×

अब्बास अंसारी को देश की शीर्ष अदालत ने दी राहत, शर्तों के साथ आएंगे बाहर

Abbas Ansari: विधायक अब्बास अंसारी को राज्य के गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में अंतरिम जमानत दे दी है।

Snigdha Singh
Published on: 7 March 2025 5:53 PM IST (Updated on: 10 March 2025 12:30 PM IST)
अब्बास अंसारी को देश की शीर्ष अदालत ने दी राहत, शर्तों के साथ आएंगे बाहर
X

Abbas Ansari: मुख्तार अंसारी के बेटे और उत्तर प्रदेश की मऊ सीट से विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है। देश की शीर्ष अदालत ने उन्हें उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं समाज विरोधी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1986 के तहत दर्ज मामले में राहत दिया है। अब्बास को सशर्त जमानत दी गई है। साथ ही पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए भी कहा है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने कहा कि अंसारी कई मामलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वर्तमान मामले को छोड़कर सभी मामलों में जमानत दी जा चुकी है। शीर्ष अदालत ने अब्बास को शर्तों के साथ जमानत दी जाएगी। शर्तों के अनुसार उनको लखनऊ में अपने आधिकारिक घर में रहना होगा। अपनी विधानसभा क्षेत्र मऊ ही जा सकते हैं। चित्रकूट के सेशन कोर्ट द्वारा बेल बांड की राशि तय की जाएगी। वह लंबित मामलों पर कोई बयान नहीं दे सकते हैं। पीठ ने अंसारी को अदालत की पूर्व अनुमति के बिना उत्तर प्रदेश नहीं छोड़ने और अदालतों में पेश होने से एक दिन पहले पुलिस अधिकारियों को सूचित करने के लिए कहा गया है। वहीं, सर्वोच्च अदालत ने निर्देश दिया कि पुलिस छह सप्ताह के भीतर अब्बास के चाल-चलन पर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करें, इसके बाद सुनवाई की जाएगी। बता दूं कि अब्बास अंसारी गैंगस्टर एवं समाज विरोधी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1986 मामले में सितंबर 2024 से जेल में बंद हैं।

अब्बास अंसारी मऊ निर्वाचन क्षेत्र से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक हैं। 4 नवंबर, 2022 को अन्य आपराधिक मामले में हिरासत में लिया गया था, लेकिन उसे 6 सितंबर, 2024 को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। पिछले साल 18 दिसंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मामले में अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

मामला क्या है?

31 अगस्त, 2024 को चित्रकूट जिले के कोतवाली कर्वी पुलिस स्टेशन में अब्बास अंसारी, नवनीत सचान, नियाज अंसारी, फराज खान और शाहबाज आलम खान के खिलाफ यूपी गैंगस्टर्स और असामाजिक क्रियाकलाप (रोकथाम) अधिनियम, 1986 की धारा 2, 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। उन पर जबरन वसूली और मारपीट का आरोप लगाया गया था।

Snigdha Singh

Snigdha Singh

Leader – Content Generation Team

Hi! I am Snigdha Singh, leadership role in Newstrack. Leading the editorial desk team with ideation and news selection and also contributes with special articles and features as well. I started my journey in journalism in 2017 and has worked with leading publications such as Jagran, Hindustan and Rajasthan Patrika and served in Kanpur, Lucknow, Noida and Delhi during my journalistic pursuits.

Next Story