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इस जोड़ी ने असम में दिलाई BJP को जीत, अब MISSION UP है अगला टारगेट

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NewstrackBy Newstrack

Published on 20 May 2016 11:01 AM GMT

इस जोड़ी ने असम में दिलाई BJP को जीत, अब MISSION UP है अगला टारगेट
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लखनऊ: असम में बीजेपी की जीत के पीछे हीरो माने जा रहे स्ट्रैटजिस्ट रजत सेठी अब यूपी में कमल खिलाने आ रहे हैं। असम की तरह उन्हें यहां भी चुनाव कैंपेन और विजन डॉक्युमेंट को संभाल सकते हैं। 24 साल के रजत ने ही बीजेपी को रिसर्च कर बताया था कि असम में गठबंधन करके चुनाव लड़ना चाहिए। जनता के बीच किस तरह का संदेश पार्टी देगी, उसे रजत की टीम तय करती थी।

आरएसएस के स्कूल से हार्वर्ड तक पढ़ाई

-रजत कानपुर के रहने वाले हैं। इन्‍होंने आरएसएस के स्‍कूल शिशु मंदिर से पढ़ाई की।

-आईआईटी खड़गपुर से बीटेक किया। खड़गपुर में एक हिंदी सेल की शुरुआत की।

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-इसके बाद अमेरिका में एमआईटी और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में पढ़ाई की।

-सेठी ने एक आईटी कंपनी की शुरुआत की, जिसे बाद में बेच दिया।

-राम माधव से मुलाकात के बाद और उनके कहने पर सेठी ने बीजेपी ज्‍वॉइन की।

रजत सेठी के टीम मेंबर्स रजत सेठी के टीम मेंबर्स

400 युवाओं की टीम

-राम माधव ने सेठी को 32 जिलों, 25 हजार बूथों पर काम करने के लिए कहा।

-सेठी की टीम ने गुवाहाटी को अपना हेडक्‍वार्टर चुना और 20-20 घंटे काम किया.

-400 युवाओं को अपनी टीम में इन्‍होंने शामिल किया।

-मई 2015 में ग्रैजुएशन करने के बाद जहां उनके जैसे छात्र कॉरपोरेट जगत में अपनी जगह बनाने की सोच रहे थे। रजत की नजर दूर असम पर थीं। रजत को असम का इलेक्टोरल डाटाबेस तैयार करना था। उनकी अगुवाई में तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके तरुण गोगोई के हाथ से सत्ता लेने की बड़ी जिम्मेदारी पर काम किया जाना था।

rajat sethi राम माधव के करीबी बताए जाते हैं रजत

हिलेरी क्लिंटन के लिए काम

-रजत सेठी अमेरिका में हिलेरी क्लिंटन के चुनावी कैंपेन टीम का हिस्सा रह चुके हैं।

-कहा जाता है कि पीएम नरेंद्र मोदी की दोनों अमेरिकी यात्राओं को सफल बनाने वाली टीम में भी थे।

-असम में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद रजत ने कहा कि मुझे खुशी है कि हमारी टीम ने पिछले एक साल में जो काम किया उसका फल मिल रहा है।

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रजत की राय

-रजत कहते हैं- पिछले डेढ़ साल में केंद्रीय मंत्रियों के 224 दौरे असम में हुए।

-रजत ने केंद्र की मोदी सरकार और असम की लोकल यूनिट को साथ जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

-हम पीएम के काम को लोगों तक पहुंचाने में सफल रहे तो दूसरी ओर हेमंत बिस्वा और सर्वानंद सोनोवाल जैसे लोकल नेताओं का पूरा उपयोग किया गया।

-हमारी टीम ने बीजेपी के लिए गठबंधन बनाने में जो भूमिका निभाई, उससे मुझे खुशी हुई।

मैं पीके नहीं

-रजत सेठी ने पीके से अपनी तुलना को गलत बताया है। उन्होंने कहा- मैं वैचारिक रूप से भी बीजेपी से जुड़ा हुआ हूं। एक स्ट्रैटजिस्ट होने से पहले मैं बीजेपी का मेंबर हूं।

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