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UP में ब्यूरोक्रेसी के बुरे दिन शुरू, कई मामलों में लग रहा साख पर बट्टा

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amanBy aman

Published on 21 Sep 2017 12:26 PM GMT

UP में ब्यूरोक्रेसी के बुरे दिन शुरू, कई मामलों में लग रहा साख पर बट्टा
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UP में ब्यूरोक्रेसी के बुरे दिन शुरू, कई मामलों में लग रहा साख पर बट्टा
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राजकुमार उपाध्याय

लखनऊ: बीते दिन ही राजधानी में उड़ीसा हाईकोर्ट के रिटायर जज के ठिकानों पर सीबीआई का छापा पड़ा। पूर्व आईएएस राजेन्द्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के लिए उनके आवास पर विजिलेंस ने सर्च अभियान चलाया। पंजाब के प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा के एक गुर्गे को पकड़ने और फिर छोड़ने के मामले में कथित तौर पर एक करोड़ की डील का मामला उजागर हुआ।

इस प्रकरण में एक आईजी रैंक का अफसर चर्चा में है। इधर, तीन आईएएस अफसर विजिलेंस के रडार पर हैं। कभी भी उनके खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू हो सकती है। सिलसिलेवार घट रही इन घटनाओं का इशारा साफ है कि यूपी में ब्यूरोक्रेसी के बुरे दिन शुरू हो गए हैं।

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केस 'सेटल' कराने के मामले में पूर्व जस्टिस फंसे

उड़ीसा हाईकोर्ट के रिटायर जज आईएम कुद्दूसी सुप्रीम कोर्ट में घूस देकर केस 'सेटल' कराने के मामले में हिरासत में लिए गए हैं। सीबीआई ने बुधवार को हजरतगंज में लॉरेंस टैरेस स्थित उनके ठिकाने पर सर्च अभियान चलाया। सीबीआई दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच ने मंगलवार को पूर्व जज आईएम कुद्दूसी समेत छह लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा आठ और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया था।

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पूर्व आईएएस को अरेस्ट करने उनके घर पहुंची विजिलेंस

पूर्व आईएएस अफसर राजेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार करने के लिए बुधवार को विजिलेंस टीम उनके गोमतीनगर आवास पहुंची। पर वह नहीं मिले तो उनके नौकर को लेकर गोमतीनगर थाने आयी और उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया। पूर्व आईएएस 1993-94 में मेरठ में नगर आयुक्त के पद पर थे। उन पर शहर में स्लाटर हाउस को नियमों के विपरीत चलाने के लिए अनुमति देने का आरोप था। इसी प्रकरण में 2005 में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

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आतंकी को छुड़ाने में एक करोड़ की डील

यूपी के आईजी रैंक के एक अफसर पर बब्बर खालसा संगठन के आतंकी को पहले गिरफ्तार करने और फिर छोड़ने के एवज में एक करोड़ की घूस की डील का आरोप लगा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। पूरे मामले की जांच एडीजी ला एंड आर्डर आनन्द कुमार को सौंपी गई है। गुरुवार को वह मामले की जांच करने पंजाब पहुंचे।

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विजिलेंस के राडार पर तीन आईएएस

बीते महीने प्रदेश के तीन आईएएस अफसरों के घर आयकर विभाग ने सर्च अभियान चलाया था। इस दौरान उनके आवासों से काफी मात्रा में नकदी और ज्वैलरी बरामद हुई थी। तभी से यह अफसर विजिलेंस के राडार पर हैं। इनमें आईएएस हृदय शंकर तिवारी, एसके सिंह और विमल कुमार शर्मा शामिल हैं। आयकर विभाग की छापेमारी के बाद नियुक्ति विभाग ने भी इनसे स्पष्टीकरण मांगा था। उनके दिए गए इसी स्पष्टीकरण का परीक्षण चल रहा है। इसके बाद अब इन आईएएस अफसरों के विजिलेंस जांच जल्द शुरू हो सकती है।

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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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