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मनरेगा तकनीकी सहायकों की बर्खास्तगी रद्द, कोर्ट ने कहा-डीएम को नहीं अधिकार

न तो याचीगण को कोई नोटिस दिया गया और न ही उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई। डीएम ने आदेश जारी करने में नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं किया। कोर्ट ने डीएम के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि डीएम को इस प्रकार का आदेश देने का अधिकार नहीं है।

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zafarBy zafar

Published on 19 Sep 2016 2:34 PM GMT

मनरेगा तकनीकी सहायकों की बर्खास्तगी रद्द, कोर्ट ने कहा-डीएम को नहीं अधिकार
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इलाहाबाद: हाईकोर्ट ने मनरेगा के तहत काम कर रहे तकनीकी सहायकों की बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास से कहा है कि वह मामले को नये सिरे से देखें। कोर्ट ने कहा कि याचीगण को सुनवाई का अवसर देते हुए नियमानुसार आदेश पारित किया जाए।

बर्खास्तगी रद्द

-न्यायमूर्ति बी अमित स्थालेकर ने यह आदेश आत्माजी सिंह और 61 अन्य की याचिका पर जारी क्या है।

-याची के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने बताया कि डीएम आजमगढ़ ने 27 अगस्त 16 को एक आदेश पारित करते हुए 62 तकनीकी सहायकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

-याचिका में इस आदेश को चुनौती दी गई थी।

-याचिका में कहा गया कि आदेश पारित करने से पहले याचीगण को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया।

डीएम को नहीं अधिकार

-न तो याचीगण को कोई नोटिस दिया गया और न ही उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई।

-डीएम ने आदेश जारी करने में नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं किया।

-कोर्ट ने डीएम के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि डीएम को इस प्रकार का आदेश देने का अधिकार नहीं है।

-कोर्ट ने अब प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास को फिर से सुनवाई करके नियमानुसार आदेश पारित करने का आदेश दिया है।

(फोटो साभार: डीएनएइंडिया.कॉम)

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