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Firozabad News:सोमवार को मुख्यमंत्री जिस बालिका से हॉस्पिटल में मिले थे, मंगलवार को वो लड़की दुनिया से हो गई विदा

Firozabad News :फिरोजाबाद में अभी मौत का तांडव थमा नहीं है। वायरल बुखार तथा संदिग्ध डेंगू के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।

Brajesh Rathore

Brajesh RathoreReport Brajesh RathoreShraddhaPublished By Shraddha

Published on 1 Sep 2021 7:26 AM GMT

बुखार के चलते इस बच्ची की हुई मौत
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 बुखार के चलते इस बच्ची की हुई मौत

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Firozabad News : फिरोजाबाद में अभी मौत का तांडव थमा नहीं है। वायरल बुखार (Viral Fever) तथा संदिग्ध डेंगू (Dengue) के मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। वही फिरोजाबाद के सदर विधायक मनीष असीजा की माने तो अभी तक 52 की मौत हो चुकी है। सैकड़ों बीमार हैं। बहुत से मरीजों के तीमारदार अपने बीमार मरीजों को लेकर आगरा व अन्य जिलों में निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

इस महामारी को देखते हुए सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने मेडिकल कॉलेज स्थित बच्चों के वार्ड का निरीक्षण किया था। योगी आदित्यनाथ बेड नंबर 55 पर 14 वर्ष की को कोमल पुत्री रामकुमार निवासी कबीर नगर से मिले थे और सांत्वना दी थी कि उसका इलाज बेहतर तरह से होगा। लेकिन मंगलवार की शाम को ही इस बालिका की दुखद मौत हो गई।


हाथरस जनपद के सासनी कस्बे के गांव नगला मियां के रहने वाले रामकुमार फिलहाल फिरोजाबाद के आनंद नगर खेड़ा में एक किराए के मकान में रहते हैं। मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों को पाल रहे थे। इनकी 14 वर्षीय पुत्री कोमल पिछले 3 दिन पूर्व ही तीव्र बुखार से ग्रसित हुई थी। मुख्य मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व सोमवार को सुबह कोमल को 100 सैया हॉस्पिटल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया था। सोमवार को दोपहर जब उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मरीजों से मिलने आए तो इस बालिका से भी मिले थे। इस बालिका का हालचाल जाना था इस लड़की से बात भी की थी और उसे बेहतर से बेहतर इलाज देने के लिए भी डॉक्टरों को हिदायत दी थी।

दरअसल इस बालिका की अचानक रविवार की रात को प्लेटलेट काफी कम हो गई और इसको ब्लड भी चढ़ाया गया था। रामकुमार की मानें तो उसने खुद अपनी बेटी को खून दिया था। लेकिन हालत में सुधार नहीं आया। आज दोपहर में उसकी हालत भी गंभीर होती चली गई। कोमल की मां ने डॉक्टरों से विनती की किसी तरह उसकी बच्ची को बचा लें। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने रामकुमार को सलाह दी कि वह चाहे तो अपनी बेटी के आगे के इलाज के लिए किसी अच्छे प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जा सकते हैं। रामकुमार कोमल को मंगलवार की दोपहर 2 बजे मेडिकल कॉलेज से हाथरस निजी अस्पताल ले जा रहा था कि शाम 5 बजे रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

बताया था कि उसकी बेटी को डेंगू हुआ है। प्लेटलेट्स 25 हजार थी। मैंने कल रात को चार बोतल खून भी दिया। सुबह कहा कि ट्रीटमेंट से बच्ची घबरा रही है। कभी बोले कि अभी स्टाफ नहीं है। कभी कहते हैं नीचे जाइए कभी कहते हैं ऊपर जाइए। अब हालत खराब है और डॉक्टर कह रहे हैं कि आगरा ले जाओ। कल सुबह लाया था अब जब योगी जी आए थे। तब जब मैंने कहा कि छुट्टी कर दो किसी प्राइवेट से इलाज करा लूंगा तो कहते हैं कि पहले लिख कर दो।

Shraddha

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