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UPTET 2021: सफल अभ्यर्थियों को इलाहाबाद HC से झटका, जाने क्यों सर्टिफिकेट जारी करने पर लगी रोक

Allahabad on UPTET 2021 : एक याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में यूपीटीईटी 2021 के सफल अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट जारी करने पर रोक लगा दिया।

Bishwa Maurya
Published on 14 May 2022 2:22 AM GMT
Allahabad High Court
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Allahabad High Court (Image Credit : Social Media)

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UPTET 2021 Court Verdict : यूपीटीईटी 2021 (UP TET 2021) में सफल अभ्यार्थियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की ओर से बड़ा झटका दिया गया है। बीते दिन कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया कि जनवरी 2022 में आयोजित हुई यूपीटीईटी 2021 की परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यार्थियों को सर्टिफिकेट नहीं जारी किया जाएगा। बता दें प्रतीक मिश्रा वह कई अन्य लोगों की ओर से इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है कि B.Ed डिग्री धारकों को प्राइमरी लेवल में शामिल ना किया जाए। बीते दिन इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपीटीईटी 2021 में 5 अभ्यार्थियों को सर्टिफिकेट जारी करने से मना कर दिया।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया

बीएड डिग्री धारकों को टीईटी प्राइमरी लेवल (TET Primary Level) में शामिल ना करने के लिए हाईकोर्ट में दायर की गई। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 जनवरी 2022 को आयोजित हुई यूपीटीईटी 2021 के पुत्र अभ्यार्थियों को बड़ा झटका देते हुए यह आदेश दिया कि इन सभी छात्रों के सर्टिफिकेट जारी करने पर रोक लगाया जाए। साथ ही कोर्ट ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) से जवाब तलब किया है। हाई कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई अब सोमवार 16 मई को करेगा।

क्या है याचिका?

यूपीटीईटी से जुड़े याचिका में याचिकाकर्ता प्रतीक मिश्रा व अन्य कई लोगों की तरफ से मांग की गई है कि बीएड डिग्री धारकों को प्राइमरी लेवल में शामिल ना होने दिया जाए। इस मांग के लिए याचिकाकर्ता की ओर से बीते साल राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) की ओर से जारी की गई एक आदेश का उदाहरण दिया गया। राजस्थान हाई कोर्ट ने अपने जारी आदेश में 28 जून 2018 को एनसीटीई (NCTE) की जारी नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया। एनसीटीई द्वारा 2018 में जारी इस नोटिफिकेशन में बीएड डिग्री धारकों को कक्षा 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त करने के लिए योग्य कहा गया था। लेकिन राजस्थान हाई कोर्ट ने इस नोटिफिकेशन को 2021 में रद्द कर दिया।

इस नोटिफिकेशन को रद्द करते हुए हाईकोर्ट की ओर से कहा गया था कि प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक के रूप में बीएड डिग्री धारक शिक्षक के लिए योग्य नहीं हो सकते। कल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाई कोर्ट के 2021 के फैसले को आधार माना और यह फैसला लिया कि 23 जनवरी 2022 को आयोजित यूपीटेट की परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यार्थियों को सर्टिफिकेट नहीं जारी किया जाएगा।

Bishwa Maurya

Bishwa Maurya

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