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बाजारों में बिक रहीं जहरीली मिठाइयां, खाली मकानों में चल रहा गोरखधंधा

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AdminBy Admin

Published on 22 March 2016 2:21 PM GMT

बाजारों में बिक रहीं जहरीली मिठाइयां, खाली मकानों में चल रहा गोरखधंधा
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कानपुर: होली के खुशनुमा माहौल में मिठाइयों की मिठास न हो तो त्योहार का मजा ही अधूरा हो जाता है। तरह-तरह की मिठाइयां दुकानों में रौनक बढ़ा रही हैं, लेकिन इन मिठाइयों को खाने से पहले जरा सावधान हो जाइए। त्योहार के इस मौके पर जिले में बड़े पैमाने पर मिलावट का गोरखधंधा बढ़ गया है। newztrack.com आपको बताएगा कि कैसे मिलावटखोर जहरीली मिठाइयां बनाकर मुनाफा कमा रहे हैं और आपकी सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। होली का त्योहार आते ही खोये और मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। इसके चलते ग्रामीण इलाकों में सूने पड़े मकानों में मिठाईयों का कारोबार तेजी से चलने लगा है।

यूरिया और हानिकारक तत्वों से तैयार होती हैं मिठाइयां

एक मिलावटखोर ने बताया कि यूरिया, रिफाइंड, खराब मेवा, केमिकल जैसे हानिकारक तत्वों का प्रयोग कर ऐसी मिठाइयों को तैयार किया जाता है। मिठाई में ऐसे रंगों का भी प्रयोग किया जाता है जो खाने के लिए नहीं होता है। इसके अलावा बेसन से बनने वाली सोहन पापड़ी को चटरी और खराब तेल से तैयार किया जाता है। मिल्क केक में मिल्क तो होता ही नहीं है उसे पाउडर से तैयार किया जाता है। मिठाई में मिठास के लिए सकरीन का प्रयोग होता है इसके अलावा खराब खोया में केमिकल और खुसबू मिलाकर उसे अन्य सही खोये में मिला दिया जाता है।

खोये में सकरकंद ब्रेड चीनी उबला आलू और सिंथेटिक दूध आदि मिलाकर उसे तैयार करते हैं। मिलावटखोर का मानना है कि वह लोग होली और दिवाली के दौरान आस-पास के जिलों और शहर की छोटी मंडियों में सप्लाई कर मोटी कमाई करते हैं।

स्थानीय पुलिस की होती है मिलीभगत

लोगों की सेहत से खेल रहे इन मिलावटखोरों को न तो पुलिस का डर है और ना ही प्रशासन का क्योंकि स्‍थानीय पुलिस भी इनसे मिली रहती है। इसके चलते इन्हें कोई भय नही रहता। यह लोग ऐसी जगहों पर काम करते हैं जहां खाद्य विभाग के अधिकारी और टीम पहुंच ही नही सके और माल रात के समय और सुबह लोडरों में लाद कर सप्लाई के लिए भेजा जाता है।

अधिकारी भी मानते है जोरो पर है मिलावट का धंधा

थोड़े से मुनाफे के लिए जिस तरीके से ये मिलावटखोर खुलेआम लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं यह बात खाद्य विभाग के अधिकारी भी मान रहे हैं कि त्योहारों के समय बड़े पैमाने पर मिलावटखोर सक्रिय है।

फूड इंस्पेक्टर शलिल सिंह ने क्‍या कहा

उनकी टीम को जहां भी जानकारी मिलती है वह छापेमारी करते हैं। कई टीमे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मिठाई की दुकानों और मंडियों में खोये के नमूने लेने का काम कर रही हैं। जहां भी लोगों को ऐसे कारखानों की सूचना मिले उन्हें दें तो टीम जरूर छापेमारी करेगी।

मिलावटी मिठाई बन सकती है जानलेवा

यूरिया, केमिकल और मिलावटी रंगों के साथ सड़ी और खराब मेवा से बनी मिठाइयां आपकी सेहत के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है इसपर जानकार डाॅक्टर ज्योति दीक्षित का कहना है कि ऐसे हानिकारक तत्व मानव शरीर के लिए बहुत ही नुकशानदायक व खतरनाक है, ऐसी मिलावटी मिठाई का सेवन करने से पेट संबंधी बीमारियां और एलर्जी के साथ साथ लीवर इंफेक्सन की भरपूर संभावनाएं है,यदि ऐसी मिठाई का सेवन बच्चों या कमजोर पाचन वालों को दे दी जाएं तोृवह जानलेवा भी हो सकती है।

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