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Ayodhya News: अयोध्या मामले में शंकराचार्य का तीखा हमला, चंपत राय को तुरंत ट्रस्ट से हटाने की मांग

द्वारिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी बड़ा हमला बोला है। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को गैर जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए।

Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati called the trusts general secretary Champat Rai irresponsible
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और महासचिव चंपत राय : डिजाईन फोटो- सोशल मीडिया  

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नई दिल्ली: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीन में घोटाले के आरोपों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों की ओर से हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ करने और राम मंदिर निर्माण के लिए जनता की ओर से दिए गए पैसे को लूटने का आरोप लगाया गया है।

अब इस मामले को लेकर द्वारिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी बड़ा हमला बोला है। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को गैर जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने मोदी सरकार और संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में भ्रष्टाचारियों को शामिल कर लिया गया है।

ट्रस्ट में भ्रष्टाचारी लोग शामिल

शंकराचार्य ने कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण से करोड़ों हिंदू रामभक्तों की आस्था जुड़ी हुई है और इसके लिए लोगों ने काफी पैसा दान किया है। राम मंदिर निर्माण के लिए जमा की गई राशि से अब महंगी दरों पर जमीन की खरीदारी की जा रही है और इसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी शामिल हैं। जमीन घोटाले का ब्योरा देने की जगह वह कह रहे हैं कि हम पर तो गांधी की हत्या का भी आरोप लग चुका है।

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर में एक आश्रम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरोपों की परवाह न करने वाले लोगों को श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में बैठा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में भ्रष्टाचारी लोगों को जगह दे दी गई है।

चंपत राय को पहले कोई नहीं जानता था मगर उन्हें सरकार की ओर से मंदिर से जुड़े इस महत्वपूर्ण ट्रस्ट में सर्वेसर्वा बना दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि ऐसे लोगों को अविलंब ट्रस्ट से हटाया जाना चाहिए।

अयोध्या राम मंदिर (मॉडल) : फोटो- सोशल मीडिया

अशुभ मुहूर्त में किया गया शिलान्यास

शंकराचार्य ने कहा कि श्रीराम मंदिर के शिलान्यास पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए शुभ मुहूर्त की भी अनदेखी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण का शिलान्यास अत्यंत अशुभ मुहूर्त में किया गया है। शंकराचार्य ने कहा कि मैंने उस वक्त भी यह बात कही थी मगर मेरे विचारों की अनदेखी करते हुए शिलान्यास कार्य को पूरा किया गया। अशुभ मुहूर्त में शिलान्यास करने के कारण ही ट्रस्ट में शामिल लोगों की बुद्धि भ्रष्ट हो रही है और इसका ताजा उदाहरण जमीन घोटाले के रूप में सामने आ गया है।

गोहत्या को लेकर साधा निशाना

उन्होंने कहा कि मैं देश में गोहत्या पर रोक लगाने की मांग काफी दिनों से करता रहा हूं मगर सरकार की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शंकराचार्य ने कहा कि जब लोकसभा में भाजपा की ताकत सिर्फ दो सांसदों की थी तब पार्टी के लोग गोहत्या बंद करने नारा बुलंद किया करते थे मगर अब संसद में इतनी मजबूती पाने के बाद पार्टी के लोग गोहत्या बंद कराने का नारा भी ही भूल चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस दिशा में अविलंब कदम उठाया जाना चाहिए।

सियासी रूप से गरमाया मामला

अयोध्या में भूमि घोटाले का मामला लगातार सियासी रूप से गरमाता जा रहा है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी इसे करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाला कदम बताया है। प्रियंका गांधी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा कि दो करोड़ की जमीन पांच मिनट बाद ही 18.5 करोड़ में खरीद ली गई। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए देश के लोगों की ओर से दान की गई रकम की लूटपाट करने का आरोप लगाया।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही ट्रस्ट के सदस्यों से इस्तीफे की भी मांग की है। समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व मंत्री पवन पांडे ने इस घोटाले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी इसे मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोला है।

Shashi kant gautam

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