कमलेश तिवारी हत्याकांड में समझौता: कल योगी से मिलेंगे परिजन, पूरी ​होंगी ये मांगें

डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और हत्या के तार गुजरात के सूरत से जुड़े हैं। डीजीपी ने कहा कि 24 घंटे के अंदर हत्या के मामले को सुलझाया है। डीजीपी की प्रेस कांफ्रेस के बाद गुजरात के डीआईजी ने कहा कि हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया है।

लखनऊ: हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्याकांड पर उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर बड़ा खुलासा किया है। वहीं अब कमलेश के अंतिम संस्कार को राजी नहीं परिजन अब राजी हो गए हैं। कमलेश तिवारी के परिजन कल सीएम योगी से मुलाकात करेंगे। लखनऊ मंडल के कमिश्नर मुकेश मेश्राम कमलेश तिवारी के परिवार से मिलने के बाद ये जानकारी दी।

प्रशासन और परिजनों के बीच हुआ समझौता

9 बिन्दुओं पर परिजनों ने समझौता किया

सीएम से भेंट और उचित मुआवजा मिलेगा

लखनऊ में तिवारी के परिवार को घर मिलेगा

तिवारी परिवार को पुलिस सिक्योरिटी मिलेगी।

कमलेश के बेटे को सरकारी नौकरी का प्रस्ताव, IG स्तर के अफसर से जांच कराएंगे, परिजनों को शस्त्र लाइसेंस भी मिलेगा।

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क्या कहा डीजीपी ने

डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और हत्या के तार गुजरात के सूरत से जुड़े हैं। डीजीपी ने कहा कि 24 घंटे के अंदर हत्या के मामले को सुलझाया है। डीजीपी की प्रेस कांफ्रेस के बाद गुजरात के डीआईजी ने कहा कि हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया है।

इससे पहले डीजीपी ने कहा कि कमलेश की हत्या की साजिश 2015 में ही रची गई थी। कमलेश तिवारी की हत्या उनके 2015 में दिए गए उनके भड़काऊ भाषण की वजह से हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक कमलेश तिवारी की हत्या में 5 लोग शामिल थे। जिन दो लोगों ने हिंदूवादी नेता की हत्या की वह अभी फरार हैं। आरोपियों की पहचान कर ली गई है।