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Aligarh News: एएमयू में जुलाई से शुरू हो रहा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिप्लोमा कोर्स, फीस है मात्र इतनी
Aligarh News: एएमयू में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए एल) समेत साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल मार्केटिंग के डिप्लोमा जुलाई माह से शुरू किए जा रहे हैं।
Aligarh News:- एएमयू में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए एल) समेत साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल मार्केटिंग के डिप्लोमा जुलाई माह से शुरू किए जा रहे हैं। डिप्लोमा में प्रवेश लेने का तरीका काफी सरल है। और प्रवेश शुल्क मात्र 14000 हजार रूपये है। जानिए ए एल डिप्लोमा में प्रवेश की प्रक्रिया।
यूजीसी के नियमों के अनुसार, एएमयू सहित चुनिंदा विश्वविद्यालयों को सभी आवश्यक शर्तें पूरी करने के बाद ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी गई है।भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की अनुमति के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र ने चालू शैक्षणिक वर्ष से ऑनलाइन बीए, बीकॉम और ऑनलाइन एमए, एमकॉम डिग्री पाठ्यक्रम शुरू कर दिए हैं।
केंद्र के डायरेक्टर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए एल) डिप्लोमा के के संबंध में बताया आज के डिजिटल वर्ल्ड में भारत सरकार डिजिटल प्रोग्राम्स को बढ़ावा दे रही है। इसे देखते हुए हम लोगों ने जुलाई सेशन से कुछ ऐसे डिप्लोमा शुरू कर रहे हैं। जिससे छात्रों को भारत समेत दुनिया में कही भी आसानी से नौकरी मिल सकें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए एल) के संबंध में डायरेक्टर ने बताया। कि आज हम सब जानते हैं। की पूरी दुनिया आई एएल के लिए काम कर रही है। ऐसे में अगर हम अपने छात्रों को एएल की शिक्षा देते हैं। उनको ट्रेनिंग देते हैं। तो वो आसानी से दुनिया में कहीं भी नौकरी पा सकते हैं। क्योंकि हमारे केंद्र में गरीब और छोटे घरों के छात्र ज्यादा आते हैं। इसलिए हमने इसकी डिप्लोमा की फीस भी मात्र 14000 हजार रूपये रखी है। जब की प्राइवेट यूनिवर्सिटी में इस कोर्स की फीस लाखों में है। डिप्लोमा में प्रवेश फीस कम रखने का मकसद छात्रो का आसानी से प्रवेश है।
डायरेक्टर ने बताया (AI )डिप्लोमा हम जुलाई महीने से शुरू करने जा रहे हैं। लेकिन अभी से ही छात्रो में इस कोर्स को लेकर इतना उत्साह है। कि वह इस कोर्स के बारे में केंद्र से लगातार जानकारी हासिल कर रहे हैं। हम बच्चों को सिखाएंगे कि कैसे डिजिटल लॉजिक होते हैं। कंप्यूटर आर्किटेक्चर कैसे होते हैं। और इनका क्या काम होता है। मशीन लर्निंग क्या होते हैं। ताकि आज के डिजिटल वर्ल्ड में छात्रों की पकड़ बन सके ताके वो आसानी से नौकरी हासिल कर सकें।
एआई डिप्लोमा की प्रवेश के लिए किसी भी सब्जेक्ट में किसी भी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है।
डिप्लोमा 1 साल का कोर्स है।
डिप्लोमा का कोर्स मैटेरियल अंग्रेजी भाषा में होगा।
परीक्षा अंग्रेजी भाषा में ही होगी।
डिप्लोमा की फीस 14000 रुपए है।
जुलाई माह के पहले सप्ताह से कोर्स के फॉर्म भरना शुरू होंगे जो केंद्र सही मिलेंगे।
डिप्लोमा ऑफलाइन होगा।
डिप्लोमा में मेरिट बेस पर होगा।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 1987 से दूरस्थ शिक्षा केंद्र चलाया जा रहा है। जिसमें कुल 19 कोर्स हैं। जिसमें 8644 छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। केंद्र में चलाए जा रहे कोर्सेज में प्रवेश लेने का तरीका सरल है। जिसका विवरण केंद्र की वेबसाइट www.cdoeamu.ac.in पर है। केंद्र का पता एएमयू सुलेमान हाल के सामने शमशाद मार्केट अनूपशहर रोड अलीगढ़ है। केंद्र में साल में दो बार कोर्स में प्रवेश होते हैं। एक जनवरी में, दूसरा जून और जुलाई के बाद। केंद्र में 11वीं व 12वीं ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ कुछ डिप्लोमा कोर्सेज भी चलाए जाते हैं।
भारत में मुक्त और दूरस्थ शिक्षा की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा 1962 में पत्राचार पाठ्यक्रम और सतत् शिक्षा विद्यालय के माध्यम से की गई थी। ताकि उन लोगों को सक्षम बनाया जा सके। जिनमें आगे ज्ञान प्राप्त करने और अपनी व्यावसायिक क्षमता में सुधार करने की इच्छा और योग्यता थी। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 1987 से दूरस्थ शिक्षा दी जा रही है।
दूरस्थ शिक्षा से तात्पर्य उस स्थिति से है। जहां छात्र कक्षा में शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं होते हैं। वे अपने शिक्षक और अन्य सहपाठियों से अलग रहते हैं। और जब भी उनका समय अनुकूल होता है। वे (अधिकांशतः) घर से ही अध्ययन करते हैं। पारंपरिक व्यक्तिगत शिक्षा और हाइब्रिड पाठ्यक्रमों के विपरीत, दूरस्थ शिक्षा ऑनलाइन छात्रों को उन पाठों का अनुसरण करने की अनुमति देती है। जो या तो ईमेल जैसे पत्राचार द्वारा संचालित होते हैं। या ऑनलाइन पाठ्यक्रम मंच के माध्यम से उपलब्ध होते हैं।