UP के बागपत में पकड़े गए 185 जमाती, पड़ोसी देश के लोग भी हैं शामिल

जमातियों में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद यूपी के कई जिलों में जमातियों की तलाश की गई तो बागपत में ये आंकड़ा 185 मिला। सीएम योगी के निर्देश पर बागपत पुलिस ने 9 थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया तो एक-एक करके 185 जमाती मिले।

बागपत: तबलीगी जमात के मुख्यालय निजामुद्दीन मरकज की लापरवाही ने देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के खतरे को बढ़ा दिया है। अब आलम यह है कि पिछले 24 घंटे में देश में जो 386 नए केस आए, उनमें से 164 तो सिर्फ तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के हैं।

जमातियों में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद यूपी के कई जिलों में जमातियों की तलाश की गई तो बागपत में ये आंकड़ा 185 मिला। सीएम योगी के निर्देश पर बागपत पुलिस ने 9 थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया तो एक-एक करके 185 जमाती मिले। इनमें कुछ मस्जिदों में थे तो कुछ को गुपुचप तरीके से घरों पर छुपाकर रखा गया था। इनमें 28 जमाती पड़ोसी देश नेपाल के भी हैं, जबकि बाकी जमाती असम, मणिपुर, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित आठ राज्यों के हैं।

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सबसे बड़ी चैकाने वाली बात ये है कि बार-बार पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि बाहर से आए लोगों की सूचना पुलिस को दी जाए, लेकिन बागपत में सभी मस्जिदों के मौलवियों ने पुलिस को गुमराह करने का काम किया है। पुलिस ने सभी जमातियों की मेडिकल जांच शुरू करा दी है और सभी को अलग अलग स्थानों पर बालैनी, बड़ौत, बागपत में क्वारेंटाइन कराया गया है।

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एसपी बागपत प्रताप गोपेन्द्र यादव का कहना है कि सभी की फरवरी से लेकर अब तक की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है और इसका पूरा रजिस्टर बनाया जा रहा है। उन्होंने सख्त लहजे में कह दिया है कि इन जमातियों की सूचना न देने वाले और इन्हें गुपचुप तरीके से घर पर रखने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही ऐसे लोगो के खिलाफ विधिक रूप से दंडात्मक कारवायी भी की जाएगी। फिलहाल पकड़े गए सभी जमातियों के रहने,खाने-पीने के लिए प्रशासन व जनसहयोग द्वारा इंतज़ाम किये गए है। पुलिस का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

रिपोर्ट: पारस जैन