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Micro Artist Neeru Chhabra: चावल पर लिखा कुछ ऐसा, PM मोदी से लेकर अमेरिका के प्रेसीडेंट तक हुए मुरीद

नीरू छाबड़ा के एक छोटे से हुनर के जुनून तक पहुंचने का ही सबब की उनकी लोकप्रियता सरहद की मोहताज नहीं रह गयी है।

Ashutosh Tripathi
Updated on: 5 Oct 2021 2:47 PM GMT
Neeru Chhabra
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नीरू छाबड़ा  

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Micro Artist Neeru Chhabra: कोई भी हुनर अगर जुनून की हद तक पहुंच जाये तो यश की कितनी बड़ी भी कामना हो उसे पूरा ही कर देता है। नीरू छाबड़ा ने यह जमीन पर उतार कर साबित कर दिया हैं। उनके एक छोटे से हुनर के जुनून तक पहुंचने का ही सबब की उनकी लोकप्रियता सरहद की मोहताज नहीं रह गयी है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, शंकर दयाल शर्मा, वेंकट रमन, नूर सुल्‍तान, बिल क्लिंटन , मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ही नहीं नरेंद्र मोदी भी उनके हुनर के प्रशंसकों में शामिल हैं।

ऐसी शख़्सियत हैं- नीरू छावडा। चावल पर लिखने (Rice Writing) की कला ने उन्हें शोहरत के इस मुकाम पर पहुंचाया । इन्होंने अपनी इस मिनिऐचर आर्टवर्क से इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई है। इतना ही नहीं, वह ऐसी पहली महिला आर्टिस्‍ट हैं, जिन्‍होंने चावल के एक दाने पर 108 लेटर लिखकर बड़े बड़े नेशनल और इंटरनेशनल शख्सियतों को अपना मुरीद बना लिया। वह हाल ही में नवाबों के शहर लखनऊ आईं और न्‍यूजट्रैक डॉट कॉम से विशेष बातचीत की।

इंदिरा गांधी ने बढ़ाया था हौंसला


नीरू छाबड़ा ने न्‍यूजट्रैक डॉट कॉम को बताया कि वर्ष 1979 में उन्‍होंने ड्राइंग एंड पेंटिंग में डिप्‍लोमा किया। इसी साल उनकी शादी जयपुर निवासी प्रदीप छाबड़ा से हो गई। पति ने इनकी कला को पहचाना। वर्ष 1984 में पंचायत भवन का उद्घाटन करने पहुंची तत्‍कालीन पीएम इंदिरा गांधी से भेंट करवाई। इंदिरा गांधी को उन्‍होंने चावल पर 72 लेटर में ' पंचायत भवन फाउंडेशन बाय पीएम इंदिरा गांधी ऑन 7 अक्‍टूबर, 1984 एट जयपुर बाय नीरू छाबड़ा' लिखकर आर्टवर्क भेंट किया।इंदिरा गांधी नेमइस कला को आगे बढ़ाने के लिए हौंसला अफजाई की। वर्ष 1984 में शुरू हुआ यह सिलसिला आज तक अनवरत रूप से जारी है।

नीरू छाबड़ा ने चावल पर लिखे 108 लेटर, बनाया रिकार्ड


कौन है नीरू छाबड़ा (Kaun Hai Neeru Chhabra)

नीरू छाबड़ा ने बताया कि अभी तक उन्‍होंने करीब 400 आर्टवर्क तैयार किए हैं। इसमें एक कलाकृति अपने आप में एक रिकार्ड है। इसमें उन्‍होंने एक चावल के दाने पर 108 लेटर लिखकर तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति शंकर दयाल शर्मा को कलाकृति भेंट की थी। इसमें उन्‍होंने चावल के दाने पर ' LONG LIVE OUR DEMOCRACY" " HEARTIEST WELCOME H.E. Dr. SHANKER DAYAL JI & VIMLA JI SHARMA AT PINK CITY, JAIPUR ON 3 rd FEB., 1994 BY NIRU CHABRA" यानि कुल 108 लेटर लिखकर भेंट किया था। इसके चलते वह देश की ऐसी पहली महिला आर्टिसट बन गईें, जिन्‍होंने अपनी कला से 108 लेटर को एक ही दाने पर अंकित किया। उनके इस रिकार्ड को आजतक कोई तोड़ नहीं पाया है।

अमेरिका के राष्‍ट्रपति भी कर चुके तारीफ


नीरू छाबड़ा ने बताया कि अब तक उनकी कला की सराहना पूर्व पीएम इंदिरा गांधी, पूर्व पीएम राजीव गांधी, पूर्व राष्‍ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, वेंकट रमन, कज़ाख़िस्तान ‍के राष्‍ट्रपति नूर सुल्‍तान, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह आदि कर चुके हैं। अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति बिल क्लिंटन ने खुद अपनी हैंडराइटिंग में पत्र लिखकर इनकी कला को सराहा है।

