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BJP में उहापोह, राजनाथ को CM के तौर पर प्रोजेक्ट करने में कई पेंच

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RishiBy Rishi

Published on 9 Jun 2016 8:53 PM GMT

BJP में उहापोह, राजनाथ को CM के तौर पर प्रोजेक्ट करने में कई पेंच
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लखनऊः गृहमंत्री राजनाथ सिंह को यूपी में सीएम कैंडिडेट के तौर पर प्रोजेक्ट करने के कयास भले लगाए जा रहे हों, लेकिन इसे लेकर बीजेपी में उहापोह की स्थिति है। दरअसल, कई पेंच इसकी वजह हैं। खुद राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि वह यूपी में सीएम कैंडिडेट नहीं होना चाहते।अमित शाह भी किसी का चेहरा प्रोजेक्ट करने से इनकार कर चुके हैं। राजनाथ को आगे करने से ब्राह्मण वोटर कहीं नाराज न हो जाएं, ये भी बीजेपी नेतृत्व की चिंता है।

राजनाथ ने क्या कहा था?

-एक टीवी चैनल के शो में पहुंचे थे राजनाथ सिंह।

-वहां यूपी चुनाव में यूपी में सीएम कैंडिडेट के तौर पर सवाल पूछा गया था।

-राजनाथ सिंह ने साफ कहा था कि वह सीएम कैंडिडेट नहीं होंगे।

अमित शाह ने क्या कहा था?

-अमित शाह ने लखनऊ में कहा था कि जनता ही यूपी का राम तय करेगी।

-उन्होंने संकेत दिए थे कि पहले से किसी को सीएम प्रोजेक्ट नहीं किया जाएगा।

क्या है ब्राह्मण वोट बैंक की गणित?

-बीजेपी के वोट बैंक में बड़ी संख्या में ब्राह्मण जुड़े हुए हैं।

-यूपी के 62 जिलों में ब्राह्मण वोटरों की तादाद 8 फीसदी से ज्यादा है। इनमें से 31 जिलों में ब्राह्मण वोटर 12 फीसदी से ज्यादा हैं।

-यूपी में 6 सीएम ब्राह्मण ही हुए हैं।

कहां कितने ब्राह्मण वोटर?

-पश्चिमी यूपी के जिलों में 12 फीसदी या ज्यादा ब्राह्मण वोटर हैं।

-मथुरा में ब्राह्मण वोटरों की तादाद करीब 16 फीसदी है।

-पूर्वी यूपी के जिलों में करीब 16 फीसदी ब्राह्मण वोटर हैं।

बुकलेट में बैक पेज पर राजनाथ

-इलाहाबाद में पार्टी कार्यसमिति बैठक के लिए छपी है बुकलेट।

-कवर पेज में अटल और आडवाणी के साथ शाह और मोदी की तस्वीरें हैं।

-बैक पेज पर पीएम मोदी से गले मिलते राजनाथ सिंह की तस्वीर बुकलेट में छापी गई है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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