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हर रोज 10 से ज्यादा रेप, ना जानें धमकियों में दब गईं कितनी चीखें

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NewstrackBy Newstrack

Published on 2 Aug 2016 11:20 AM GMT

हर रोज 10 से ज्यादा रेप, ना जानें धमकियों में दब गईं कितनी चीखें
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के दावे तो खूब होते हैं, लेकिन सच्चाई प्रदेश की इज्जत उतार रही है। यूपी में बेटियों के साथ सबसे अधिक आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। बुलंदशहर में हाईवे पर हुई हैवानियत पर मीडिया ने हल्ला मचाया तो हड़कंप मचा, लेकिन रामपुर में तो 'राक्षस' एक साल तक मासूम बच्ची की अस्मत रौंदते रहे।

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क्राइम में नंबर वन

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की गवाही बताती है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी सबसे ऊपर है। 2014 के आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे अधिक 38 हजार केस यूपी में सामने आए। इनमें से 3, 700 रेप केस हैं। यानी हर दिन औसतन 10 से अधिक बेटियों की अस्मत लूटी जा रही है।

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क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में वही आंकड़े दर्ज हैं, जो थाने तक पहुंचे। ना जाने कितने डर, शर्म, धमकी, पंचायत और जबरदस्ती समझौते की वजह से सामने नहीं आ पाए।

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तो कभी सामने नहीं आता रामपुर गैंगरेप

रामपुर में एक नाबालिक लड़की से गैंगरेप का मामला तब सामने आया जब इसका वीडियो विक्टिम के पिता के पास पहुंचा। एक साल से दरिंदे लड़की को अपनी हवस का शिकार बना रहे थे। मुंह खोलने पर लड़की को वीडियो इंटरनेट पर अपलोड करने की धमकी दी जाती थी। पीड़िता डर की वजह से चुप रही, लेकिन आरोपियों ने एमएमएस को इंटरनेट पर वायरल कर दिया।

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मुख्यमंत्री के पास है गृह विभाग

यूपी में लॉ एंड ऑर्डर की ये हालत तब है जबकि गृह विभाग का जिम्मा खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही संभाल रहे हैं। बुलंदशहर केस के बाद उन्होंने पुलिस को जल्द कार्रवाई का आदेश तो दिया, लेकिन पेंच कसने की ये कार्रवाई जिले के कुछ पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करने तक ही सीमित रह गई। क्या बुलंदशहर के कुछ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई कर देने भर से पूरे प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित हो जाएंगी?

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