×

योगी राज में मदरसों को गाना पड़ेगा जन गण मन, HC की लगी मुहर

यूपी की योगी सरकार के फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी बुधवार (04 अक्टूबर) को अपनी मुहर लगा दी।

tiwarishalini

tiwarishaliniBy tiwarishalini

Published on 4 Oct 2017 8:33 PM GMT

योगी राज में मदरसों को गाना पड़ेगा जन गण मन, HC की लगी मुहर
X
UP के मदरसों को गाना पड़ेगा जन गण मन, योगी सरकार के फैसले पर HC की मुहर
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

इलाहाबाद : यूपी की योगी सरकार के फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी बुधवार (04 अक्टूबर) को अपनी मुहर लगा दी। राष्ट्रगान को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि मदरसों में राष्ट्रगान (जन गण मन) गाया जाना अनिवार्य है। मदरसों को राष्ट्रगान गाने की छूट नहीं दी जा सकती है। यह आदेश चीफ जस्टिस डी.बी.भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने मऊ के अलौल मुस्तफा की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।

यह भी पढ़ें ... मदरसों के लिए योगी का फरमान, 15 अगस्त को जरूर करना होगा ये काम

याचिका में 03 अगस्त 2017 के उस शासनादेश को चुनौती देते हुए रद्द करने की मांग की गई थी, जिसमें यूपी सरकार ने प्रदेश के मदरसों में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर दिया था। कोर्ट ने संबंधित विभागों के प्रमुख सचिवों को आदेश दिया है कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी शिक्षण संस्थाओं में राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज फहराना सुनिश्चित कराएं। चाहे वे रजिस्टर्ड हों या नहीं।

यह भी पढ़ें ... राष्ट्रगान में खड़ा नहीं हो सका दिव्यांग तो साबित कर दिया उसे पाकिस्तानी

याचिका में मांग की गई थी कि मदरसों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को राष्ट्रगान गाने के लिए विवश न किया जाए। यदि उन्हें ऐसा करने के लिए विवश किया जाता है तो यह देशभक्ति थोपा माना जाएगा। इसके साथ ही उन्हें इस तरह के गीत गाने के लिए विवश नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए क्या कहा ?

कोर्ट ने कहा कि याची दूर-दूर तक ऐसा कोई तथ्य बताने में असफल रहा कि राष्ट्रगान गाने से उसकी धार्मिक आस्था का विश्वास प्रभावित होगा। याची यह साक्ष्य भी नहीं प्रस्तुत कर सका कि मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों को इस पर आपत्ति है।

कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज व संविधान का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है। राष्ट्रगान न केवल संवैधानिक कर्तव्य है अपितु राष्ट्रीय अखंडता, पंथ निरपेक्षता, लोकतांत्रिक भावना का प्रसार करता है।

कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रध्वज केवल कपड़ा और स्याही का टुकड़ा मात्र नहीं है। यह स्वाधीनता के लक्ष्य को हासिल करने का जरिया है। कोर्ट ने कहा कि इस नाते राष्ट्रगान गाना और राष्ट्रध्वज फहराना सभी शिक्षण और अन्य संस्थाओं में अनिवार्य है।

यह भी पढ़ें ... सुप्रीम कोर्ट ने कहा- फिल्म सीन वाले राष्ट्रगान में खड़ा होना बाध्यकारी नहीं

कोर्ट ने याची को दी ये सलाह

कोर्ट ने याची को सलाह दी कि वह संवैधानिक दायित्व की शिक्षा ग्रहण करे। जो सभी लोगों ने स्वीकार की है और हमेशा अपने मस्तिष्क में याद रखें कि उसका ऐसा प्रयास सौहार्द्र को बिगाड़ने वाला है।

कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 51 ए के अनुसार देश में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करें। राष्ट्रगान में देश का इतिहास, इसकी प्रथाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने और आपसी भाईचारा को बढ़ावा देने के तथ्य हैं।

क्या था योगी सरकार का फरमान ?

दरअसल, यूपी के सभी मदरसों को उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड की तरफ से एक आदेश जारी किया गया था। आदेश के मुताबिक, सभी मदरसों को 15 अगस्त के दिन राष्ट्र ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने का आदेश दिया गया था।

यह भी पढ़ें ... 15 अगस्त को राष्ट्रगान न गाने वाले मदरसों पर अब होगी NSA की कार्रवाई!

इसके साथ ही पूरे समारोह की वीडियोग्राफी का भी फरमान सुनाया गया था। योगी सरकार के इस आदेश के बाद इस साल स्वतंत्रता दिवस के दिन यूपी के मदरसों में तिरंगा फहराने के साथ ही राष्ट्रगान गया था।

tiwarishalini

tiwarishalini

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

Next Story