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Chandauli News : गंगा के उफान ने मचाया कहर, ट्रेलर बाढ़ के पानी में समाया, कई गांव जलमग्न
Chandauli News: धीना थाना क्षेत्र के अंतर्गत रविवार को माहूजी–कमालपुर मार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक ट्रेलर बाढ़ के पानी से भरी सड़क पर फिसलकर गहरे पानी में समा गया।
Ganga flood Chandauli
Chandauli News: चंदौली जनपद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और अब यह रौद्र रूप धारण कर चुका है। धीना थाना क्षेत्र के अंतर्गत रविवार को माहूजी–कमालपुर मार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक ट्रेलर बाढ़ के पानी से भरी सड़क पर फिसलकर गहरे पानी में समा गया। इस हादसे में चालक की जान ग्रामीणों की सूझबूझ और बहादुरी से बच सकी।
फिसलकर बाढ़ में समा गया ट्रेलर
जानकारी के अनुसार, ट्रेलर चालक मऊ से वाहन खाली करके बनारस लौट रहा था। जैसे ही वह माहूजी–कमालपुर मार्ग पर पहुंचा, उसे पानी से ढकी सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं हो सका। ट्रेलर असंतुलित होकर किनारे की ओर खिसक गया और बाढ़ के तेज बहाव में फंस गया। वाहन लगभग डूबने की स्थिति में पहुंच गया था, लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाल लिया।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन पर नाराजगी
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बाढ़ के पानी से डूबे मार्ग पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे और न ही बैरिकेटिंग की गई थी, जिससे लोगों को मार्ग की स्थिति का पता चल सके।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत की मांग
थाना धीना के प्रभारी भूपेंद्र निषाद ने पुष्टि की कि ट्रेलर बाढ़ में फंसा है और उसे निकालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और खतरे वाले मार्गों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
रिहायशी इलाकों में घुसा पानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा का पानी अब रिहायशी बस्तियों में तेजी से घुस रहा है। कई घरों में पानी भर गया है और रास्ते अवरुद्ध हो चुके हैं, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मार्गों पर तत्काल बैरिकेटिंग की जाए और राहत व बचाव कार्यों को गति दी जाए, ताकि आगे कोई जानमाल की हानि न हो। दर्जनों गांव जलमग्न, लोग बेघर
गंगा नदी के विकराल रूप ने उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में तबाही मचा दी है।मुगलसराय (पीडीडीयू नगर) क्षेत्र के बहादुरपुर, कुंडा खुर्द, रतनपुर और मिल्कीपुर जैसे दर्जनों गांवों में गंगा का पानी घरों में घुस गया है। यह स्थिति इतनी भयावह है कि गांव के लोग अपना घर-बार छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रभावित लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं।
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जुटे जनप्रतिनिधि
इस आपदा की घड़ी में, स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाज के लोग बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं। जिला पंचायत सदस्य शमीम सिद्दीकी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाबूलाल यादव, दिनेश यादव, भाई राम, राजेंद्र, नरेश साहनी और बबलू यादव समेत कई लोग मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। इन सभी ने शासन और प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
सरकार से मदद की आस
बाढ़ के कारण लोगों का जीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। खाने-पीने से लेकर रहने तक की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। जनप्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री जैसे- सूखा राशन, तिरपाल, दवाइयां और पीने का साफ पानी मुहैया कराया जाए। इसके साथ ही, बाढ़ पीड़ितों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थलों की व्यवस्था करने की भी अपील की गई है। इस मुश्किल समय में सरकार से मिलने वाली मदद ही इन लोगों के लिए जीवन की एकमात्र उम्मीद है। गंगा का जलस्तर कब सामान्य होगा, यह कहना मुश्किल है, लेकिन उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाकर लोगों को इस संकट से बाहर निकालेगा।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, चंदौली में बाढ़ की आशंका: प्रशासन अलर्ट
गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से चंदौली जिले में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसी के मद्देनजर, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने आज दोपहर बाद बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने धानापुर के मेढ़वा- नगवां सहित आसपास के कई गांवों का दौरा किया, जहां गंगा नदी का पानी निचले इलाकों में घुसना शुरू हो गया है। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है और राहत कार्यों की तैयारी तेज कर दी है।
डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी गर्ग ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित हो सकने वाले सभी निचले इलाकों से लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इन विस्थापित लोगों को सभी जरूरी सहायता, जैसे भोजन, पानी, और दवाइयां मुहैया कराई जाएं। इसके लिए राहत शिविरों की व्यवस्था की जा रही है और जरूरी सामग्रियों का स्टॉक तैयार किया जा रहा है।
डीएम ने सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने सिंचाई विभाग को तटबंधों की निगरानी करने और किसी भी संभावित खतरे को तुरंत रिपोर्ट करने को कहा है। पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा दी जा रही जानकारियों पर भरोसा करें। यह निरीक्षण इस बात का संकेत है कि जिला प्रशासन किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।