नीरू छाबड़ा ने पीएम मोदी को भेंट की विशेष कलाकृति


नीरू छाबड़ा पीएम मोदी के स्‍टार्ट अप कार्यक्रम से बेहद प्रभावित हैं। उनका मानना है कि जिस तरह से पीएम मोदी स्‍टार्ट अप इंडिया और मेक इन इंडिया की बात करते हैं, उनकी यह कला देश की कई महिलाओं को उनके पैरों पर खड़ा करके अपना स्‍टार्ट अप शुरू करने के लिए प्रेरित कर सकती है। उन्‍होंने इसी क्रम में वर्ष 2015 में 28 अक्‍टूबर को पीएम मोदी की योजनाओं को चावल के दानों पर लिखकर अपनी कलाकृति उन्हें भेंट की। पीएम मोदी से उनसे पांच मिनट की मुलाकात हुई। उन्होंने इस कला को आगे बढ़ाने के लिए कहा।

नीरू छाबड़ा का देश से लेकर विदेश तक बजा डंका


नीरू छाबड़ा की कलाकृतियों का डंका देश के साथ साथ विदेशों में भी बजता रहता है। राजस्‍थान सरकार ने वर्ष 1994-95 में उन्हें श्रेष्ठ शिल्‍पी पुरस्‍कार से नवाजा। इसके अलावा केंद्र सरकार ने भी वर्ष 2004-05 में नेशनल मेरिट अवार्ड से सम्‍मानित किया। नीरू छाबड़ा ने अपनी कला का प्रदर्शन वर्ष 2012 में जर्मनी में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में किया। वह जर्मनी भारत सरकार के खर्चे पर गईं थी। इसमें वर्ष 1987 में चेन्‍नई में क्राफ्ट इंडिया, 1995 में ऑल वीमेंस क्राफ्ट शो, चेन्‍नई, 1996 में गोवा, 2005 में केरल, 2006 में लखनऊ, 2010 में गुड़गांव, 2011 में आगरा में कई प्रदर्शनियों में शिरकत की। इसके साथ ही साथ उन्‍होंने वर्ष 2008 में जयपुर के जवाहर कला केंद्र में सोलो शो करके अपनी कला का लोहा मनवाया ।दिल्‍ली हॉट से लेकर फारहेक्‍स फेयर प्रदर्शनी और जयपुर की रोलिंग आर्ट एग्जिबिशन में नीरू अपनी कला से सबका मन मोह चुकी हैं।

नीरू छाबड़ा पति से लेकर सास- ससुर ने किया सपोर्ट


नीरू छाबड़ा ने बताया कि उनकी कला को आगे बढ़ाने में पति ने बहुत सहयोग किया। शुरू आत में इसे 8 से 10 घंटे देने पड़ते थे। लेकिन उनके पति से लेकर सास, ससुर सबने उन्‍हें अपने आर्टवर्क को आगे बढाने के लिए अनुकूल माहौल दिया। पति प्रदीप छाबड़ा ने तो अपने शेडयूल को ही उनके हिसाब से बना लिया था। वह दस साल जयपुर के फेमस सिटी पैलेस में अपने आर्टवर्क पर काम करती रहीं, वहां उनके शेडयूल के हिसाब से ही घर के सभी लोग एडजस्‍ट कर लेते थे। अब तो उनके बच्‍चे भी उनकी इस कला को आगे बढ़ाने को लेकर दिन- रात प्रयास करते रहते हैं।

नीरू छाबड़ा का स्‍टार्ट अप


नीरू छाबड़ा के पास एक छोटा सा डिब्‍बा है, जिसे वह अपना कारखाना मानती हैं। इस डिब्‍बे में ट्रिपल जीरो नंबर के पेंटिंग ब्रश के साथ साथ चावल के कुछ दाने और इसी से रिलेटेड सामान मौजूद रहता है। वह हर दिन अपने इस डिब्‍बे से अपने पेंटिंग ब्रश को निकालकर चावल के दानों पर अपनी कल्‍पना को उकेरती हैं और उस पर रंग भी भरती हैं। उनके शौक से शुरू हुई यह कला अब उनका स्‍टार्टअप बन गया है। उन्‍होंने अपनी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन आर्डर लेना शुरू कर दिया है। उन्‍हें अब तक सैंकड़ों आर्डर मिल चुके हैं। अपनी इस सफलता से वह बेहद उत्‍साहित हैं।उनका इरादा अब आर्ट का शौक रखने वाली घरेलू महिलाओं को यह कला सिखाकर उन्‍हें अपने पैरों पर खड़ा करने का है। उनकी इच्‍छा है कि उनकी इस कला के लिए भी सरकार कुछ योजनाएं लाए ताकि इस कला से जुडे लोग मोटिवेट होते रहें।

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