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Sonbhadra: 13 वर्ष पूर्व चाकू से गोदकर की थी हत्या, अब हुई उम्रकैद की सजा, बबलू हत्याकांड में आया फैसला

Bablu Haytakand: बबलू हत्याकांड मामले में कोर्ट ने दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया है।

Kaushlendra Pandey
Updated on: 25 May 2022 3:51 PM GMT
Sonbhadra Crime News
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सजा (कॉन्सेप्ट फोटो साभार- सोशल मीडिया)

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Sonbhadra Crime News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले (Sonbhadra) में राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र (Robertsganj Kotwali Chetra) के राजा लाखन बाबा मंदिर (Raja Lakhan Baba Mandir) के पास 13 वर्ष पूर्व दिनदहाड़े चाकू घोपकर की गई हत्या के मामले में दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। बबलू हत्याकांड (Bablu Murder Case) के इस मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र अशोक कुमार की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। दोषी संजय विश्वकर्मा को उम्रकैद के साथ अर्थदंड की भी सजा सुनाई गई है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतने के लिए कहा गया है।

क्या है बबलू हत्याकांड?

अभियोजन कथानक के मुताबिक, राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के हर्षनगर, राबर्ट्सगंज निवासी संजय पुत्र स्व. शंकर ने 8 सितंबर 2009 को राबर्ट्सगंज कोतवाली पहुंच कर तहरीर दी। उसमें आरोप लगाया कि उसका बड़ा भाई बबलू शौच के लिए सुबह करीब आठ बजे घर से बाहर निकला था। जब वह राजा लाखन बाबा मंदिर के पास स्थित तालाब के पास पहुंचा, तभी हाथ में चाकू लेकर राबर्ट्सगंज के वार्ड नंबर 10, हमीदनगर निवासी संजय विश्वकर्मा पुत्र मंगलदास उसे चाकू से मारने लगा। शोर करने पर ओमप्रकाश, हरिदास समेत आसपास के कई लोग आ गए। लोगों को आता देख वह चाकू लहराते हुए रेलवे स्टेशन की ओर भागने लगा। तब तक लोगों ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया। उसके कब्जे से चाकू भी बरामद हो गया।

उधर, चाकू से गम्भीर चोट लगने की वजह से बबलू की मौके पर ही मौत हो गई। इस तहरीर पर पुलिस ने हत्या और एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना। गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके आधार पर दोषसिद्ध पाकर दोषी संजय विश्वकर्मा को उम्रकैद और अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील शशांक शेखर कात्यायन ने मामले की पैरवी की।

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Shreya

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