×

RITUALS: 7 जन्मों के 7 सात फेरे, इसके पीछे छिपी इतने गूढ़ रहस्य

suman

sumanBy suman

Published on 14 July 2018 7:56 AM GMT

RITUALS: 7 जन्मों के 7 सात फेरे, इसके पीछे छिपी इतने गूढ़ रहस्य
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

जयपुर:हिंदू संस्कृति में रिति रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर काम किए जाते हैं। जिससे वह काम सफल हो सके। हिन्दू धर्म में ऐसी कई रस्में होती है, जिन्हें सही तरह से निभाकर हर कोई अपने परिवार की खुशियों को आगे ले जाते हैं। भगवान के प्रति अटूट आस्था भक्तों में देखने को मिलती है। इस तरह हिन्दू धर्म में सप्ताह के 7 दिनों का भी बहुत महत्व होता है।विवाह को लेकर भी हिन्दू धर्म मेें कई तरह की रस्में होती है जिसका हमारी संस्कृति में एक विशेष महत्व रखता है। विवाह की सभी रस्में वर और वधू को लेकर कई तरह के रीति रिवाजों को निभाने पर सम्पन्न होती है। जिन्हे उनके सुखी वैवाहिक दांपत्य जीवन के लिए पालन करना बेहद जरुरी है।

ग्रहणकाल के दौरान न करें ये काम, वरना हो जाएगा आपका नुकसान

ऐसे में हर किसी ने शादियों में वर वधू की मेंहदी की रस्म से लेकर हल्दी और वरमाला जैसी कई रस्में देखी होगी,जब वर वधू फेरे लेते है तो इसको लेकर भी वर और वधू कई तरह के वचन फेरों के सामने अग्नि को साक्षी मानकर एक दूसरे को देते है। लेकिन कभी यह जानने की कोशिश की है की आखिर दुल्हा और दुल्हन अग्नि के सामने ही विवाह के समय सात फेरे लेकर वचन को क्यों निभाते है। जानते है..

हिन्दू धर्म के सोलह संस्कारों में एक है विवाह संस्कार। इस संस्कार का एक नियम यह है कि जब दुल्हा और दुल्हन शादी के समय में मंडप में आते हैं तब पुरोहित ईश्वर को साक्षी मानकर दुल्हा और दुल्हन का विवाह संपन्न करवाते हैं। लेकिन यह विवाह तभी सहीं संपन्न माना जाता है, जब इस दौरान वर और वधू अग्नि के सामने सात फेरे लेकर वचन निभाने का वादा न करें। शादी की रस्मों के समय की आखिर अग्नि के ही चारों ओर फेरे क्यों लगाए जाए जाते हैं। यह हर कोई जानना भी चाहता है, दरअसल अग्नि को वेदों और शास्त्रों में प्रमुख देवता के रुप में स्थान मिला है।

रथयात्रा:भगवान जगन्नाथ को बहुत ही प्रिय ये काम, पूजा से पहले जरूर करें आप

अग्नि को विष्णु भगवान का स्वरुप माना गया है। शास्त्रों के अनुसार कहा गया है कि अग्नि में सभी देवताओं की आत्मा बसती है, इसलिए अग्नि में हवन करने से हवन में डाली गई सामग्रियों का अंश सभी देवताओं तक पहुंचता है। अग्नि के चारों तरफ फेरे लगाकर सात वचन लेने से यह माना जाता है कि दुल्हा और दुल्हन ने सभी देवताओं को साक्षी माना है और एक दूसरे को अपना जीवनसाथी स्वीकार कर लिया है। इसी तरह विवाह की जिम्मेरियों को निभाने का वचन लिया है। जिससे उनका वैवाहिक जीवन में सुखमय व्यतीत होगा उनके जीवन में आने वाली तमाम बाधाएं आसानी से दूर होती है। अग्नि को बेहद पवित्र माना गया है, इसलिए वधू और वर अग्नि के समाने इन सात फेरों के वचनों को निभाते है।

suman

suman

Next Story