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अग्निकांड की 98 फीसदी घटनाओं के पीछे शार्ट सर्किट, UP में निगरानी तेज

CFO का कहना है कि अग्निकांड की 95-98 फीसदी घटनाएं शार्ट सर्किट के चलते होती हैं। जिसे देखते हुए अग्निशमन विभाग अलर्ट है।

Ramkrishna Vajpei

Ramkrishna VajpeiWritten By Ramkrishna VajpeiShreyaPublished By Shreya

Published on 1 May 2021 6:36 AM GMT

अग्निकांड की 98 फीसदी घटनाओं के पीछे शार्ट सर्किट, UP में निगरानी तेज
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आग (सांकेतिक फोटो साभार- सोशल मीडिया)

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लखनऊ: मुख्य अग्निशमन अधिकारी वीके सिंह (Chief Fire Officer VK Singh) का कहना है कि अग्निकांड की 95-98 फीसदी घटनाएं शार्ट सर्किट (Short circuit) की वजह से होती हैं। इसलिए अन्य सुरक्षा उपायों के साथ हमारा जोर इलेक्ट्रानिक इक्विपमेंट्स, वायरिंग, एमसीबी आदि पर भी रहता है और संबंधित लोगों से लगातार कहा जाता है कि इस सिस्टम को दुरुस्त रखें।

गुजरात व महाराष्ट्र में अस्पतालों में हुए अग्निकांडों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के संबंध में अग्निशमन विभाग सतर्क (Fire Department on Alert) हो गया है। पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है और अस्पतालों को सख्ती से अग्निशमन सुरक्षा से जुड़े मानकों को पूरा करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में दो दो बार अस्पतालों, मॉल व शॉपिंग सेंटर्स का निरीक्षण किया जा रहा है। यह बात मुख्य अग्निशमन अधिकारी वीके सिंह ने न्यूजट्रैक (Newstrack.com) से एक विशेष बातचीत में कही।

अग्निशमन विभाग की गाड़ी (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

अलर्ट पर अग्निशमन विभाग

सीएफओ ने कहा कि किसी भी अस्पताल या महत्वपूर्ण स्थानों पर आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग चौकन्ना है। अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा का इंतजाम लगातार चेक कर दुरुस्त कराया जा रहा है।

वीके सिंह का कहना है कि अस्पतालों, शॉपिंग माल प्रबंधन को आग लगने की घटना से बचाव के लिए कम से कम फायर एक्सटेंग्युसर, एबीसी- 32 और सीओटू 10 का इंतजाम रखना चाहिए। साथ ही होज रील, डाउन कमर सिस्टम, फायर अलार्म सिस्टम, ऑटोमेटिक डिटेक्शन सिस्टम, स्प्रिंकलर, स्टेटिक टैंक, ओवर हेड वाटर टैंक, सीढ़ी-रैंप, स्मोक डिटेक्शन सिस्टम आदि दुरुस्त रखने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि कोविड केयर हॉस्पिटलों की फायर ऑडिट कराई जा रही है। वर्तमान में अधिकतर हॉस्पिटल में यह काम पूरा हो चुका है।

वेलफेयर हॉस्पिटल (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

भरूच के अस्पताल में लगी आग का कारण रहा शॉर्ट सर्किट

गौरतलब है कि गुजरात में भरूच के भरूच-जंबुसर हाईवे पर स्थित पटेल वेलफेयर कोविड अस्पताल में शुक्रवार रात अग्निकांड के भीषण हादसे में अबतक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। अस्पताल के ट्रस्टी जुबेर पटेल ने भी 14 मरीज और 2 स्टाफ नर्स की मौत होने की पुष्टी की है। इस चार मंजिला अस्पताल में 50 मरीज और भर्ती थे।

भरूच के अस्पताल में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इससे मात्र तीन दिन पहले महाराष्ट्र में ठाणे के एक निजी असपताल में तड़के 3.40 बजे लगी आग में चार मरीजों की मौत हो गई थी। इस घटना में भी शॉर्ट सर्किट कारण सामने आया था।

इससे चार दिन पहले गुजरात के सूरत में एक प्रावइेट अस्पंताल में आग लगने से चार कोविड मरीज मरीजों ने दम तोड़ दिया था। यह आग सूरत के आयुष अस्पताल में रात 11 बजकर 40 मिनट पर लगी थी।

मुंबई में भी शार्ट सर्किट के चलते लगी आग

तकरीबन एक सप्ताह पहले महाराष्ट्र में ही मुंबई के विरार में स्थित विजय बल्लभ अस्पताल में आग लगने से घटना से 13 लोगों की मौत हुई थी। यह हादसा भी कोविड अस्पताल के आईसीयू वार्ड में हुआ था। यहां भी आग लगने के प्रारंभिक कारणों में शार्ट सर्किट को वजह बताया गया है।

इससे पहले भी मुंबई के भांडुप इलाके में स्थित ड्रीम्स मॉल में आग के बाद मॉल की तीसरी मंजिल पर मौजूद सनराइज अस्पताल चपेट में आया था इस अग्निकांड में अस्पताल में भर्ती 10 मरीजों की मौत हो गई थी। वहीं हाल ही में नासिक के हॉस्पिटल में ऑक्सीजन लीक होने की वजह से 24 मरीजों की मौत हो गई थी।

Shreya

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