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UP Election 2022: अखिलेश से मिलने सपा दफ्तर पहुंचे चंद्रशेखर आजाद, क्या बढ़ाएंगे सपा का कुनबा?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Elections 2022) के मद्देनजर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ लामबंदी तेज हो गई है। बीजेपी के विरोध की धुरी बनी है प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party)।

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By aman

Published on 14 Jan 2022 7:03 AM GMT

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UP Election 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Elections 2022) के मद्देनजर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ लामबंदी तेज हो गई है। बीजेपी के विरोध की धुरी बनी है प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party)। स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा कई अन्य बीजेपी छोड़ने वाले विधायकों के सपा में शामिल होने की बात अभी हो ही रही रही कि इसी दौरान एक और अहम दल के साथ आने की बात सामने आ रही है।

दरअसल, आज आजाद समाज पार्टी (Azad Samaj Party) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक खबरिया चैनल से बात करते हुए कहा, कि 'समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर के बीजेपी (BJP) को हराएंगे।' माना जा रहा कि सपा के साथ गठबंधन के बाद चंद्रशेखर खुद भी चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। वहीं, सियासी गलियारों में तो बात यहां तक कही जा रही है कि दोनों नेताओं (चंद्रशेखर और अखिलेश यादव) में गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत आखिरी दौर में है।

सपा का अब तक इन दलों से हो चुका है गठबंधन

गौरतलब है, कि समाजवादी पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अपना कुनबा मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सपा अब तक ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट), अपना दल (कमेरावादी), प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया), महान दल, टीएमसी से गठबंधन कर चुकी है। अब अगर चंद्रशेखर की पार्टी इस गठबंधन का हिस्सा बनती है तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

विवाद के बाद आए थे सुर्ख़ियों में

बता दें, कि चंद्रशेखर आजाद सहारनपुर में दलितों और सवर्णों के बीच हुए एक विवाद के बाद चर्चा में आए थे। इस विवाद के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया था। कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई थी। वो जेल में भी रहे थे।

जिला पंचायत चुनाव में जीती थी कुछ सीटें

इसके बाद, चंद्रशेखर आजाद ने मार्च 2020 में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की स्थापना की थी। इससे पहले वह भीम आर्मी (Bhim Army) के नाम से एक संगठन चलाते थे। आजाद की पार्टी का आधार मुख्यतः पश्चिम उत्तर प्रदेश में है ही। पिछले साल यूपी में हुए जिला पंचायत चुनाव में इस पार्टी ने कुछ सीटें हासिल की थी।

'मैं दलितों के साथ खड़ा रहता हूं'

मीडिया से बात करते हुए आजाद ने दावा किया था, कि 'हमारी आजाद समाज पार्टी 2022 विधानसभा चुनाव में बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी।' तब उन्होंने कहा था कि 'देश में सबसे ज्यादा अत्याचार दलितों के साथ होता है। इसलिए मैं दलितों के साथ खड़ा रहता हूं।'

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