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पद्मश्री बेकल उत्साही हुए सुपुर्द-ए-खाक, नम आखों से दी गई अंतिम विदाई

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amanBy aman

Published on 4 Dec 2016 3:19 PM GMT

पद्मश्री बेकल उत्साही हुए सुपुर्द-ए-खाक, नम आखों से दी गई अंतिम विदाई
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पद्मश्री बेकल उत्साही हुए सुपुर्द-ए-खाक, नम आखों से दी गई अंतिम विदाई

बलरामपुर: 'मैं तुलसी का वंश हूं और बलरामपुर का संत हूं' जैसे नज्म से लोगों के दिलोदिमाग पर अपनी छाप छोड़ने वाले पद्मश्री बेकल उत्साही (88 वर्ष) का शनिवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया। बेकल उत्साही दिल्ली के लाजपतनगर में अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे। उनके सिर में गंभीर चोटें आईं थी। गंभीर हालात में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की हर मुमकिन कोशिश के बावजूद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका।

सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बेकल उत्साही के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, उनकी काबिलियत के कारण ही उन्हें राज्य सभा भेजा गया था। बाद में यश भारती सम्मान से भी नवाजा गया।

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शायरी से अपनी पहचान बनाने वाले बेकल उत्साही के इस दुनिया से रुखसत होने की खबर से साहित्य क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बेकल साहब ने अपने परिवार से अपनी अंतिम इच्छा जाहिर करते हुए खुद को अपने मकान के सामने दफन करने की बात कही थी। रविवार को उनके शव को दिल्ली से बलरामपुर लाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

आगे की स्लाइड्स में देखें बेकल साहब के सुपुर्द-ए-खाक की अन्य तस्वीरें ...

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पद्मश्री बेकल उत्साही हुए सुपुर्द-ए-खाक, नम आखों से दी गई अंतिम विदाई

पद्मश्री बेकल उत्साही हुए सुपुर्द-ए-खाक, नम आखों से दी गई अंतिम विदाई

पद्मश्री बेकल उत्साही हुए सुपुर्द-ए-खाक, नम आखों से दी गई अंतिम विदाई

पद्मश्री बेकल उत्साही हुए सुपुर्द-ए-खाक, नम आखों से दी गई अंतिम विदाई

पद्मश्री बेकल उत्साही हुए सुपुर्द-ए-खाक, नम आखों से दी गई अंतिम विदाई

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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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