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Lucknow News: एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल पर प्रशासन सख्त, ड्राइवरों से चाबियां ली वापस

एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल से आपातकालीन सेवा प्रभावित हुई है जिसमें 108 और 104 सेवा पूरी तरह से बंद है।

Rahul Singh Rajpoot

Rahul Singh RajpootReport Rahul Singh RajpootDeepak RajPublished By Deepak Raj

Published on 28 July 2021 9:39 AM GMT

Ambulance driver strike
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कर्मचारियों के हड़ताल के बाद खड़ी गाड़ियां
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Lucknow News: 26 जुलाई से कार्य बहिष्कार कर रहे एंबुलेंस कर्मचारियों के यूनियन नेताओं पर मंगलवार को मुकदमा दर्ज होने के बाद देर रात प्रशासन ने उनसे एंबुलेंस की चाबियां भी अपने कब्जे में ले लिया। बता दें कि 6 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 26 जुलाई से एंबुलेंस कर्मचारियों ने एंबुलेंस खड़ी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।


कर्मचारियों से चाबी लेती पुलिस


हड़ताल से आपातकालीन एंबुलेंस सेवा बाधित

26 जुलाई से चल रही हड़ताल में आपातकालीन सेवा भी बाधित है। जिसकी वजह से लखनऊ के वृंदावन स्थित डिफेंस एक्सपो के मैदान में भारी संख्या में एंबुलेंस को खड़ी कर इको गार्डन में कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर धरना, प्रदर्शन कर रहे हैं। शासन और प्रशासन के कड़े रुख के बाद भी वह अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किये हुए हैं।

क्या है मांगें?

एंबुलेंस कर्मचारियों की मांग है की एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) के सभी कार्यरत एंबुलेंस कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर कर्मचारियों को न बदला जाए। पुराने व अनुभवी कर्मचारी ही रखें जाएं। कोरोना काल में शहीद हुए आश्रितो के परिवार को जल्द बीमा की राशि 50 लाख रुपये की सहायता राशि सरकार की ओर से जारी हो। कंपनी बदलने में वेतन में किसी प्रकार की कटौती न की जाए। एंबुलेंस कर्मचारियों को नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन नहीं किया जाता तबतक चार घंटे की ओटी व 23 हजार प्रतिवर्ष महगाई भत्ता देने सहित अन्य मांग कर रहे हैं।


पुलिस एंबुलेंस कर्मचारियों के पास पहुंची

आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभाने वाले योद्धाओं, कोरोना वारियर्स एंबुलेंस कर्मचारियों को अपमान नहीं सरकार से सच्चा सम्मान चाहिए और ठेकेदारी से मुक्त होना चाहिए। यदि कर्मचारियों को ठेके पर ही रखना है तो सरकार की कोई मजबूरी हो तो इसे एनएचएम अधीन ठेके में रखा जाए ताकि कंपनियों के बदलने पर नौकरी जाने का भय न रहे।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल जीवीकेएएमआरआई द्वारा एएलएस, 108 और 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन किया जा रहा था। जिले में 108 एंबुलेंस सेवा 35, 102 एंबुलेंस सेवा 44 और एएलएस दो हैं। मगर, अब एएलएस का संचालन अन्य कंपनी को सौंप दिया गया है। नई कंपनी द्वारा एएलएस के चालक और मेडिकल टेक्नीशियन को प्रशिक्षित न होने पर निकाला जा रहा है, इसके विरोध में प्रदेश भर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा ठप कर दी गई है।

Deepak Raj

Deepak Raj

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