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यूपी चुनाव: सपा के झटके से बदला गणित, अब लोकदल और जेडीयू मिला सकते हैं हाथ

इसके पहले समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के बीच कई चरणों में गठबंधन की कोशिशें हुई थीं। तब कहा गया था कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव महागठबंधन बनाने की कवायद में जुटे हैं। अचानक मुलायम सिंह के किसी भी दल से गठबंधन पर इनकार ने इस मुहिम को झटका दिया।

zafar
Updated on: 20 Nov 2016 9:31 AM GMT
यूपी चुनाव: सपा के झटके से बदला गणित, अब लोकदल और जेडीयू मिला सकते हैं हाथ
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लखनऊ: यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में लोकदल और जेडीयू एक साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में बसपा को अलविदा कहने वाले बीएस-4 के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरके चौधरी भी इन्हीं के सुर में सुर मिला रहे हैं। जानकारों के मुताबिक इस सिलसिले में लोकदल और जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत हुई है। सब कुछ तय हो गया तो जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा भी हो सकती है।

लंबी कवायद

-बीएस-4 के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरके चौधरी की बात करें तो बीते महीनों में उन्होंने राजधानी स्थित बिजली पासी किला में एक जनसभा का आयोजन किया था।

-इसमें बिहार के सीएम नीतिश कुमार बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे।

-उसी समय आरके चौधरी ने जेडीयू के साथ चुनावी पारी शुरू करने के संकेत दे दिए थे।

सपा के साथ भी हुई थी कोशिश

-इसके पहले समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के बीच कई चरणों में गठबंधन की कोशिशें हुई थीं।

-सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने खुद लोहियावादी, गांधीवादी और चरण सिंह वादी नेताओं से साथ जुटने की अपील भी की थी।

-तब कहा जा रहा था कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव महागठबंधन बनाने की कवायद में जुटे हैं।

अखिलेश नहीं थे पक्ष में

-पार्टी के रजत जयंती समारोह में नीतीश कुमार, एचडी देवगौड़ा, अजित सिंह व लालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं को आमंत्रित भी किया गया था।

-हालांकि नीतिश कुमार इस आयोजन में शामिल नहीं हुए। पर गठबंधन की राह पर सियासी दल आगे बढ़ते दिख रहे थे।

-तभी अचानक सपा मुखिया मुलायम सिंह के किसी भी दल से गठबंधन पर इनकार ने इस मुहिम को झटका दिया।

-यह भी कहा जा रहा है कि चुनाव में इस प्रयोग से सीएम अखिलेश यादव खुश नहीं थे। नतीजतन अब लोकदल ने जेडीयू से हाथ मिलाया है।

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