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मायावती ने कहा- सिमी के फरार कैदियों की मुठभेड़ में मौत की हो न्यायिक जांच

aman
By aman
Updated on: 1 Nov 2016 12:24 PM GMT
मायावती ने कहा- सिमी के फरार कैदियों की मुठभेड़ में मौत की हो न्यायिक जांच
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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने बीजेपी शासित राज्यों में पुलिस को आरएसएस के एजेंडे के हिसाब से इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए मध्य प्रदेश में सिमी संगठन के आठ फरार कैदियों को पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के घटना की न्यायिक जांच की मांग की है।

घटना की हो न्यायिक जांच

मायावती ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, कि 'मध्य प्रदेश पुलिस के ही हवाले से जो ख़बर आ रही है उसी के हिसाब से सिमी संगठन से संबद्ध 8 फरार कैदी निहत्थे थे और उन्हें आसानी से दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता था। लेकिन ऐसा करने का प्रयास तक नहीं किया गया। इस प्रकार प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध लगता है और न्याय की मांग है कि इस पुलिस मुठभेड़ की घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए।'

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पुलिस का हो रहा राजनीतिक इस्तेमाल

मायावती ने आगे कहा कि वैसे भी बीजेपी शासित राज्यों में पुलिस का जिस प्रकार से राजनीतिक और साम्प्रदायिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए इस्तेमाल हो रहा है, वह किसी से छिपा नहीं है। पूरे देश को मालूम है कि मध्य प्रदेश की पुलिस ने बहुचर्चित और बहुविवादित 'व्यापमं खूनी घोटाले' की जांच स्वतंत्रतापूर्वक नहीं करके सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने का काम किया था। इस घोटाले में काफी लोगों की जानें भी गई थी। अब वह मामला सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सीबीआई के सुपुर्द है।

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आरएसएस के एजेंडे को बढ़ा रही बीजेपी सरकार

इसी प्रकार की और भी अनेकों घटनायें हैं जिनसे यह साफ लगता है कि मध्य प्रदेश सरकार आरएसएस के संकीर्ण और साम्प्रदायिक एजेंडे को प्रदेश में सख़्ती से लागू करने के लिए पुलिस महकमें का लगातार गलत इस्तेमाल कर रही है।

पुलिस की मिलीभगत की आशंका

सिमी के जेल से फरार कैदियों के संबंध में पुलिस विभाग की मिलीभगत होने की आशंका स्वयं वहीं के पुलिस अफसर जता रहे हैं। इसके अलावा पुलिस मुठभेड़ पर भी विभिन्न पार्टियों और संगठनों ने उंगली उठाई है। इसलिए मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। बीजेपी सरकार को इसमें ज्यादा आना-कानी और टाल-मटोल नहीं करनी चाहिए।

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