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दादरी विधानसभा सीट: आसान नहीं है बीजेपी की राह, गुटबाजी में फंसा कमल

दादरी में बीजेपी के 2 गुटों में चल रही आपसी कलह के चलते यहां पार्टी की राह आसान नहीं लग रही है। बीजेपी का एक गुट दादरी में पूर्व मंत्री और 2 बार के विजयी नवाब सिंह नागर को प्रत्याशी बनाना चाहता है। लेकिन एक मंत्री की पसंद का दूसरा गुट रवींद्र तोंगड़ के नाम को आगे रख कर टिकट दिलाने की मुहिम में जुटा है।

zafar
Updated on: 13 Jan 2017 8:18 AM GMT
दादरी विधानसभा सीट: आसान नहीं है बीजेपी की राह, गुटबाजी में फंसा कमल
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नोएडा/ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्धनगर की दादरी विधानसभा सीट पर आजादी के बाद से ही कांग्रेस का कब्जा रहा है। बीजेपी ने यह बाजी 1996 में पलटी जब उसके प्रत्याशी नवाब सिंह नागर ने कमल खिलाया। वह दो बार लगातार दादरी सीट से विधायक रहे। लेकिन पिछले दस सालों से दादरी सीट पर बीएसपी का कब्जा है। अब बीजेपी एक बार फिर यहां से जीत की रणनीति बनाने में जुटी है। लेकिन उसकी राह आसान नहीं है।

कमल का संघर्ष

-दादरी विधानसभा क्षेत्र पर 1952 से ही अधिकांश समय कांग्रेस का कब्जा रहा है।

-बीजेपी, यानी तत्कालीन जनसंघ के प्रत्याशी हर बार मैदान में अपनी किस्मत आजमाते रहे, लेकिन हर बार उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।

-1996 में पहली बार नवाब सिंह नागर ने कीचड़ में कमल खिलाया और लगातार 2 टर्म यहां विधायक रहे।

-इसके बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती के प्रभाव वाले इस क्षेत्र पर बहुजन समाज पार्टी ने कब्जा कर लिया।

-2007 और 2012 के चुनाव में बीएसपी के सतवीर सिंह गुर्जर ने बीजेपी के नागर को हराया।

-अब 10 साल बाद बीजेपी एक बार फिर कमल खिलाने की कोशिशों में जुट गई है, लेकिन उसकी राह आसान नहीं है।

कभी था कांग्रेस का वर्चस्व

-आजादी के बाद 1952 में हुए आम चुनाव में दादरी में कांग्रेस के गुर्जर नेता रामचंद्र विकल ने रिकार्ड 25 हजार मतों से विजय हासिल की थी।

-जनसंघ ने उनके सामने बाबू लेखराज को मैदान में उतारा था, जिनकी जमानत जब्त हो गई थी। बाबू लेखराज को मात्र 4000 वोट ही मिले थे।

-1957 के अगले चुनाव में कांग्रेस ने विकल को सिकंद्राबाद सीट पर शिफ्ट करके दादरी से ठाकुर सत्यवती रावल को टिकट दिया।

-जनसंघ ने उनके खिलाफ एडवोकेट महाराज सिंह को मैदान में उतारा, लेकिन वह भी रावल से हार गए।

-यह सिलसिला 1952 से 1971 तक चला और दादरी सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व बना रहा।

बीजेपी बनाम बीएसपी

-1974 और 1977 में इस सीट पर कांग्रेस को झटका देकर तेज सिंह भाटी पहले एनओसी और फिर जनता पार्टी से यहां विजयी रहे।

-1980 में एक बार पिर कांग्रेस ने अपनी इस सीट को दोबारा हासिल कर लिया, लेकिन उसके बाद से ही वह फ्रेम से बाहर हो गई।

-1989, 1991 और 1993 में इस सीट पर जनता दल का कब्जा रहा, और 1996 में बीजेपी पहली बार यहां से विजयी रही।

-पार्टी प्रत्याशी नवाब सिंह नागर ने कांग्रेस के लिखीराम नागर को करीब 21 हजार वोटों के भारी अंतर से हराकर कमल खिलाया।

-2002 के विधानसभा चुनाव में भी नवाब सिंह नागर ने बाजी मारते हुए कांग्रेस के रघुराज सिंह को करीब 11 हजार मतों के अंतर से पराजित किया।

-लेकिन 2007 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से यह सीट बीएसपी ने छीन ली।

-2012 में बीजेपी ने एक बार फिर नवाब सिंह नागर को मैदान में उतारा, लेकिन फिर बाजी बीएसपी के हाथ में ही रही।

-और अब एक बार फिर बीजेपी ने दादरी में कमल खिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है।

आसान नहीं है कमल का खिलना

-दादरी में बीजेपी के 2 गुटों में चल रही आपसी कलह के चलते यहां पार्टी की राह आसान नहीं लग रही है।

-बीजेपी का एक गुट दादरी में 2 बार के विजयी नवाब सिंह नागर को प्रत्याशी बनाना चाहता है।

-लेकिन एक मंत्री की पसंद का दूसरा गुट रवींद्र तोंगड़ के नाम को आगे रख कर टिकट दिलाने की मुहिम में जुटा है।

-पार्टी में आपसी गुटबाजी के कारण ही 2012 का विधानसभा चुनाव बीजेपी पार नहीं लगा सकी थी, और हार गई थी।

दादरी सीट से अब तक हारे-जीते उम्मीदवार

1952 रामचंद्र बिकल कांग्रेस लेखराज जनसंघ

1957 सत्यवती रावल कांग्रेस महाराज सिंह जनसंघ

1962 रामचंद्र बिकल कांग्रेस

1967 तेज सिंह भाटी कांग्रेस अजयपाल रौसा भाकपा

1969 रामचंद्र बिकल कांग्रेस तेजसिंह भाटी संगठन कांग्रेस

1971 विजयपाल भाटी कांग्रेस तेजसिंह भाटी संगठन कांग्रेस

1974 तेजसिंह भाटी एनओसी बिशंबर दयाल शर्मा बीकेडी

1977 तेजसिंह भाटी जपा रतिराम भाटी कांग्रेस

1980 विजयपाल भाटी कांग्रेस तेजसिंह भाटी जपा

1985 महेंद्र सिंह भाटी दमकिपा विजयपाल भाटी कांग्रेस

1989 महेंद्र सिंह भाटी जद रतिराम भाटी कांग्रेस

1991 महेंद्र सिंह भाटी जद बिहारी सिंह बागी जपा

1993 समीर भाटी जद चौ. वेदराम नागर कांग्रेस

1996 नवाब सिंह नागर भाजपा लखीराम नागर कांग्रेस

2002 नवाब सिंह नागर भाजपा रघुराज सिंह कांग्रेस

2007 सतवीर गुर्जर बसपा नवाब सिंह नागर भाजपा

2012 सतवीर गुर्जर बसपा नवाब सिंह नागर भाजपा

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