सूर्यास्त के बाद करेंगे पूजा तो खुश होेंगे हनुमान, देंगे धन-सम्मान

Published by Admin Published: February 23, 2016 | 12:33 pm
Modified: February 23, 2016 | 12:50 pm

लखनऊ: हनुमानजी की भक्ति सबसे सरल और जल्दी फल प्रदान करने वाली मानी जाती  है। इनकी  भक्ति हमें भूत-प्रेत जैसी न दिखने वाली आपदाओं से बचाती है, वहीं यह ग्रह-नक्षत्रों के बुरे प्रभाव से भी बचाती है। जो व्यक्ति‍ प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ता है उसके साथ कभी भी घटना-दुर्घटना नहीं होती। अगर आप लंबे समये से चली आ रही  समस्याओं का सामना करते- करते उब गए है। अपनी ही जिंदगी बोझिल लगने लगती है तो इन समस्याओं से आपको छुटकारा हनुमान जी ही दिला सकते है क्योंकि इनकी साधना अति सरल है।
वे बाल ब्रह्मचारी थे इसलिए इनकी साधनाओं में ब्रह्मचारी व्रत अवश्य  करना चाहिए। सदाचारी रहना चाहिए। माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जल्द ही मनोकामनाएं पूर्ण कर देती है, लेकिन हनुमान जी की पूजा करते समय साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की अपवित्रता नहीं होनी चाहिए। इनकी जब भी पूजा करें  मन और तन से पवित्र होकर ही करें। पूजन के दौरान कभी भी गलत विचारों को मन में न आने दें। जानिए हनुमान को प्रसन्न करने के उपाय।

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

सूर्यास्त के बाद करें पूजन
ऐसा कहा जाता है कि सूर्यास्त के बाद हनुमान जी की पूजा करनें से वे जल्द प्रसन्न होते है। मंगलवार को मंगल ग्रह का दिन भी माना जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करनें से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। शाम को सूर्यास्त के बाद हनुमानजी के मंदिर या घर में बनें में हनुमान की मूर्ति के सामने साफ आसन पर बैठें और फिर सरसो के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं। दीपक लगाने के साथ ही अगरबत्ती, पुष्प आदि अर्पित करें। सिंदूर, चमेली का तेल चढ़ाएं। दीपक लगाते समय हनुमानजी के मंत्रों का जप करना चाहिए।
ऊं रामदूताय नम:
ऊं पवन पुत्राय नम:
इन मंत्रों के बाद हनुमान चालीसा का जप करें।

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

पढ़े हनुमान चालीसा
श्रीराम के परमप्रिय भक्त श्रीहनुमान  अपने भक्तों और धर्म के मार्ग पर चलने वाले लोगों की हर कदम पर मदद करते हैं। इन्हें  मनाने के लिए सबसे सरल उपाय है कि हनुमान चालीसा का नित्य पाठ। हनुमानजी की यह स्तुति सबसे सरल और सुरीली है। इसकी सभी चौपाइयां मंत्र ही हैं। जिनके निरंतर जप से ये सिद्ध हो जाती है और पवनपुत्र हनुमानजी की कृपा प्राप्त हो जाती है। यदि आप मानसिक अशांति झेल रहे हैं, कार्य की अधिकता से मन अस्थिर है, घर-परिवार की कोई समस्या सता रही है तो ऐसे में इसके पाठ से चमत्कारिक फल प्राप्त होता है।

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

जानें हनुमानजी को खुश करने के और भी उपाय
-मंगलवार और शनिवार को पीपल के 11 पत्तों का यह उपाय अपनाना चाहिए। मंगलवार और शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठें। इसके बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर किसी पीपल के पेड़ से 11 पत्ते तोड़ लें। ध्यान रखें पत्ते पूरे होने चाहिए, कहीं से टूटे नहीं होने चाहिए। इन पत्तों पर स्वच्छ जल में कुमकुम और अष्टगंध, चंदन मिलाकर श्रीराम का नाम लिखें। नाम लिखते समय हनुमान चालीसा का पाठ करें। जब सभी पत्तों पर श्रीराम नाम लिख लें, उसके बाद राम नाम लिखे हुए इन पत्तों की एक माला बनाएं। इस माला को किसी भी हनुमानजी के मंदिर जाकर वहां बजरंगबली को अर्पित करें।

-हर मंगलवार या शनिवार के दिन बजरंग बली को बना हुआ बनारसी पान चढ़ाना चाहिए। बनारसी पत्ते का बना हुआ पान चढ़ाने से भी हनुमानजी की कृपा प्राप्त होती है। जो भक्त रामायण और श्रीरामचरित मानस का पाठ करते हैं। इनके दोहे प्रतिदिन पढ़ते हैं, उन्हें हनुमानजी का विशेष स्नेह प्राप्त होता है।

-मंगलवार को शाम के समय हनुमान जी को गुलाब की माला चढ़ाएं। उन्हें खुश करने का यह सबसे सरल उपाय है।

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

-मंगलवार के दिन राम मंदिर में जाएं। हनुमान जी के मस्तक का सिंदूर दाहिने हाथ के अंगूठे से लेकर सीता माता के श्री रूप के श्री चरणों में लगा दें। अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए प्रार्थना करें।

-हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार के दिन व्रत करके शाम के समय बूंदी का प्रसाद बांटने से भी पैसों की तंगी दूर हो जाती है।

-जीवन की समस्त समस्याओं के निवारण के लिए हनुमान जी के मंदिर में जाएं और राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें।

-शनिवार के दिन हनुमान जी के मन्दिर में जाएं। उनके कंधों पर से सिन्दूर लाकर नजर लगे व्यक्ति को लगाएं। नजर का प्रभाव समाप्त हो जाता है।