×

यूपी में किस पार्टी की बनेगी सरकार, यह तय करेगी हस्तिनापुर विधानसभा सीट

इस सीट से जिस भी पार्टी का यहां कैंडिडेटस जीतता है। उसके हाथ में सूबे की सरकार होती है। यहां 2007-2012 के बीच यहां बहुजन समाजवादी पार्टी के विधायक थे

By
Updated on: 24 Jan 2017 5:56 AM GMT
यूपी में किस पार्टी की बनेगी सरकार, यह तय करेगी हस्तिनापुर विधानसभा सीट
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

मेरठः यूपी में चुनावी बिगुल बज चुका है। ऐसे में कई दिग्गजों ने अपने-अपने नामांकन भी कर दिए है। इसके बाद वह जातिगत आधार पर अपने वोटों को भुनाने में भी लगे हुए है। जिले के अलग-अलग सात विधानसभाअें में उम्मीदवारों नें जीत का प्रबल दावा किया है। लेकिन हस्तिनापुर सीट पर जिले में सबकी नजर है। बता दें कि यहां पहले चरण में 11 फरवरी को मतदान होने हैं।

हस्तिनापुर सीट पर रहेगी नजर

-इस सीट की खास बात यह है कि जिस भी पार्टी का यहां कैंडिडेटस जीतता है। उसके हाथ में सूबे की सरकार होती है।

-पिछले विधानसभा चुनाव की तो यहां 2007-2012 के बीच यहां बहुजन समाजवादी पार्टी के विधायक थे और बहुजन समाजवादी की सरकार भी बनी थी।

-2012 विधानसभा चुनाव में सपा के प्रभुदयाल वाल्मीकि ने बाजी मारी और सरकार सपा की बनी।

-वहीं 1957-1967 के बीच में हस्तिनापुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा तो कांग्रेस की सरकार रही।

-इसके बाद इस सीट पर क्रांति दल के कैंडिडेटस की जीत हुई।

-1977-1980 के बीच में जनता पार्टी के कैंडिडेटस ने जीत दर्ज की और पार्टी की पहली बार सरकार बनी।

इस सीट पर सबसे अधिक गुर्जर और मुस्लिम वोट

-हस्तिनापुर सीट पर सबसे अधिक गुर्जर और मुस्लिम समाज के वोट है।

-इनकी संख्या करीब 70-70 हजार है और एससी वोट करीब 55 हजार है।

-इस सीट पर अबकि बार भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।

-इस सीट पर सपा के प्रभुदयाल वाल्मीकि, बसपा के योगेश वर्मा, बीजेपी के दिनेश खटीक मजबूत दावेदार होंगे।

कितने है मतदाता

हस्तिनापुर सीट पर पुरूष मतदाता, 1 लाख 81 हजार 209, महिला मतदाता 1 लाख 43 हजार 980 और कुल मतदाता 3 लाख 25 हजार 202 है।

क्या है पिछला इतिहास

-2012- प्रभुदयाल वाल्मीकि—सपा

-2007- योगेश वर्मा—बसपा

-1996- अतुल कुमार—निर्दलीय

-1989- झग्गर सिंह—जनता दल

-1985- हरशरण सिंह—कांग्रेस

-1980- झग्गर सिंह—कांग्रेस

- 1977- रेवती शरण मोर्य—जनता पार्टी

-1974- रेवती शरण मौर्य—कांग्रेस

-1969- आशाराम इंदू—भारतीय क्रांति दल

क्या है हस्तिनपुर का इतिहास?

-हस्तिनापुर कुरू वंश राजाओं की राजधानी थी। हिंदू इतिहास में हस्तिनापुर के लिए सम्राट भरत की राजधानी के रूप में आता है।

-महाग्रंथ महाभारत में वर्णित घटनाएं हस्तिनापुर में घटी घटनाओं पर आधारित है।

-यहां मुगल शासक बाबर ने भारत पर आक्रमण के दौरान हमला किया था।

-वहां के मंदिरों पर तोपों से बमबारी की थी। मुगलकाल में हस्तिनपुर में चारों ओर कई मंदिरों का निर्माण किया।

Next Story