69000 शिक्षक भर्ती मामलाः बाराबंकी में खुशियों पर बिजली गिरी

आठ काउंटर पर 15 कर्मचारी कांउसिंलिंग कर रहे थे। वहीं जिले के समस्त 15 खंड शिक्षा अधिकारियों को भी पारदर्शिता और प्रापत्र जांचने के लिए लगाए गए थे। सारी प्रक्रिया चल रही थी लेकिन इसी बीच काउंसिंलिंग पर रोक लगाए जाने का आदेश आते ही प्रक्रिया रोक दी गई है। अब हम अगले आदेश का इंतजार करेंगे।

बाराबंकीः हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने परिषदीय विद्यालयों में होने वाली 69000 सहायक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। मामले पर अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। शिक्षक भर्ती के लिए जिलों में 3 जून से 6 जून तक काउंसलिंग होनी थी। लेकिन काउंसलिंग के पहले दिन ही प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश हाईकोर्ट ने दे दिया। लिखित में आदेश मिलने के बाद काउंसलिंग स्थगित कर दी गई है।

उम्मीदों पर पानी फिरा

कोर्ट का आदेश मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थियों ने फैसले पर निराशा जाहिर की। अभ्यर्थियों ने बताया कि बाराबंकी के बड़ेल बीआरसी में उनकी काउंसलिंग हो रही थी। सभी काफी खुश थे कि काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद उन्हें नियुक्ति पत्र मिल जाएगा और वह सरकारी शिक्षक बन सकेंगे।

लेकिन हाईकोर्ट की रोक के बाद एक बार फिर उनका सपना अधूरा रह गया। अब उनके पास कोर्ट के अगले आदेश का इंतजार करने के सिवाय कोई और रास्ता नहीं है।

क्या कहते हैं बीएसए

वहीं बाराबंकी के बीएसए डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि जिले में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में 1310 शिक्षकों की काउंसिलिंग होनी थी। इसके लिए बड़ेल स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र पर सुबह नौ बजे से आठ काउंटरों पर काउंसिंलिंग शुरू कर दी गई थी।

डेढ़ बजे तक लगभग ढाई सौ शिक्षकों की काउंसिंलिंग कराई भी गई। हर एक काउंटर पर दो-दो कर्मचारी रखे गए थे। आठ काउंटर पर 15 कर्मचारी कांउसिंलिंग कर रहे थे। वहीं जिले के समस्त 15 खंड शिक्षा अधिकारियों को भी पारदर्शिता और प्रापत्र जांचने के लिए लगाए गए थे।

सारी प्रक्रिया चल रही थी लेकिन इसी बीच काउंसिंलिंग पर रोक लगाए जाने का आदेश आते ही प्रक्रिया रोक दी गई है। अब हम अगले आदेश का इंतजार करेंगे।

सरफराज वारसी की रिपोर्ट