×

Firozabad: आलू बना महिलाओं के लिए रोजगार, ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संवरेगी किसानों की जिंदगी

आलू के चिप्स बनाने के प्लांट लगाने का जिम्मा उठाया फिरोजाबाद जनपद में ही रहने वाली महिलाओं ने मुख्य विकास अधिकारी, चर्चित गॉड के निर्देशन में धन इकट्ठा करना शुरू हुआ और सभी महिलाओं ने 650 महिलाओं ने 3000 रुपये प्रति माह के महिला के हिसाब से अपना अंशदान बैंक में जमा कराया।

Brajesh Rathore

Brajesh RathoreReport Brajesh RathoreDeepak KumarPublished By Deepak Kumar

Published on 12 Nov 2021 5:23 AM GMT

Firozabad: आलू बना महिलाओं के लिए रोजगार, ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संवरेगी किसानों की जिंदगी
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

Firozabad: उत्तर प्रदेश में जनपद फिरोजाबाद आलू उत्पादक का प्रमुख क्षेत्र रहा है, यहां आलू इतनी अधिक मात्रा में होता है कि आलू की कीमत कम होने के कारण यह बिक नहीं पाता और सड़ जाता है जिसे फेंक दिया जाता है, जिले में काफी समय से मांग थी, आलू की सही कीमत मिले और आलू का सदुपयोग हो। इस इलाके के लोगों की पिछले कई दशकों से मांग की जाती रही की आलू से चिप्स बनाने का प्लांट इसी इलाके में लगाया जाये। चुनाव के समय राजनीतिक दल भी हमेशा आलू के चिप्स बनाने के सरकारी प्लांट लगाने का आश्वासन देते रहे।


लेकिन पिछले कई माह से आलू के प्लांट आलू के चिप्स बनाने के प्लांट लगाने का जिम्मा उठाया फिरोजाबाद जनपद में ही रहने वाली महिलाओं ने मुख्य विकास अधिकारी, चर्चित गॉड के निर्देशन में धन इकट्ठा करना शुरू हुआ और सभी महिलाओं ने 650 महिलाओं ने 3000 रुपये प्रति माह के महिला के हिसाब से अपना अंशदान बैंक में जमा कराया। मुख्य विकास अधिकारी चर्चित गॉड ने इनका बैंक में खाता खोलकर इनकी कंपनी को पहले कंपनी एक्ट में रजिस्टर्ड कराया और ये सभी महिलाएं इस कंपनी की शेयर होल्डर बन गई।


घरेलू महिलाओं के अति उत्साह को देखकर मुख्य विकास अधिकारी ने इस इस प्लांट के लगाने के लिए प्लांट लगाने वाले विशेषज्ञ लोगों से बात की, फिर लगभग 3 माह में ये प्लांट शिकोहाबाद कस्बे के दिखतोली गांव में किराए के भवन में बनकर तैयार हो गया। इस जगह प्लांट इस लिए लगाया कि इस इलाके के आसपास आलू की पैदावार अधिक है। शुरुआत से अब तक प्लांट का खर्चा करीब-करीब ₹ 60 लाख का आया है।

इस कार्य मे सभी 650 महिलाओं ने जितना अंशदान किया उसके अलावा जितना भी धन चाहिए था। वह बैंक ने इनको सस्ती ब्याज पर मुहैया करा दिया है। अब इन महिलाओं के द्वारा इस अनूठी पहल को मूर्त रुप दिया जा चुका है और इसका आज विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है जो अब ग्रामीण क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।


इस प्लांट के संचालन में सहायता समूह की 650 महिलाएं इसका आलू के चिप्स का निर्माण करेंगी और बिक्री करेंगी। इस आलू के चिप्स का ब्रांड नाम आर्च रखा गया है। इससे महिलाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध हुए है। इस प्लांट को लगाने में 60 लाख रुपये की लागत आई है और इसमें 50 किलोग्राम आलू प्रति घंटे के हिसाब से चिप्स बनाए जा सकेंगे। आधुनिक तकनीक से बने इस प्लांट में उत्पादन का कार्य सुचारू रूप से हो जाएगा तो इसकी क्षमता बढ़ा दी जाएगी। फिलहाल कई दिनों से चिप्स के उत्पादन का ट्रॉयल कंपनी द्वारा कर दिया है। यह कार्य ग्रामीण अजीविका मिशन स्वावलंबी बनाने की योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के विकास का नया आयाम है।

taja khabar aaj ki uttar pradesh 2021, ताजा खबर आज की उत्तर प्रदेश 2021

Deepak Kumar

Deepak Kumar

Next Story