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26 साल की उम्र में बने थे सांसद, अब मिली यूपी की कमान, जानिए कैसे बने अजय से अादित्‍यनाथ

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RishiBy Rishi

Published on 18 March 2017 11:30 AM GMT

26 साल की उम्र में बने थे सांसद, अब मिली यूपी की कमान, जानिए कैसे बने अजय से अादित्‍यनाथ
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लखनऊ: गोरखपुर से बीजेपी सांसद महंत योगी आदित्यनाथ को यूपी की कमान मिल गई है। लोकभवन में हुई विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी। खुद को हिन्दुओं का रहनुमा बताने वाले आदित्यनाथ अपने विवादित बयानों से हमेशा चर्चा में रहते हैं। यह कभी लव जेहाद और धर्मांतरण तो कभी विवादित पोस्टर को लेकर विवादों में रहे हैं। उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में पैदा हुए एक साधारण से इंसान कैसे बन गए इतने बड़े महंत। आइए हम आपको बता रहे हैं महंत योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय सिंह की पूरी कहानी।

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आखिर कौन हैं योगी

-योगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह है। उनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड में हुआ था।

-उन्होंने गढ़वाल यूनिवर्सिटी से गणित में बीएससी किया है।

-वह गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं।

-आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं।

-वह हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, जो कि हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है।

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ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर

-अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।

-यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई है।

-1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो वह सबसे कम उम्र के सांसद थे।

-वह 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने। 1998 से लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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2014 में 5वीं बार बने सांसद

-योगी यूपी बीजेपी के बड़े चेहरे माने जाते थे। 2014 में पांचवी बार योगी सांसद बने।

-राजनीति के मैदान में आते ही योगी आदित्यनाथ ने सियासत की दूसरी डगर भी पकड़ ली।

-उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी का गठन किया और धर्म परिवर्तन के खिलाफ मुहिम छेड़ दी।

-कट्टर हिंदुत्व की राह पर चलते हुए उन्होंने कई बार विवादित बयान दिए।

-योगी विवादों में बने रहे, लेकिन उनकी ताकत लगातार बढ़ती गई।

-2007 में गोरखपुर में दंगे हुए तो योगी आदित्यनाथ को मुख्य आरोपी बनाया गया।

-इसमें उनकी गिरफ्तारी हुई और इस पर कोहराम भी मचा। योगी के खिलाफ कई अपराधिक मुकदमे भी दर्ज हुए।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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