद महाराज से हुई थी और वह उसका शिष्य बन गया। 1995 में रामपाल ने सत्संग शुरू किया और 1999 में सतलोक आश्रम की नींव रखी। बाबा ने हरियाणा के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली में भी प्रापर्टी बनाई।

महंगी गाडिय़ों का काफिला : बीएमडब्लू से लेकर मर्सिडीज गाडिय़ों का लंबा काफिला रामपाल के पास था। वह बुलेटप्रूफ सफारी गाड़ी में चला करता था। बाबा के कमांडो उसे चारों ओर से घेरे रहते थे। रामपाल ने बरनाला में 12 एकड़ के आश्रम से रामपाल की गिरफ्तारी के बाद आश्रम से 88 गाडिय़ां जब्त की गयी थीं।

बाबा पर कई मामले : रामपाल ने 2006 में स्वामी दयानंद की लिखी एक किताब पर ऐसी टिप्पणी कर दी थी कि आर्यसमाज व उसके समर्थकों में हिंसक भिड़ंत हो गयी थी। इसमें एक व्यक्ति की मौत के बाद उनके आश्रम को कब्जे में ले लिया गया था। 2006 में रामपाल पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें उसे २१ महीने जेल में रहना पड़ा। मई 2014 में आश्रम में हुई हिंसक झड़प में दो लोगों की मौत हुई। नवम्बर में बाबा को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया मगर बाबा पेश नहीं हुआ। अदालती आदेश की अवहेलना में रामपाल को भारी हंगामे के बाद गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय हंगामा हुआ कि सात लोगों की मौत हो गयी और ढाई सौ से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। कोर्ट ने बाबा समेत 142 लोगों पर देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ। वैसे बीते मंगलवार को बाबा दो मामलों में बरी हो गए मगर अन्य मामलों के कारण उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा।

बाबा स्वामी भीमानंद

इच्छाधारी बाबा के नाम से मशहूर स्वामी भीमानंद महाराज सेक्स रैकेट को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के चमरौहा गांव के रहने वाले स्वामी को 2010 में देह व्यापार का रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक भीमानंद का असली नाम शिवमूरत द्विवेदी है। वह काम के सिलसिले में 1988 में दिल्ली आया था और नेहरू प्लेस स्थित एक पांच सितारा होटल में गार्ड बन गया था।

बाबा का सेक्स रैकेट : 1997 में गार्ड की नौकरी छोड़ शिवमूरत लाजपत नगर में मसाज पार्लर में काम करने लगा। इस दौरान उसे सेक्स रैकेट के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने न सिर्फ नाम बदला बल्कि हुलिया भी बदल लिया और वह खुद को इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद जी महाराज बताने लगा। इसके बाद वह सेक्स रैकेट चलाने लगा। फरवरी 2010 में जब दो एयरहोस्टेस समेत आठ लोगों को सेक्स रैकेट चलाने के मामले में गिरफ्तार किया गया तो खुलासा हुआ कि इसका मास्टमाइंड 40 वर्षीय शिवमूरत द्विवेदी है, जिसे लोग इच्छाधारी संत स्वामी भीमानंद जी महाराज चित्रकूट वाले के नाम से जानती है। दिल्ली पुलिस ने हाल में स्वामी को उसकी महिला साथी के साथ फिर गिरफ्तार किया है।

ठगी में गिरफ्तारी : इस बार बाबा की गिरफ्तारी आईआरसीटीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला से ३० लाख की ठगी के मामले में हुई है। एक महिला ने बाबा के खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी। ऋतु नामक इस महिला ने बाबा पर ठगी का आरोप लगाया था। महिला ने बाबा पर कई और लोगों को भी ठगने का आरोप लगाया। अपनी करतूतों को छिपाने के लिए बाबा ने दिल्ली के बदरपुर में साईं मंदिर भी बनवाया है। लोगों को झांसे में लेने के लिए वह खुद को साईं बाबा का अवतार बताता था। दिल्ली के खानपुर इलाके में बाबा का घर भी मंदिर बन गया है। उसके 13 बैंक खातों में 90 लाख रुपए होने का पता चला है। उसके पास तीन कारें भी हैं। बाबा ने चित्रकूट में भी तीन मंजिला मंदिर बनवा रखा है।

