योगी का करोड़ों का बजट फेल, यहां धड़ल्ले से हो रही गायों की मौत

गोवंश संरक्षण के लिए सरकार के दावों की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में पोल खुल गई है। करोड़ों के बजट के बावजूद गोवंश गो आश्रय के बजाए खेतों में जाकर पेट भरने के चक्कर में मौत को गले लगा रहे हैं।

अमेठी: गोवंश संरक्षण के लिए सरकार के दावों की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में पोल खुल गई है। करोड़ों के बजट के बावजूद गोवंश गो आश्रय के बजाए खेतों में जाकर पेट भरने के चक्कर में मौत को गले लगा रहे हैं। मंगलवार को भी अमेठी कोतवाली क्षेत्र के एक मंधर पट्टी गांव में आधा दर्जन से ऊपर गोवंश रेल ट्रैक्टर के किनारे संदिग्ध अवस्था में मृत पाए गए हैं। दिल हिलाने वाली बात ये है कि मृत गोवंश को कुत्ते और पंछी नोचते रहे और किसी एक जिम्मेदार ने उनका अंतिम संस्कार करना मुनासिब नहीं समझा। इससे साफ जाहिर है कि अमेठी के प्रशासानिक अधिकारी किस तरह सरकार को बदनाम करने में लगे हैं।

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पूरा मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मंधर पट्टी गांव का है

दरअस्ल ये पूरा मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मंधर पट्टी गांव का है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार गांव के निकट रेलवे ट्रैक के किनारे सात गोवंशो के शव थोड़े-थोड़े फासले पर पाए गए हैं। इस तरह गोवंशो के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी है, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी लापरवाही ऐसी कि एक भी जिम्मेदार मौके पर नही पहुंचा।

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ग्रामीणों के अनुसार प्रशासनिक लापरवाही के चलते बेजुबान जानवरों के शव कुत्तों का निवाला बन रहे हैं। वैसे इन सात गोवंशो की मौत ट्रेन से टक्कर लगने के बाद हुई या खेतों में विषैली घास खाने से इस पर ग्रामीणों में संशय बरकार है। इस पूरे मामले पर जब डीएम अरूण कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में नही है। मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है तत्काल टीम भेजकर गोवंशो के शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा।