भाजपा सांसद- विधायक की गुहार, यूपी पुलिस नहीं कोई दूसरी एजेंसी करे जांच

इस मामले में पसमांदा मुस्लिम समाज ने आंदोलन की राह अपनाते हुए पुलिस को भी कटघरे में खड़ा कर दिया और इसमें उनको साथ मिला बाराबंकी के भाजपा सांसद उपेंद्र सिंह रावत , विधायक बैजनाथ रावत , विधायक राम नरेश रावत , विधायक शैलेश सिंह शैलू का |

Published by Rahul Joy Published: June 22, 2020 | 11:34 am
Modified: June 22, 2020 | 6:00 pm
upendra singh rawat

upendra singh rawat

बाराबंकी: देश के आधे से ज्यादा भूभाग पर राज करने वाली भाजपा पर जनता का विश्चवास चरम पर है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यही है कि वह हर चुनाव भारी अन्तर से जीत रही है | जनता का विश्वास तो भाजपा और उसकी सरकार जीत रही है मगर शायद अपने सांसदों और विधायकों का विश्वास जीतने में नाकाम हो रही है |

बाराबंकी में भाजपा और सांसदों के पत्रों से यह साफ़ हो जाता है कि उन्हें पाने की सरकार की पुलिस पर भरोसा नहीं है | इसी लिए वह एक मामले को लेकर पुलिस की बजाय अन्य जांच एजेंसियों के माध्यम कराने की अपील मुख्यमंत्री से कर रहे हैं |

इन लोगों का मिला साथ

मामला बाराबंकी जनपद के थाना मसौली इलाके के बासा का है जहाँ पुलिस ने कुछ दिनों पूर्व एक युवक नसरुद्दीन को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था | इस मामले में पसमांदा मुस्लिम समाज ने आंदोलन की राह अपनाते हुए पुलिस को भी कटघरे में खड़ा कर दिया और इसमें उनको साथ मिला बाराबंकी के भाजपा सांसद उपेंद्र सिंह रावत , विधायक बैजनाथ रावत , विधायक राम नरेश रावत , विधायक शैलेश सिंह शैलू का | इन भाजपा के नामचीन नेताओं भी पसमांदा मुस्लिम समाज की हाँ में हाँ मिलाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर निष्पक्ष जांच कराये जाने की बात कही |

इन नेताओं के पत्रों की ख़ास बात यह है कि इन लोगों ने मुख्यमंत्री से यह अनुरोध किया है कि बाराबंकी पुलिस के द्वारा निष्पक्ष जांच होना संभव नहीं है और किसी अन्य जांच एजेन्सी से इस घटना की जांच कराई जाए |

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मुख्यमंत्री योगी करेंगे न्याय

पसमांदा मुस्लिम समाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद वसीम राईन ने कहा कि युवक नसरुद्दीन निर्दोष है और पुलिस ने उसे किसी के द्वारा की गयी साज़िश के तहत गिरफ्तार किया है | जिस समय पुलिस इसकी गिरफ्तारी बता रही है उस समय नसरुद्दीन एक अन्य कार्यक्रम में था |

पुलिस का उसे गिरफ्तार करना और एनडीपीएस में फंसाना पूरी तरह गलत है और उसके सही तथ्यों को जानकार ही भाजपा के सांसद और विधायकों ने निष्पक्ष जांच की बात कही है | पुलिस की इस पक्षपातपूर्ण कार्यवाई की पसमांदा मुस्लिम समाज निंदा करता है और आशा करता है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न्याय करेंगे और बाराबंकी पुलिस के खिलाफ कठोर कार्यवाई करेंगे |

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बीस लाख रुपए की मांग की

इस मामले में पीड़ित नसरुद्दीन और उनके परिजनों ने बताया कि गांव में प्रधानी का चुनाव लड़ने के चलते उनके साथ रंजिश निकाली जा रही है। वह एक दिन गांव में अपनी एक जान पहचान वाले शख्स की मिट्टी देने के लिए आए थे वहीं से पुलिस वालों ने उन्हें जबरदस्ती उठा लिया और बीस लाख रुपए की मांग करने लगे। उन्हें जब उनसे पूछा कि किस बात के पैसे देने हैं तो पुलिस वाले उन्हें अवैध मार्फीन के केस में जेल भेजने की धमकी देने लगे। और जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तो उन्हें डेढ़ सौ ग्राम एतवार किन के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

वो इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रहा है, स्वास्थ्य पुलिस वालों पर गंभीर आरोप लगा रहा है। पुलिस के मुताबिक उसके घर वालों ने किसी तरह 18 लाख रुपए का इंतजाम करके पुलिस वाले को दिया तब जाकर पुलिस वालों ने उन लोगों को परेशान करना बंद किया।

रिपोर्टर- सरफ़राज़ वारसी, बाराबंकी

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