स्वामी नित्यानंद

परमहंस स्वामी नित्यानंद की पोल अश्लील वीडियो ने खोल दी थी। चैनलों पर इसका खूब प्रसारण हुआ जिसमें स्वामी दो महिलाओं के साथ अश्लील कृत्य में शामिल थे। यह खुलासा होने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और कर्नाटक के बिदाड़ी में स्थित उनके आश्रम में जमकर तोडफ़ोड़ हुई। यह आश्रम २९ एकड़ में फैला हुआ है। इस वीडियो में बाबा एक तमिल अभिनेत्री रंजीता से ऑयल मसाज कराते दिखे थे।

बाबा पर कई आरोप : रंजीता ने एक तमिल पत्रिका से बातचीत में खुलासा किया कि वही बाबा का मसाज कर रही थी। रंजीता का कहना था कि वह स्वामी नित्यानंद की भक्त है और आश्रम में बाबा को यौन सेवाएं देती रही है। सेक्स रैकेट के अलावा बाबा अन्य विवादों में घिरे रहे हैं। उनके आश्रम में एक कनाडाई महिला की मौत को लेकर तमाम सवाल उठे थे। चंदन की लकड़ी की तस्करी कराने का आरोप था। विवादों के चलते स्वामी नित्यानंद ने ट्रस्ट व आश्रम के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि जब तक वे खुद को निर्दोष साबित नहीं कर लेंगे तब तक किसी पद पर नहीं रहेंगे। दक्षिण के कई राज्यों की पुलिस बाबा के पीछे लगी थी और आखिरकार हिमाचल प्रदेश के सोलन से बाबा को गिरफ्तार किया गया।

कई महिलाओं से संबंध : बाबा के तमिलनाडु व कर्नाटक में काफी संख्या में भक्त बताए जाते हैं। बाद में सीआईडी ने खुलासा किया कि स्वामी के एक दो नहीं बल्कि कई महिलाओं से शारीरिक संबंध थे। उन महिलाओं में अधिकंाश उनकी शिष्याएं थीं। नित्यानंद की शिष्य मंडली में शामिल होने के लिए सभी को एक कॉन्ट्रैक्ट साइन करना होता था। इसमें साफ लिखा होता था कि आध्यत्मिक क्रियाओं के वक्त उन्हें कपड़े उतारने पड़ सकते हैं या सेक्स करना पड़ सकता है। कॉन्ट्रैक्ट में सभी से शपथ ली जाती थी कि वे इसका खुलासा बाहर किसी से नहीं करेंगे। शिष्यों को बताया जाता था कि मन की शांति के लिए सेक्स जरूरी है। सीआईडी के मुताबिक नित्यानंद के आश्रम में अन्य शिष्य भी यौन क्रियाओं में शामिल थे।

गोल्डन बाबा

बाबाओं की दुनिया में गोल्डन बाबा का अलग ही जलवा है। सावन के महीने में तो बाबा ऐसा गोल्डन अवधार धारण कर लेते हैं कि देखने वालों की भी आंखें चौंधिया जाती हैं। कभी दिल्ली के गांधीनगर कपड़ा मार्केट में एक मामूली दर्जी गोल्डन बाबा आज सोने से लदे रहते हैं। बाबा के श्रद्धा भाव से झुकने वाले बहुत से लोग भी बाबा का अतीत नहीं जानते मगर उनके कुछ नजदीकी लोगों को पता है कि बाबा का अतीत कितना दागदार है।

बाबा पुराने हिस्ट्रीशीटर : बाबा पूर्वी दिल्ली के पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं। बाबा का अतीत कितना दागदार है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके खिलाफ तकरीबन तीन दर्जन मुकदमे अलग-अलग अदालतों में चल रहे हैं। इन मुकदमों में अपहरण, फिरौती, जबरन वसूली, मारपीट, जान से मारने की धमकी जैसे गुनाह शामिल हैं। गोल्डन बाबा आज करोड़ों के जेवर पहनकर विचरण करते हैं मगर एक समय ऐसा भी था जब वे फाका मारा करते थे। ऐसे में हर कोई यह जानना चाहता है कि बाबा ने कैसे-कैसे गुल खिलाकर करोड़ों की दौलत जुटा ली।

