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Congress Party: कांग्रेस के 2 लाख 'विचार सैनिक' तैयार, 388 विधानसभा में आयोजित होंगे 470 प्रशिक्षण शिविर

Congress Party: चुनाव ( UP Election 2022) के लिए यूपी कांग्रेस ने एक सेना तैयार की है। इस सेना में लगभग दो लाख प्रशिक्षित सैनिक हैं जिन्होंने यूपी में न सिर्फ़ कांग्रेस को नयी मज़बूती देने का संकल्प लिया बल्कि चुनावी मोर्चे पर भी उनकी अहम भूमिका होगी।

Rahul Singh Rajpoot

Report Rahul Singh RajpootPublished By Shashi kant gautam

Published on 15 Jan 2022 12:20 PM GMT

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Congress News: कांग्रेस पार्टी (Congress Party) उत्तर प्रदेश में अपने 125 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दिया है। जिसमें 50 महिलाओं को टिकट दिया गया है। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी (Party General Secretary Priyanka Gandhi) ने जब से यूपी की जिम्मेदारी संभाली है संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संगठन की मज़बूती के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता को पार्टी की मूल विचारधारा को आत्मसात कराया गया है।

चुनाव (UP Election 2022) के लिए यूपी कांग्रेस ने एक सेना तैयार की है। इस सेना में लगभग दो लाख प्रशिक्षित सैनिक हैं जिन्होंने यूपी में न सिर्फ़ कांग्रेस को नयी मज़बूती देने का संकल्प लिया बल्कि चुनावी मोर्चे पर भी उनकी अहम भूमिका होगी। कांग्रेस की यह सेना (Congress Vichar Sena) दरअसल, "विचार सेना" है, जिसकी तैयारी कांग्रेस बीते कई महीनों से चुपचाप तरीके से रही थी। यूपी की 388 विधानसभाओं में अब तक 470 प्रशिक्षण शिविर लगाकर ये सेना तैयार की गयी है।

कांग्रेस के मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ.पंकज श्रीवास्तव (Dr.Pankaj Srivastava) बताते हैं कि पार्टी ने इसके लिए प्रशिक्षण से पराक्रमश् कार्यक्रम की परिकल्पना की और पिछले साल जुलाई में पूरे प्रदेश को सात क्षेत्रों में बांटकर प्रशिक्षण शिविर लगाये गये।


1 से 8 जुलाई 2021 के बीच आयोजित हुआ दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

1 से 8 जुलाई 2021 के बीच आयोजित इन दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों में ज़िला, शहर और ब्लॉक अध्यक्षों को प्रशिक्षित किया गया। इन प्रशिक्षण शिविरों में कांग्रेस की विचारधारा (Congress ideology) पर विस्तार से चर्चा की गयी। इसके अलावा यूपी में बाकी विपक्षी दलों की नकारात्मक भूमिका, सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल और बूथ मैनेजमेंट की बारीक़ियों पर भी चर्चा हुई।


अगले चरण में सभी 75 जिला मुख्यालयों पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये गये जिनमें ब्लाक कमेटी सदस्यों के अलावा न्याय पंचायत और वार्ड के अध्यक्ष शामिल हुए। इसके बाद विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये गये। अब तक 388 विधानसभाओं में 399 प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। जिनमें ब्लाक कमेटी, न्याय पंचायत, वार्ड और ग्राम कमेटी के अध्यक्ष शामिल हुए। क्षेत्र, ज़िला और विधानसभा स्तर पर कुल मिलाकर 470 प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये गये जिनमें 1 लाख 90 हज़ार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया।


कांग्रेस की विचारधारा

इन प्रशिक्षण शिविरों में एक ख़ास बात इनका हाईटेक होना भी रहा। इनमें सिर्फ विशेषज्ञों के भाषण नहीं हुए बल्कि एक बड़ी स्क्रीन पर वीडियो और पावर प्वाइंट प्रेज़ेंटेशन के ज़रिये कार्यकर्ताओं को पूरा विषय समझाया गया। आमतौर पर एक शिविर में पांच विषय निर्धारित थे। पहला विषय कांग्रेस की विचारधारा (Congress ideology) थी जिसमें कांग्रेस के उपनिवेशवाद विरोधी संघर्ष और स्वतंत्र संघर्ष के दौरान लिये गये लोकतंत्र, समता, धर्मनिरपेक्षता आदि संकल्पों पर चर्चा हुई, जो संविधान के आधार हैं। इसी के साथ महात्मा गाँधी और जवाहरलाल नेहरू आदि स्वतंत्रता संघर्ष के तमाम नायकों के त्याग-बलिदान और उनके ख़िलाफ़ जारी दुष्प्रचार की असलियत बतायी गयी।


दूसरा विषय था "आरएसएस (RSS) और बीजेपी (BJP) से भारत और भारतीयता को ख़तरा" जिसके तहत बताया गया कि कैसे आरएसएस देश के बहुलतावादी ताने-बाने और संविधान को नष्ट करने में जुटा है। तीसरा विषय था- "किसने बिगाड़ा उत्तर प्रदेश?", जिसके तहत समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) की उत्तर प्रदेश में निभायी गयी नकारात्मक भूमिका पर चर्चा की गयी। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट और सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल के गुर भी कार्यकर्ताओं को सिखाये गये। पार्टी इन शिविरों को कितनी गंभीरता से ले रही थी, इसका पता इस बात से भी चलता है कि बीच-बीच में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने भी प्रशिक्षण शिविरों को ऑनलाइन संबोधित किया। इससे प्रशिक्षण में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं का जोश कई गुना बढ़ा।


आरएसएस को विचार के मोर्चे पर भी परास्त करना होगा- डा.पंकज श्रीवास्तव

डा.पंकज श्रीवास्तव ने बताया की उत्तर प्रदेश, आरएसएस के उस ज़हरीले अभियान की प्रयोगभूमि बना हुआ है जिसके निशाने पर देश का संविधान है। बीजेपी तो उसका मुखौटा भर है, जिससे लड़ने के लिए सिर्फ चुनाव का मैदान काफ़ी नहीं है। आरएसएस को विचार के मोर्चे पर भी परास्त करना होगा वरना गुणा-गणित से मिली चुनावी जीत बेमानी हो जाएगी।


कांग्रेस की विचारधारा से लैस ये सिपाही

आरएसएस के दुष्प्रचार ने जिस तरह बुद्ध, कबीर, रैदास की भूमि पर उनकी शिक्षाओं से उलट नफ़रत की आंधी पैदा करने की कोशिश की है उसका मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने यह विचार सेना तैयार की है। कांग्रेस के ये वैचारिक योद्धा सिर्फ चुनाव में बूथ मैनेजमेंट जैसा अहम ज़िम्मेदारी नहीं निभायेंगे बल्कि यूपी की गंगा-जमुनी तहज़ीब की रक्षा के लिए गांव-गांव मोर्चा संभालेगी। कांग्रेस की विचारधारा (Congress ideology) से लैस ये सिपाही हर चौराहे पर आरएसएस के दुष्प्रचार का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

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Shashi kant gautam

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