यूपी के बेबस अधिकारी: सत्ता की हनक के आगे हारे, पीड़ित परिवार का बुरा हाल

इसे सत्ता की हनक कहें या फिर दबंगई का जलवा कि एक व्यक्ति की जमीन को न तो जिला प्रशासन नापने को तैयार है और न ही कोई भी अधिकारी उनकी बात को सुन रहा है।

पीड़ित परिवार का बुरा हाल

पीड़ित परिवार का बुरा हाल

औरैया: इसे सत्ता की हनक कहें या फिर दबंगई का जलवा कि एक व्यक्ति की जमीन को न तो जिला प्रशासन नापने को तैयार है और न ही कोई भी अधिकारी उनकी बात को सुन रहा है। जबकि मामला जिले के मुखिया जिला अधिकारी के संज्ञान में भी है। वह भी इस मामले का निस्तारण कराए जाने का प्रयास कर चुके हैं। सत्ता की हनक के आगे वह भी नतमस्तक हो गए हैं। जबकि पीड़ित ने उच्चाधिकारियों सहित कई जगहों पर शिकायत भी की है मगर मामले का निस्तारण आज तक नहीं हो सका। दूसरे पीड़ित ने यह भी धमकी दी है कि यदि शीघ्र मामले का निस्तारण नहीं हुआ तो वह परिवार सहित आत्मदाह करने को मजबूर होगा।

वहीं दिबियापुर नगर पंचायत के चेयरमैन ने एक फरमान भी जारी कर दिया कि जब तक वह नहीं चाहेंगे और उनकी मर्जी नहीं होगी तब तक उस जगह की नपती कोई भी व्यक्ति नहीं करा पाएगा। चाहे इसमें कोई भी उच्च स्तरीय अधिकारी व राजनेता अपनी प्रतिष्ठा ही क्यों न लगा ले। मगर दिबियापुर नगर पंचायत चेयरमैन यह भूल चुके हैं कि भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार विरोधी अभियान भी चला रही है और जो भी इसमें दबंगई करता है उसे बाहर का रास्ता दिखा कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाती है। मगर उन्हें इससे भी कोई फर्क पड़ता हुआ नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने पीड़ित से यह भी कह दिया कि उनकी मंशा सिर्फ उसे परेशान करने की ही नहीं है बल्कि कुछ लाभ पाने की आकांक्षा भी रखते हैं।

लेखपाल ने की आनाकानी

यह मामला विकासखंड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत सेहुद का है। जिसमें दिबियापुर नगर पंचायत के अध्यक्ष अरविंद पोरवाल पूरी तरह से संलिप्त नजर आ रहे हैं। पीड़ित व्यक्ति द्वारा जगह की नाप कराए जाने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल केशव कुमार को संपूर्ण कागजात देते हुए जानकारी उपलब्ध कराई। मगर लेखपाल ने आनाकानी करते हुए उसमें हाईकोर्ट के आदेश की बात कही है। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष दिबियापुर अरविंद पोरवाल ने पीड़ित से फोन में वार्ता के दौरान कहा कि वह 10 लाख रुपए दे दे तो लेखपाल उसकी जमीन को तत्काल प्रभाव से नाप देगा।

दिबियापुर के मोहल्ला भगवती गंज निवासी महेश गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल केशव कुमार से कई बार संपर्क किया, लेकिन वह हर बार मामले को टालते रहे। जब इस संबंध की शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी से की तो लेखपाल द्वारा यह बताया गया कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने जब लेखपाल केशव कुमार से हाईकोर्ट के दस्तावेजों की मांग की तो वह एक-दो दिन के कर टालता रहा। आज तक कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका।

जिला प्रशासन इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा

पीड़ित महेश गुप्ता ने लेखपाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह किसी सत्ताधारी दल के नेता के चक्कर में आकर इस भूमि की नाप नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि केशव कुमार की कई शिकायतें भी हैं जिसमें एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या तक किए जाने की धमकी भी दी जा चुकी है। फिर भी जिला प्रशासन इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।

वही जानकारी यह भी मिली है कि क्षेत्रीय लेखपाल केशव कुमार के ऊपर एक राज्य मंत्री का भी हाथ है। जिसमें दिबियापुर नगर पंचायत के चेयरमैन व राज्य मंत्री सम्मिलित रूप से उस जगह पर अपना कब्जा जमाए जाने का प्रयास कर रहे हैं। मगर पीड़ित व्यक्ति किसी भी कीमत पर उस जगह को नहीं छोड़ना चाहता है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि दिबियापुर नगर पंचायत अध्यक्ष व राज्यमंत्री यह दबाव बना रहे हैं कि वह अपनी मूल जमीन को छोड़कर पीछे की जमीन ले लें तो उन्हें आसानी होगी। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो वह उस जमीन पर कभी भी कब्जा नहीं जमा पाएगा।

रिपोर्ट: प्रवेश चतुर्वेदी औरैया

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