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बुलंदशहर में गंगा का रौद्र प्रवाह,2 मंदिर, 2 धर्मशाला, पेड़ गंगा में समाएं,वीडियो वायरल
Bulandahahr News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भारी बारिश और गंगा बैराज से छोड़े पानी के चलते गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। स्याना में दो मंदिर और धर्मशालाएं डूब गईं, अनूपशहर में 12 साल का बाढ़ रिकॉर्ड टूटा
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Bulandahahr News: पहाड़ी इलाको में बारिश, बादल फटने, हरिद्वार और बिजनौर गंगा बैराज से जल छोड़े जाने और मैदानी क्षेत्रों में भी हो रही बारिश के चलते यूपी के बुलंदशहर में गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। स्याना क्षेत्र में जहां गंगा किनारे बने 2 अस्थाई मंदिर और धर्मशालाएं गंगा में समा गई वहीं तटीय ग्रामों के खेतों की फैसले जलमग्न हो गई हैं । आहार, अनूपशहर और नरौरा में गंगा खतरे के निशान से उपर बह रही है। गंगा के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन, बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड में है। एक किमी पहले ही श्रद्धालुओं को गंगा में जाने से पहले रोका जा रहा है।
स्याना तहसील क्षेत्र में डूबे 2 तटीय मंदिर,अस्थाई धर्मशाला
पहाड़ी क्षेत्रों में कहर बरपा रही गंगा ने मैदानी इलाकों में भी रौद्र रुप धारण कर लिया है। स्याना तहसील क्षेत्र के खादर और सिद्ध बाबा इलाके में रविवार को गंगा किनारे बने दो छोटे मंदिर और दो अस्थाई धर्मशालाएं गंगा में समा गई। जिनके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। यही नहीं गंगा किनारे दर्जनों पेड़ गंगा में समा गए। वीडियो वायरल होने के बाद स्याना तहसील प्रशासन जागा और इलाके में पेट्रोलिंग शुरू कर दी। स्याना के तहसीलदार ने बताया कि गंगा किनारे बने दो मंदिर, दो अस्थाई धर्मशालाएं गंगा में समा गए है। गंगा से एक किमी पहले श्रद्धालुओं को रोक जा रहा है। इसके लिए बाकायदा पुलिस पिकेट तैनात की गई है।
अनूपशहर में पुल पिलर कैप से छूकर हो रहा गंगा धारा प्रवाह
आहार में गंगा रौद्र रूप में भी रही है। अनूपशहर में भी गंगापुल के पिलर कैप से छूकर गंगा बह रही है। इस बार गंगा में आई बाढ़ ने पिछले 12 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।खादर क्षेत्र के अहार, मारगपुर, मुबारकपुर, सिरौरा, तोरई, बच्ची खेड़ा, शेरपुर, रुड बांगर, उदयपुर गांव की हजारों बीघा फसलों में बाढ़ का पानी बहने से किसानों को भारी क्षति होने की सम्भावना है। लोगों का मानना है कि 2013 के बाद सर्वाधिक बाढ़ आई है। कुंज घाट, शनिदेव मंदिर, जाह्नवी द्वार, गंगा द्वार जलमग्न हो गया है। गंगा खतरे के निशान से उपर बह रही है। हालांकि अनूपशहर की एसडीएम प्रियंका गोयल का कहना है कि शनिवार से रविवार को गंगा का जल स्तर कम हुआ है। लेकर राजस्व टीमें बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड में है। ग्रामीणों को गंगा किनारे न जाने की मुनादी कराई जा रही है। तटीय इलाकों के खेती में बाढ़ का पानी घुसा है लेकिन ज्यादा नुकसान नहीं है। अधिकांश किसानों ने गाने की फसल बो रखी है जिसको पानी वैसे भी चाहिए, फिर भी राजस्व टीमों द्वारा क्षति का आंकलन करा लिया गया है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा, अलर्ट
वहीं नरौरा स्थित चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज पर भी गंगा लगातार खतरे के निशान से लगभग 62 सेमी ऊपर बह रही है। गंगा किनारे खादर क्षेत्र में फसलों के जलमग्न होने से किसानों को भारी नुकसान है और पशुओं को चारे की समस्या होने लगी है। सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी नरौरा गंगा बैराज पर कैंप कर गंगा के दोनों ओर के तटबांधों की निगरानी में लगे हैं। सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि नरौरा में गंगा नदी के सभी बांध दुरुस्त हैं। बैराज पर कंप्यूटराइज कंट्रोल रूम के जरिए बैराज के गेटों का संचालन सुचारु रूप से हो रहा है। अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में गंगा के मुख्य बिंदुओं पर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। शुक्रवार रात 12 बजे से गंगा खतरे के निशान को पार कर गई थी। इसके बाद शनिवार को दिन और रात भर गंगा का बहाव 3 लाख 5 हजार 41 क्यूसेक प्रति सेकंड की दर पर स्थिर रहा। जबकि खतरे के निशान से 62 सेमी ऊपर यानी 179.39 मीटर का जलस्तर बना हुआ है। हालांकि हरिद्वार और बिजनौर से डाउनस्ट्रीम में जलस्तर कम होने की सूचना से अब सोमवार को गंगा में जलस्तर घटने की संभावना है। हालांकि तटीय इलाकों में रहने वाले किसानों को अलर्ट रहने को कहा गया है।

