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Lucknow News: जाने कितना खतरनाक हेपेटाइटिस-बी, Lok Bandhu Hospital में मुफ़्त हो रहा इसका इलाज

Lok Bandhu Hospital Lucknow: लोकबंधु अस्पताल में अब हेपेटाइटिस-बी के मरीज़ों की जांच मुफ़्त में होगी।

Shashwat Mishra

Shashwat MishraWritten By Shashwat MishraShwetaPublished By Shweta

Published on 13 Oct 2021 3:00 PM GMT

Dr. Ajay Shankar Tripathi
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डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी

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Lucknow News: ''हेपेटाइटिस-बी (Hepatitis-B Ke Lakshan) की जल्द पहचान होना जरूरी है। समय पर उपचार न मिलने पर लीवर कैंसर (liver cancer) की आशंका बढ़ जाती है।'' ये बातें कानपुर रोड़ स्थित लोकबंधु अस्पताल (Lok Bandhu Hospital) के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी (Dr. Ajay Shankar Tripathi) ने बताई। बता दें कि लोकबंधु अस्पताल में अब हेपेटाइटिस-बी के मरीज़ों की जांच मुफ़्त में होगी। जिससे गरीबों को सुविधा मिलेगी। अभी तक ऐसे मरीज़ों को केजीएमयू, लोहिया संस्थान या एसजीपीजीआई भेज दिया जाता था।

हेपेटाइटिस-बी क्या है? (Hepatitis-B Kya Hai)

हेपेटाइटिस-बी एक संक्रामक बीमारी है, जो कि वायरस से फैलती है। इसमें लीवर में सूजन और जलन होती है। हेपेटाइटिस-बी (Hepatitis-B) की जल्द पहचान होना जरूरी है। समय पर उपचार न मिलने पर लीवर कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। इसमें पीलिया, शरीर में दर्द, पेट में पानी आना और लिवर सिरोसिस की समस्या भी होती हैं।

• लीवर में सूजन और जलन (Liver Me Soojan Ke Karan)

• पीलिया। (Piliya)

• शरीर में दर्द। (Shareer Me Dard Ke Karan)

• पेट में पानी आना। (Pet Me Pani Ana)

• लिवर सिरोसिस की समस्या। (liver cirrhosis ke lakshan)

10,000 रुपये तक होती है जांचें। (Hepatitis-B Ki Janch)

चिकित्सा अधीक्षक डॉ अजय शंकर त्रिपाठी (MS Dr Ajay Shankar Tripathi) ने बताया कि हेपेटाइटिस-बी व सी की जांच महंगी होती है। जांचों का खर्चा ही 10,000 रुपये तक आ जाता है। इसलिए, आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति सिर्फ दवाएं खाकर ही काम चलाते हैं। उन्होंने कहा कि अब इस बीमारी से संबंधित सभी जांच लोकबंधु अस्पताल में मुफ्त में होंगी, जिससे जनता को फायदा पहुंचेगा।

रोज़ाना आते हैं 4-5 मरीज़

लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अजय शंकर त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत यहां पर मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किया गया है। लैब बनकर तैयार हो गई है। जरूरी संसाधन और दवाएं भी आ गई हैं। सोमवार से रोज़ाना आ रहे मरीज़ों की जांच भी शुरू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि सैम्पल को केजीएमयू भेजा जा रहा है।

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