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एसोचैम रिपोर्ट: UP में बेमौसम बरसात खा गई एक करोड़ 30 लाख टन गेहूं

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Published on 18 March 2016 12:13 PM GMT

एसोचैम रिपोर्ट: UP में बेमौसम बरसात खा गई एक करोड़ 30 लाख टन गेहूं
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लखनऊ: मार्च के महीने में हुई बेमौसम बरसात से एक करोड़ 30 लाख टन गेहूं का उत्पादन कम होने की आशंका है। जहां फसल तैयार हो गई थी वहां नुकसान ज्यादा हो गया लेकिन उन इलाकों में राहत रही जहां गेहूं की बालियां अभी छोटी हैं।

अनुमान से कम होगा गेहूं का उत्पादन

देश में उद्योग व्यापार की अग्रणी संस्था ऐसोचैम ने शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में यह आशंका जाहिर की है। एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल डीएस रावत ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि सरकार ने रबी की फसल में गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य नौ करोड़ 30 लाख 80 हजार टन रखा था। जबकि बेमौसम बरसात से अब उत्पादन 8 करोड़ टन ही हो सकेगा।

लगातार दूसरे साल ख़राब हुई फसल

रिपोर्ट में कहा गया कि ये लगातार दूसरा साल है जब यूपी में बेमौसम बरसात से गेहूं की फसल बर्बाद हुई है। पिछले साल भी पूरे देश में फरवरी मार्च में बरसात हो गई थी।

कम गुणवत्ता वाले गेहूं का करना होगा भंडारण

एसोचैम ने कहा है कि उत्पादन कम होने से देश में गेहूं की उपलब्धता पर असर पड़ेगा। बरसात के कारण गेहूं की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी और उसके दाने पुष्ट नहीं होंगे। नतीजा होगा कि सरकार को बड़ी मात्रा में कम गुणवत्ता वाले गेहूं का भंडारण करना होगा।

1 अप्रैल 2016 के बाद सरकार के पास गेहूं का स्टॉक एक करोड़ 30 लाख 37 हजार टन का रह जाएगा। गेहूं का भंडारण वैसे भी 10 से 20 प्रतिशत तक कम हुआ है। इस लिहाज से 1 जुलाई 2016 तक भंडारण साढ़े तीन करोड़ टन रहेगा ।

यूपी में हर महिने तीस लाख 50 हजार टन गेहूं की खपत

यूपी में हर महीने गेहूं की जरूरत तीस लाख 50 हजार टन गेहूं की खपत होती है ।इसमें पीडीएस और खुले बाजार में बिक्री भी शामिल है।

एसोचैम के अनुसार 1 अप्रैल 2017 तक स्टॉक एक करोड़ टन ही रहेगा। एसोचैम ने सुझाव दिया है कि इम्पोर्ट डयूटी कम करना चाहिए।

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