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Lakhimpur Kheri: भाकियू ने मंत्री अजय मिश्रा टेनी का पुतला फूंका, कलेक्ट्रेट पर धरना देकर पीएम के नाम ज्ञापन DM को सौंपा

Lakhimpur Kheri: किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन ने लखीमपुर खीरी नरसंहार के प्रकरण को लेकर बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया

Himanshu Srivastava
Updated on: 2022-10-03T18:40:02+05:30
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भाकियू ने कलेक्ट्रेट पर दिया धरना

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Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी कांड की पहली बरसी पर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में स्थित महावीर चौक पर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी का पुतला दहन कर अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। दरअसल आपको बता दें कि आज 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी कांड को 1 साल हो गया है। जिसके चलते संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मुजफ्फरनगर में मंत्री अजय मिश्रा टेनी का पुतला दहन करते हुए जोरदार नारेबाजी की।

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी कांड को 1 साल हो गया है। जिसमें किसानों को कार से रौंद दिया गया था जिसमें एक पत्रकार की भी हत्या कर दी गई थी। अजय मिश्र टेनी जो मंत्री हैं वह इस मामले में 120 बी एसआईटी जाँच में दोषी पाए गए थे जिन्हें आज तक भी उन्हें उनके पद से नहीं हटाया है और ना ही कोई उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। हमारी तब से ही यह मांग चल रही है जब तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करी जाएगी उन्हें हटाया नहीं जाएगा संयुक्त किसान मोर्चा बार-बार इस मुद्दे को उठाता रहेगा। आज इस घटना को 1 साल हो गया है। मंत्री अजय टेनी और उनके बेटे ने षड्यंत्र के साथ इस घटना को अंजाम दिया था मंत्री इस मामले में 120 बी के मुजरिम पाए गए थे लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई सरकार ने नहीं की है मंत्री अजय मिश्र टेनी ने खुद कहा था कि अगर मैं जांच में दोषी पाया गया तो अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा लेकिन एसआईटी की जांच में वह 120b के मुजरिम पाए गए हैं उसके बाद भी आज तक वह अपने पद पर बने हुए हैं जब तक उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्यवाही नहीं होगी तब तक संयुक्त किसान मोर्चा अपना आंदोलन जारी रखेगा।


इससे पूर्व किसान संयुक्त मोर्चा (Kisan Sanyukt Morcha) के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union) ने लखीमपुर खीरी नरसंहार के प्रकरण को लेकर बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी (Union Minister of State for Home Ajay Mishra Teni) के इस्तीफे की मांग वह मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किए जाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।

दरअसल, आपको बता दें मामला जनपद शामली के कलेक्ट्रेट का है किसानों ने बताया कि मंत्री के बेटे द्वारा विगत 3 अक्टूबर को किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ाकर 5 किसान में एक पत्रकार को मौत के घाट उतार दिया था। लेकिन तब से मंत्री अपने पद पर बना हुआ है। ज्ञापन में कहा गया है कि एसआईटी ने भी अपनी जांच में स्वीकार किया है कि मंत्री 120 बी धारा का आरोपी है। इसलिए ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से मांग की गई है कि अजय मिश्र टेनी को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर उनके विरुद्ध मामला दर्ज कर मुकदमा चलाया जाये।


किसानों पर किए गए मामलों को तुरंत लिए जाएं वापस: किसान

किसानों का कहना है कि उनके 4 किसानों पर 302 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल में डाला गया है, क्योंकि उन्होंने आत्मरक्षा में कदम उठाया था, इसलिए उनके विरुद्ध तुरंत मामला वापस लेकर उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। ज्ञापन में मृतक परिजनों को 45 लाख और घायलों को 10 लाख का मुआवजा देने का आश्वासन व परिवार के एक सदस्य को नौकरी की बात स्वीकार की थी।


आरोपियों के विरुद्ध कठोर की जानी चाहिए कार्रवाई

सरकार को अपनी बातों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ज्ञापन में कहा गया है कि लगातार इस घटना के चश्मदीद गवाहों पर हमले हो रहे हैं, सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

Deepak Kumar

Deepak Kumar

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