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Lucknow: बलरामपुर अस्पताल के CMS डॉ. जीपी गुप्ता ने दिया इस्तीफ़ा, निदेशक पर लगाए गबन के आरोप

Lucknow: प्रदेश के सबसे पुराने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीपी गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

Shashwat Mishra
Updated on: 16 Sep 2022 4:45 PM GMT
Balrampur Hospitals CMS Dr. GP Gupta resigns, alleging embezzlement against the director
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बलरामपुर अस्पताल के CMS डॉ. जीपी गुप्ता ने दिया इस्तीफ़ा: Photo- Social Media

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Lucknow: प्रदेश के सबसे पुराने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीपी गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। डॉ. जीपी गुप्ता ने निदेशक व चिकित्सा अधीक्षक के काम करने के रवैये को बेहद ख़राब करार दिया। उन्होंने निदेशक पर निजी कम्पनियों को फ़ायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया। साथ ही, डॉ. जीपी गुप्ता ने कहा कि निदेशक ने अब तक 15-20 लाख रुपये का गबन किया है। हालांकि, उन्होंने अपने पद से इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है।

निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का है आरोप

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने निदेशक व चिकित्सा अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए बोले- निदेशक व चिकित्सा अधीक्षक के काम करने का रवैया बेहद ख़राब है। निदेशक सुबह 11 बजे अस्पताल आते हैं और शाम 4 बजे चले जाते हैं। उन्होंने निदेशक पर अस्पताल में सफाई करने वाली 'सन फार्मा' कंपनी से सांठ-गांठ व कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अब तक 15-20 लाख रुपये के गबन किया है। साथ ही, डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि डायरेक्टर की ही वजह से उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के द्वारा उद्घाटन की हुई लैब अब तक नहीं शुरू हो सकी है। उन्होंने इस मामले में बताया कि लैब का 90 प्रतिशत काम हो चुका है, लेकिन निदेशक कंपनी से सांठ-गांठ करने में जुटे हैं। इसलिए, लैब अब तक नहीं शुरू हो सकी।

सीएमएस रहते हुए डॉ. जीपी गुप्ता ने किये कई शानदार काम

गौरतलब है कि बलरामपुर अस्पताल में बतौर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रहते हुए डॉ. जीपी गुप्ता ने कैंसर मरीज़ों के लिए ओपीडी शुरू की। जिससे लोहिया, केजीएमयू और एसजीपीजीआई जैसे संस्थानों पर दबाव कम पड़ा। इसके अलावा, उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को 50 से 150 बेड किया। आईसीयू व वेंटिलेटर शुरू किया। वहीं, सिस्टर व इंचार्ज के छोटे-छोटे यूनिट को खत्म कर बड़े यूनिट के रूप में स्थापित किया। जिससे कार्य करने व मरीज़ों को उपचार देने में आसानी हुई।

Shashi kant gautam

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