दर्जी से बन गए बाबा : दरअसल बाबा पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर के कपड़ा मार्केट में एक मामूली से दर्जी थे मगर शुरू से ही उनके अरमान काफी ऊंचे थे। उन्होंने जल्द ही अपना धंधा बदल लिया और प्रापर्टी की खरीद-बिक्री का काम करने लगे। फिर कुछ दिनों बाद बाबा अंतरध्यान हो गए और सीधे हरिद्वार में जा बसे। हरिद्वार से बाबा नए अवतार में लौटे। अब धंधा पानी छोड़ कर उनका मन बाबागिरी में लग चुका था। बाबा ने गांधीनगर में मंदिर बनवा लिया और धीरे-धीरे इसे आश्रम में बदलकर खुद इसके महंत बन बैठे। महंत बनने के बावजूद सोने की चमक उन्हें लुभाती रही। बाबा अपने आश्रम के लिए दान भी सोने के रूप में लेते रहे। लोगों की आस्था का फायदा उठाते हुए बाबा का नया धंधा इतनी तेजी से ऊंचाई पर पहुंचा कि बाबा सोने से लदे रहने लगे और गोल्डन बाबा के रूप में मशहूर हो गए।

आसाराम बापू

कभी लाखों लोगों की नजर में चमत्कारी भगवान माने जाने वाले आसाराम बापू एक सोलह साल की लडक़ी के यौन उत्पीडऩ के आरोप में जेल में बंद हैं। कभी वह भी जमाना था जब उनके प्रवचनों में इतनी ज्यादा संख्या में भक्त पहुंचते थे कि विशालकाय वाटरप्रूफ पंडाल भी ठसाठस भरा होता था। उनकी एक झलक पाकर भी लोग खुद को धन्य समझते थे। बड़े-बड़े राजनेता भी उनसे करीबी दिखाने में खुद की शान समझते थे। बाबा के प्रवचनों में बड़े-बड़े नेता भी पहुंचते थे। बाबा के बुरे दिनों की शुरुआत अगस्त 2013 में शुरू हुई जब एक लडक़ी ने आसाराम पर जोधपुर आश्रम में यौनशोषण का आरोप लगाया। बाद में लडक़ी के पिता ने दिल्ली जाकर आसाराम के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। इस मामले में सम्मन के बावजूद आसाराम हाजिर नहीं हुए उन पर केस वापस लेने के लिए लडक़ी के परिवार को धमकाने तक का आरोप लगा। पुलिस जब उन्हें गिरफ्तार करने के लिए इंदौर पहुंची तो उनके समर्थकों ने पुलिस के साथ मारपीट भी की। आखिर एक सितम्बर 2013 को आसाराम की गिरफ्तारी हुई और उन्हें जोधपुर जेल भेजा गया। आसाराम तभी से जेल में हैं। बाद में आरोपों की आंच उनके बेटे नारायण साईं तक भी पहुंची और कई महीनों की लुकाछिपी के बाद उनके बेटे को भी गिरफ्तार किया गया।

हत्या का आरोप : आसाराम पर तीन गवाहों की हत्या कराने का भी आरोप लगा। आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले एक मुख्य गवाह वैद्य अमृत प्रजापति की मई 2014 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं मुजफ्फरनगर के रहने वाले गवाह अखिल गुप्ता की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा गवाह कृपाल सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। लखनऊ के रहनेवाले राहुल सचान पर फरवरी 2014 में जोधपुर कोर्ट में गवाही के दौरान हमला हुआ। हालांकि राहुल की किस्मत अच्छी थी कि उनकी जान बच गई। इसके अलावा पानीपत के रहने वाले महेंद्र चावला को मई 2014 में गोली मारी गई, जिसमें वो घायल हो गए। सूरत में भी एक गवाह विमलेश ठक्कर पर हमला किया गया। सूरत में एक महिला गवाह के पति राकेश पटेल पर हमला किया गया, जिसमें वो बाल-बाल बचे। वहीं गवाह दिनेश भागचंदानी और राजू चांडक पर हमला किया गया।

