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लखनऊ बनता जा रहा है आतंकियों का गढ़, 2017 में ATS ने मार गिराया था सैफुल्लाह को
लखनऊ आतंकियों का गढ़ बनती जा रही है या यूं कहे कि आतंकवादियों (Terrorists) के छिपने की पसंदीदा जगह।
लखनऊ में छिपे आतंकियों के खिलाफ ATS का सर्च ऑपरेशन
लखनऊ: प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) आतंकियों का गढ़ बनती जा रही है या यूं कहे कि आतंकवादियों (Terrorists) के छिपने की पसंदीदा जगह। ऐसे तो प्रदेश से बहुत सारे आतंकी पकड़े गए हैं, मग़र पिछले चार-पांच सालों में आतंकवादियों ने लखनऊ को ही अपना अड्डा बना लिया है। रविवार को शहर के काकोरी थाना क्षेत्र के दुबग्गा इलाके में अलकायदा के आतंकियों के छिपे होने की ख़बर से शहरवासियों के अंदर ख़ौफ़ की स्थिति बन गई। यहां ATS को एक गैराज में आतंकवादियों के छिपे होने की ख़बर मिली। जिसके बाद ATS की कार्रवाई में दो आतंकियों को पकड़ लिया गया, जबकि तीसरे की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार- आतंकियों के पास काफी गोला-बारूद होने की सूचना है।
पकड़ा गया आतंकी उन्नाव का
ATS ने जिस आतंकी को पकड़ा है, वह राज्य के उन्नाव जिले का ट्रेनिंग प्राप्त आतंकी है। उसका नाम शाहिद उर्फ गुड्डू बताया जा रहा है। वहीं, उसी घर में दूसरे आतंकी का नाम वसीम बताया जा रहा है। ATS द्वारा मौके पर कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। सूचना के मुताबिक- ATS टीम डॉग और बम स्क्वायड के साथ मौजूद है।
2017 में ठाकुरगंज इलाके से पकड़ा गया था सैफुल्लाह
आज से लगभग तीन साल पहले लखनऊ के इसी इलाके में सैफुल्लाह का एनकाउंटर हुआ था। 8 मार्च 2017 को करीब 11 घंटे चले ऑपरेशन में संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को मार गिराया गया था। उसके पास से कुछ हथियार और दस्तावेज बरामद होने की बात कही थी।
आतंकी सैफुल्लाह (File Photo)
सैफुल्लाह के पकड़े जाने के बाद कानपुर और उन्नाव से भी कई आतंकियों की गिरफ्तारी हुई थी। सैफुल्लाह के बारे में पता चला था कि वह आइएसआइएस के खुरासान माॅड्यूल का सदस्य था और कानपुर का रहने वाला था। बाद में इस एनकाउंटर के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए थे।
राजधानी में पकड़े गए आतंकी
सितंबर 2018 में चकेरी के जाजमऊ अहिरवां स्थित शिवनगर कॉलोनी पकड़े गए हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमरुज्जमां उर्फ कमरुद्दीन उर्फ डॉ. हुरैरा को गिरफ्तार किया था।
हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमरुज्जमां उर्फ कमरुद्दीन (File Photo)
एनआइए और एटीएस को पूछताछ में इसने एक और आतंकी ओसामा बिन जावेद का नाम लिया था, जो हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर था। सितंबर 2019 में जिसे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।