अखिलेश यादव का बड़ा बयान, जिम कार्बेट पार्क में सीता ने दिया था लव कुश को जन्म

सपा मुखिया ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में, जो अब सीतावनी के नाम से जाना जाता है, देवी सीता ने अपने दोनों पुत्रों लव और कुश को जन्म दिया था। यह आश्रम आज भी नैनीताल के जिमकार्बेट नेशनल पार्क में स्थित है।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर, देशवासियों को संस्कृत भाषा के पहले महाकाव्य के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर बधाई दी।

अखिलेश यादव ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में, जो अब सीतावनी के नाम से जाना जाता है, देवी सीता ने अपने दोनों पुत्रों लव और कुश को जन्म दिया था। यह आश्रम आज भी नैनीताल के जिमकार्बेट नेशनल पार्क में स्थित है।

समाजवादी पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती सादगी से मनाई गई। इस मौकें पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि वाल्मीकि जयंती का उत्सव एक महान संत को श्रद्धांजलि है जिन्होंने अपनी सीमाओं को जीत लिया और अपनी शिक्षाओं से सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की महान रचना रामायण, राम के जीवन पर पहला महाकाव्य है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जनश्रुति के अनुसार वाल्मीकि जी का मूल नाम रत्नाकर था। जन्म के बाद इनका अपहरण भीलों ने कर लिया जिससे वे उनके गलत कामों में शरीक हो गए थे। बाद में उनके जीवन में परिवर्तन आया और वे साहित्य जगत में अमर हो गए।