अकूत संपत्ति का मालिक : आसाराम की गिरफ्तारी के बाद गुजरात पुलिस ने आकलन किया था कि उसके पास दस हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। आसाराम के आश्रमों के पास बैंक खातों व अन्य निवेश के रूप में करीब दस हजार करोड़ की दौलत है। हालांकि इसमें जमीन की कीमत शामिल नहीं है। देश के विभिन्न शहरों में उनके पास पाश इलाकों में जमीन है। यदि इसकी कीमत आंकी जाए तो उनकी संपत्ति का आंकड़ा काफी बढ़ जाएगा। अस्थाना के मुताबिक गुजरात में आसाराम की 10 जिलों में 45 स्थानों पर जमीन है। इसके अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र,उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में 33 जगहों पर उनकी जमीने हैं।

छिटपुट बाबाओं की है भरमार

मेरठ : तांत्रिक बाबाओं का धंधा फलफूल रहा

तंत्र विद्या के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने का धंधा मेरठ और आसपास के जिलों में कुछ ज्यादा ही फल-फूल रहा है। कुछ माह पहले ग्वालियर पुलिस ने लोगों से ठगी करने वाले एक तांत्रिक बाबा को पकड़ा तो उसने बताया कि सरगना तो मेरठ में बैठा है, जो देशभर में तंत्रमंत्र का रैकेट चलाता है। ठगी के आरोप में गिरफ्तार बाबा हुसैन उर्फ पाशा उर्फ आबिद खान नाम का यह बाबा बेहद शातिर है। मेरठ शहर के लिसाड़ी गेट, ब्रह्मपुरी और कोतवाली इलाके में ही करीब 700 तांत्रिक धंधा चला रहे हैं, जिनकी सूची खुद पुलिस द्वारा तैयार की गई थी। पुलिस अफसर स्वीकार भी करते हैं कि मेरठ के कई तांत्रिक हरियाणा, पंजाब,दिल्ली समेत कई राज्यों में लोगों को लूट चुके हैं। शातिर किस्म के तांत्रिक बाबा अपने पर्चों में फोटो किसी और का लगा देते हैं। पिछले दिनों मेरठ की जाकिर कालोनी निवासी हनीफ (70) उस समय दंग रह गये जब उसने एक बस में चस्पा एक तांत्रिक के पंपलेट में अपनी फोटो लगी देखी। हनीफ ने तुरन्त इसकी शिकायत थाना लिसाड़ी गेट पुलिस से की। तीन दिन बाद ही हनीफ के घर एक युवक हनीफ की तहरीर की कॉपी व पोस्टर लेकर पहुंचा और बोला कि पुलिस से दोबारा शिकायत की तो अंजाम ठीक नहीं होगा। हनीफ ने पुलिस के उच्च अफसरों से शिकायत की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुयी है।

ओम बाबा ने फैलायी थी सनसनी : चार साल पहले राजा राम बख्श सिंह के किले में एक हजार टन सोना दबे होने की बात को हवा देकर जिस बाबा ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी,वह मेरठ के ही ओम अवस्थी थे। बाबा कभी यूथ कांग्रेस के नेता हुआ करते थे। 1988 में सन्यास ले लिया और कानपुर चले गये। वहां वह शोभन बाबा के संपर्क में आ गए। राम मंदिर आंदोलन के बाद बाबा अचानक अदृश्य हो गए। जब प्रकट हुए तो बाबा बन चुके थे। 2013 में शोभन सरकार की ओर से कहा गया कि उन्नाव के डौंडिया खेड़ा गांव के किले में 1000 टन गड़ा हुआ है और सरकार उसकी खुदायी कराये। उन्होंने कहा कि सोने की बात उन्हें सपने में दिखायी दी। इस प्रकरण में ओम बाबा ही शोभन सरकार की बातें सार्वजनिक रूप से करते थे।

