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बेनी वर्मा ने फिर थामा मुलायम का दामन, बन सकते हैं राज्यसभा सदस्य

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 13 May 2016 9:02 AM GMT

बेनी वर्मा ने फिर थामा मुलायम का दामन, बन सकते हैं राज्यसभा सदस्य
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लखनऊः एक दौर में मुलायम सिंह के सबसे करीबी रहे बेनी प्रसाद वर्मा ने शुक्रवार को फिर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। वह पहले भी सपा में रहे, लेकिन नाराज होकर साल 2007 में सपा छोड़ दी थी। बाद में कांग्रेस के टिकट पर बेनी वर्मा गोण्डा से सांसद बने और केंद्र की यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे। चर्चा है कि सपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। बेनी के साथ किरनपाल सिंह ने भी सपा की सदस्यता ली है।

बेनी प्रसाद वर्मा के सपा में शामिल होने के मौके पर आजम खान से बात करते मुलायम सिंह बेनी प्रसाद वर्मा के सपा में शामिल होने के मौके पर आजम खान से बात करते मुलायम सिंह

क्या बोले बेनी?

-कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहा था, वहां का कल्चर ही अलग है।

-अगले चुनाव में अखिलेश का विरोध करने में खुद को सक्षम नहीं पाता हूं।

-मुझे कांग्रेस में सम्मान देने के लिए सोनिया और राहुल गांधी का आभारी हूं।

आजम को बेनी से शिकायत

-आजम खान ने कहा कि बेनी बाबू आपने दिल बहुत दिखाया है।

-मुलायम सिंह ने आपकी शान में गुस्ताखी वाला एक शब्द नहीं कहा।

-पहले लोग नेताजी की मुखालिफत करते हैं और फिर बड़े ख्वाब देखते हैं।

-आप नेताजी से अखिलेश की तारीफ कर रहे थे।

-अखिलेश से आजम बोले, आपको ताज्जुब क्यों हो रहा है।

क्या कहा अखिलेश ने?

-पुरानी वाइन, किताबें और दोस्त कभी भुलाए नहीं जा सकते।

-बेनी के आने से पार्टी को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।

-इनकी मौजूदगी से सपा दोबारा यूपी में सरकार बना सकेगी।

बेनी वर्मा का राजनीतिक करियर

-कई साल तक यूपी की सपा सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे।

-देवेगौड़ा सरकार के दौरान 1996 से 1998 तक केंद्र में संचार मंत्री का पद संभाला।

-1998, 1999, 2004 और 2009 में गोण्डा से सांसद चुने गए।

-यूपीए सरकार के दौरान 12 जुलाई 2011 को इस्पात मंत्री भी बनाए गए।

-पिछले लोकसभा चुनाव में हारने के बाद बेनी वर्मा कांग्रेस में हाशिए पर थे।

मुलायम से बेनी क्यों हुए थे अलग?

-साल 2007 में अमर सिंह का सपा में रुतबा चरम पर था।

-इस दौरान बेनी वर्मा, आजम खान और रेवती रमण सिंह हाशिए पर थे।

-बेनी का गुस्सा विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट बांटने को लेकर भी थी।

-गोण्डा, बाराबंकी, श्रावस्ती, बलरामपुर जिलों में बेनी को ताकतवर माना जाता है।

-इन सीटों के लिए टिकट बांटने में बेनी प्रसाद वर्मा की राय नहीं ली गई थी।

बेनी वर्मा के सपा में फिर शामिल होने के मौके पर मीडिया से बात करते सीएम अखिलेश यादव बेनी वर्मा के सपा में फिर शामिल होने के मौके पर मीडिया से बात करते सीएम अखिलेश यादव

बेटे को टिकट न मिलने पर भड़के

-2007 में बेनी प्रसाद वर्मा अपने बेटे राकेश के लिए टिकट चाहते थे।

-अमर सिंह की वजह से राकेश वर्मा को टिकट नहीं मिल सका था।

-बेनी ने इस पर सपा छोड़कर समाजवादी क्रांति दल बनाया।

-साल 2008 में वह कांग्रेस में शामिल हुए।

2013 से मुलायम की तारीफ शुरू की

-बेनी प्रसाद वर्मा साल 2013 से मुलायम की तारीफ करते नजर आए।

-उन्होंने जुलाई में कहा था कि मुलायम को वह पीएम बनते देखना चाहते हैं।

-इससे पहले यूपीए सरकार में मंत्री रहते मुलायम से संसद में ही उनकी तकरार तक हुई थी।

-मुलायम पर आतंकियों को पनाह देने तक का बेनी वर्मा ने आरोप लगाया था।

पीएल पुनिया से भी छत्तीस का आंकड़ा

-बेनी वर्मा का कांग्रेस में रहते पीएल पुनिया से भी छत्तीस का आंकड़ा रहा।

-पीएल पुनिया और बेनी के बीच बयानों की जंग आए दिन छिड़ती रहती।

-अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता हैं पीएल पुनिया।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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