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Bahraich News: राकेश टिकैत को जूता मारने पर ११ लाख का इनाम का पोस्टर लगवाने वाला गिरफ्तार

Bahraich News: किसानों आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राकेश टिकैत को जूता मारने पर ११ लाख का इनाम घोषित करने वाले युवक व पोस्टर छापने वाले प्रिटिंग प्रेस के मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

Anurag Pathak

Anurag PathakReport Anurag PathakShwetaPublished By Shweta

Published on 10 Sep 2021 2:30 PM GMT

राकेश टिकैत
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राकेश टिकैत (फोटोः सोशल मीडिया)

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Bahraich News: किसानों आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राकेश टिकैत को जूता मारने पर 11 लाख का इनाम घोषित करने वाले युवक व पोस्टर छापने वाले प्रिटिंग प्रेस के मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शहर के 50 स्थानों पर चिपकाए गए विवादित पोस्टर को पुलिस ने हटवा दिया।

बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि कानून बिल के विरोध में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेता राकेश टिकैत द्वारा लगभग साढ़े तीन माह से धरना दिया जा रहा है। धरने में शामिल कुछ अराजक तत्व किसान के नाम पर अराजकता फैला रहे हैं। इसको लेकर अब लोगों में रोष फैलता जा रहा है। किसान कर्ज मुक्त अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयनू ठाकुर के निर्देश पर गुरुवार को जिला मुख्यालय पर पोस्टर लगाए गए।

जिसमें खालिस्तान, देशद्रोही, हवाला और कांग्रेस से फंडिंग कर आंदोलन चलाने का आरोप लगाया। शहर के विकास भवन, जिला जज गेट के सामने, जेल पीछे दीवार, पानी टंकी, केडीसी तिराहा, कचेहरी रोड, रेलवे स्टेशन, रोडवेज आदि स्थानों पर पोस्टर लगाए गए। साथ ही राकेश टिकैत को किसान कुल का कंस बताया गया। राकेश टिकैत को जो व्यक्ति जूता मारेगा, उसको संगठन की ओर से 11 लाख का इनाम दिया जाएगा।

शहर में विवादित पोस्टर लगने की सूचना पर पुलिस ने तत्काल किसान कर्ज मुक्त अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयनू ठाकुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चलने पर प्रिंटिग प्रेस के मालिक को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों युवकों के खिलाफ आगे की कार्यवाही की जा रही है।

आपको बताते चलें कि भारतीय किसान विरोध प्रदर्शन को पूरे एक साल हो गए हैं। लेकिन किसान अभी भी दिल्ली के सीमा पर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन 9 अगस्त 2020 से चल रहा है। दिल्ली चलो नाम से एक आंदोलन का शुरुआत किया गया। सरकार और किसानों के बीच कई मीटिंग भी हुई हैं लेकिन इसके बावजूद भी किसान अपने जिद अड़े हुए हैं।

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