गोरखपुर : चर्चा में रहे हैं पूर्वांचल के बाबा

पूर्वांचल के पिछड़े इलाकों में अनेकों बाबा दैहिक शोषण से अधिक आर्थिक शोषण को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। करीब एक दशक पहले कुशीनगर में ‘दूना बाबा’ का जलवा रहता था। उसके अनुयायी गोरखपुर से महराजगंज होते हुए नेपाल तक फैले हुए थे। वह खड्डा से अपना धंधा संचालित करते थे। उसने तीन से चार महीने में ही रकम को दूना करने की बात कर करोड़ों रुपए का गोलमाल किया। शुरुआत में उसने कुछ लोगों को तीन-चार माह में ही दूना धन दे दिया। जिसके बाद हजारों लोग उसके झांसे में आ गए और करोड़ों लेकर वह फरार हो गया। संतकबीर नगर के महंत विचार दास पर भी करोड़ों की सम्पत्ति के हेरफेर का आरोप लगा। उन्हें जेल की भी हवा खानी पड़ी। महराजगंज के मिठौरा में बहराइच से आकर एक मौलवी पिछले एक दशक से लोगों को अपना शार्गिद बना रहा है। इस पर हत्या का भी इल्जाम लगा है।

सहारनपुर : आश्रम तो कई हैं

तीर्थ स्थली हरिद्वार के नजदीक होने के कारण सहारनपुर में भी बाबाओं का साम्राज्य कायम है। हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आने वाले अधिकंाश यात्री सहारनपुर से होकर ही हरिद्वार जाते हैं।

डेरा सच्चा सौदा का आश्रम भी यहां है। इस आश्रम से अधिकंाश हरियाणा और पंजाब के लोग जुड़े हैं। इसके अलावा अंबाला रोड पर आसाराम का आश्रम निर्माणाधीन है। इसके अलावा देवी सुदीक्षा का सहारनपुर के पंतनगर में छोटा सा आश्रम है। इनके अनुयायी एक हजार से अधिक हैं। सहारनपुर के इन आश्रमों को लेकर किसी तरह का विवाद अभी तक सामने नहीं आया है।

रायबरेली: खूब चल रहा बाबागीरी का बिजनेस

जिले में स्थानीय व बाहरी बाबाओं की बड़ी जमात है। हिन्दू मुस्लिम धर्मों के इन बाबाओं का आपस में समन्वय भी जबरदस्त है। ये सब धर्मस्थलों य अपने घरों से झाडफ़ूंक का कारोबार करते हैं। इन बाबाओं के यहां अपराधियों, युवाओं व महिलाओं की भीड़ सबसे अधिक रहती है। बाबाओं ने बेरोजगार युवकों को दिहाड़ी पर प्रचार कार्य में भी लगा रखा है। सबसे चर्चित बाबा हैं कारी मेराज। वह एक मदरसे में कारी की हैसियत से कार्यरत हैं और वहीं से अपना कारोबार चलाते हैं। सुबह से मदरसे के बाहर भीड़ लग जाती है। इसी तरह कानपुर के खपरा मोहाल का बाबा जहीरुद्दीन अंसारी उत्तर दरवाजा मोहल्ला में झाडफ़ूंक का काम करता है। यह अपने को वशीकरण विद्या का माहिर बताता है। जिस कारण युवक युवतियों की टोली उसके इर्द गिर्द रहती है।

इलाहाबाद राजमार्ग पर सेमरी राणापुर गांव में ‘मस्तान बाबा’ का डेरा है। यहां हजारों पहुंचते हैं। हर बात पर गाली बकने व सिगरेट का धुवां उड़ाने वाले इस बाबा का स्टाइल अलग है। एक महिला ने पिछले साल पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी कि उसकी बेटी को यह बाबा भगा ले गया है। महाराजगंज के गुमावा चौकी क्षेत्र में भुइहारे बाबा भूत पिशाच से ग्रसित लोगों का इलाज करते हैं। इनके यहां दूर दराज से भी लोग पहुंचते हैं। उधर, रतापुर के पास लखपति नगर में अंकित मिश्रा उर्फ गोपाल मिश्रा उर्फ पीपल वाले बाबा लोगों के कष्टï दूर करते हैं। बाबा 500 से 5000 रुपए तक ले कर लोगों को पानी की बोतल दे कर कहता है कि यह दवा है इसको पीने से सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। इसके अलावा जनपद में बाबा जयगुरुदेव और राधासत्संग व्यास के आश्रम भी है। जिनके हजारों समर्थक हैं।

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