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Ambedkar Nagar News :लाखों खर्च के बावजूद बदहाल जिला अस्पताल का शव वाहन, रस्सी बांधकर चलाया जा रहा काम

Ambedkar Nagar News : जिला अस्पताल में जिस शव वाहन से शव ले जाया जा रहा है,उसकी स्थिति बेहद खराब है।

Manish Mishra

Manish MishraReport Manish MishraShraddhaPublished By Shraddha

Published on 21 Aug 2021 8:38 AM GMT

लाखों खर्च के बावजूद बदहाल जिला अस्पताल का शव वाहन
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लाखों खर्च के बावजूद बदहाल जिला अस्पताल का शव वाहन

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Ambedkar Nagar News : जिले में स्वास्थ्य सेवाएं (Health Services) कितनी दयनीय स्थिति में चल रही हैं उसे यंहा आकर आसानी से देखा व जाना जा सकता है। कमीशनखोरी के दलदल में बुरी तरह जकड़ चुके स्वास्थ्य महकमे के कर्मचारियों को खुद का पेट भरने के बजाय किसी और की कोई चिंता नही है। दम तोड़ती स्वास्थ्य सुविधाओ के सहारे ही लोग यंहा इलाज कराने को मजबूर हैं।

सरकार ने जिला अस्पताल (District Hospital) में मृत लोगों के शव को एक निश्चित दूरी पर स्थित उसके घर तक पहुंचाने के लिए शव वाहन की व्यवस्था कर रखी है लेकिन इस शव वाहन में यदि आप अपने किसी मृत व्यक्ति का शव लेकर घर जा रहे हैं तो संभल कर जाएं, कहीं आप खुद ही शव के रूप में तब्दील न हो जाएं। जिला अस्पताल में जिस शव वाहन से शव ले जाया जा रहा है,उसकी स्थिति बेहद खराब है। उखड़े गेट, हिलती बॉडी ,चालक की टूटी सीट इस शव वाहन की विशेष पहचान में शामिल है। यह सब तब है जब कुछ दिन पूर्व ही इस शव वाहन की मरम्मत पर जिला अस्पताल डेढ़ लाख रुपये खर्च कर चुका है।

शनिवार को यह स्थिति तब सामने आई जब एक शव को ले जाने के लिए सीएमएस से सम्पर्क किया गया। सीएमएस ने तो वाहन को सही बताया लेकिन जब यह शव वाहन शव लेने पहुंचा तो उसे देखकर पसीने छूट गए। इस वाहन के पीछे के गेट का लॉक पूरी तरह टूटा हुआ है जिसके कारण शव रखने के बाद उसे बाहर से रस्सी से कसकर बांधना पड़ता है। वाहन के अन्दर की सभी सीट टूटी हुई है जिससे तीमारदार को नीचे ही बैठना पड़ता है। इसके अलावा इस वाहन के बाएं गेट का लॉक भी टूटा है और गेट उखड़ा हुआ है। इस गेट को भी रस्सी से बांधकर रखना पड़ता है। चालक की सीट भी उखड़ी हुई है जिसे तार से बांधकर काम चलाया जा रहा है। इसके अलावा गाड़ी की बॉडी व चेसिस भी लगभग अलग हो गयी है जो चलने पर झोल मारती चलती है। कुल मिलाकर डेढ़ लाख खर्च किये जाने के बाद भी यह शव वाहन बदहाली की स्थिति में है। इसके बावजूद शासन द्वारा उपलब्ध कराया गया एक अन्य शव वाहन सीएमओ कार्यालय में जंग खा रहा है।

कोरोना संक्रमण के दौरान इस वाहन को जिला अस्पताल में उपलब्ध कराया गया था लेकिन लगभग तीन माह पूर्व इसे अचानक सीएमओ कार्यालय में वापस मंगा लिया गया। बताया जाता है कि अब इस शव वाहन से सीएमओ कार्यालय शव ले जाने के बजाय अन्य कार्य सम्पादित करा रहा है। इस सम्बंध में सीएमओ डॉ श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यह उनके कार्यकाल के पूर्व का मामला होगा। वह तहसील दिवस में हैं। वापस आकर जानकारी लेते हैं।

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